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पहली दफ़ा जब आपको पता चलता कि आप डायबिटीज़ से ग्रसित हैं, वो पल आपके लिए जिंदगी बदलने वाला पल साबित होता है. आप अपने दिमाग़ में कहीं ना कहीं खाने के विकल्पों से समझौता करने लग जाते हैं और आपको लगता है कि अब आपको ज़िंदगीभर दवाएं लेनी पड़ेंगी.

अब आप ‘आधिकारिक तौर’ पर एक ‘बीमार’ व्यक्ति बन जाते हैं, जिन्हें अपनी ज़िन्दगी सावधानी से जीने की ज़रूरत होती है.

क्या आपको वाक़ई डरने की ज़रूरत है?

माना कि आप डायबिटीज़ से ग्रसित हैं. लेकिन आपको ज़िन्दगी भर इससे डरे-सहमे रहने की ज़रूरत नहीं है. डायबिटीज़ के साथ स्वस्थ और बेहतर ज़िंदगी जीने का सबसे आसान तरीक़ा ये है कि आप डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखें और इसे ठीक से प्रबंधित करें.

ज़ाहिर है, कहना जितना आसान होता है, करना उतना नहीं. डायबिटीज़ के प्रबंधन के लिए जीवनशैली में बदलाव की ज़रूरत होती है और इस बदलाव के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता चाहिए. लेकिन चिंता न करें, मदद के लिए आपको इधर-उधर जाने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि वो वाक़ई आपके हाथों में है.

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हम यहां बात स्मार्टफ़ोन ऐप्स की कर रहे हैं. आप चिकित्सकों द्वारा प्रमाणित और डायबिटीज़ की समीक्षा और उसे नियंत्रण में करने वाले इन ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये एप्प डायबिटीज़ को प्रबंधित करने में आपकी मदद करते हैं, देखा जाए तो इन ऐप्स का इस्तेमाल करने के एक से अधिक फ़ायदे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:  

1. नुक़सान पहुंचाने वाली आदतों को छोड़ना और फ़ायदेमंद व्यवहार को सीखना

डायबिटीज़ केयर से जुड़ी ऐप्स ख़रीदने या उनमें निवेश करने का सबसे बड़ा फ़ायदा ये है कि ये आपको आपकी उन आदतों से रूबरू करवाती हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, और जिन्हें आपने पिछले कई सालों से अपना रखा है. आपको इन आदतों को छोड़ने के लिए प्रशिक्षण और स्वास्थ्य के नज़रिए से फ़ायदेमंद सलाह भी दी जाती है. ये एक बार दी जाने वाली सलाह नहीं हैं, बल्कि ये जीवनभर आपके काम आने वाली बातें हैं, जिन्हें आप एप्प का इस्तेमाल न करने के बाद भी अमल में लाना जारी रख सकते हैं.

2. रोज़मर्रा के जीवन पर नज़र रखना आसान

डायबिटीज़ को नियंत्रण में रखने का मतलब है कि आपको अपने खाने की आदतों, वज़न, एक्टिविटीज़ और ब्लड शुगर पर नज़र रखना ज़रूरी है. डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने वाले विश्वसनीय ऐप्स आपको ये सब करने में मदद करते हैं. वो आपसे आपके खाने, व्यायाम  से जुड़ी जानकारी मांगते हैं, जिन्हें आपको दर्ज करना पड़ता है. ऐसा करने से अप्रत्‍यक्ष रूप से आपके व्यवहार पर असर पड़ता है, क्योंकि जब आप अपने अस्वस्थ्य भोजन की पूरी सूची और उन दिनों की संख्या देखते हैं जब आप एक्टिव नहीं थे, तो आपको पता चलता है कि आप अपनी जीवनशैली कैसी बना रहे हैं. जिसके चलते आप अपने कोर्स को पूरा करने के लिए प्रेरित भी होते हैं.

3. तुरंत मिलती है प्रतिक्रिया

एप्प पर मौजूद सुविधाओं या फ़ीचर्स से आपके द्वारा दर्ज की गई जानकारी पर आपको तुरंत प्रतिक्रिया मिलती है. उदाहरण के तौर पर जब आप अपने ब्लड शुगर की रीडिंग दर्ज करते हैं तो आपको एप्प तुरंत प्रतिक्रिया देती है कि आपका शुगर या तो बढ़ा हुआ है, सामान्य या कम है. अगर ब्लड शुगर अधिक या कम पाया जाता है तो एप्प आपको बताती है कि आप अपना ख़याल कैसे रख सकते हैं, जिससे शुगर सामान्य स्तर पर लाया जा सके.

4. हेल्थ कोच तक पहुंच

डायबिटीज़ में आत्मप्रेरित रहना काफी मुश्किल काम होता है. इससे निपटने के लिए ज़्यादातर डायबिटीज़ केयर ऐप्स आपको एक निजी स्वास्थ्य प्रशिक्षक (हेल्थ कोच) मुहैया कराते हैं. ये हेल्थ कोच आपके संपर्क में रहते हैं और आपको प्रेरित करते रहते हैं. आप अपने डायबिटीज़ को किस तरह क़ाबू में रख सकते हैं हेल्थ कोच आपको इससे जुड़े दिशा निर्देश भी देते हैं.

5. डॉक्टर के लिए भी मददगार

आसानी से जीवनशैली पर नज़र रखने वाले इन ऐप्स के अपने फ़ायदे हैं. एप्प में जो जानकारी और डेटा आप दर्ज करते हैं उससे ये एप्प ख़ुद-ब-ख़ुद आपकी एक रिपोर्ट तैयार करते हैं, जो आप अगली दफ़ा डॉक्टर के पास लेकर जा सकते हैं. इससे आपके डॉक्टर को आपकी डायबिटीज़ की स्थिति को समझने में मदद मिलेगी, जिससे वो आपका बेहतर इलाज कर पाएंगे साथ ही आपको सही सलाह दे सकेंगे.

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आने वाला समय पूरी तरह से डिजिटल होने जा रहा है और डायबिटीज़ को कंट्रोल करने में मदद करने वाले इन ऐप्स के अपने कई फ़ायदे हैं और उससे इनकार नहीं किया जासकता, आपको बस अपनी जीवन शैली में सुधार के लिए अपने वार्षिक चिकित्सा व्यय का कुछ अंश ख़र्च करना होगा, ताकि आप इन ऐप्स की मदद से डायबिटीज़ के साथ भी बेहतर ज़िन्दगी जी सकें.

 

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