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डायबिटीज़ को कंट्रोल करने में फ़िज़िकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज़ का हमेशा ही एक अहम रोल रहा है. इससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में तो मदद मिलती ही है, दिल की बीमारियों जैसी डायबिटीज़ से जुड़ी परेशानियों से भी बचाव होता है और बेहतर ज़िंदगी जीने का मौक़ा मिलता है.[1]

आस्था मल्टी-स्पेशिअलिटी सेंटर, अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट फ़िज़िशियन डॉ. रतन कुमार वैश्य का कहना है, “डायबिटीज़ कंट्रोल करने में एक्सरसाइज़ की अहमियत जानने के बावजूद भी बहुत से लोग लगातार बैठकर काम करने और तनाव भरी लाइफ़स्टाइल की वजह से रोज़ाना एक्टिविटी करने से चूक जाते हैं.” वह आगे ये भी कहते हैं, “हर रोज़ फ़िज़िकल तौर पर कम से कम 30 मिनट एक्टिव रहना बहुत ही अहम है,”. बल्कि अमेरिकन डायबिटीज़ असोसिएशन (एडीए) भी सुझाव देता है कि डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों को लगातार 90 मिनट से ज़्यादा एक ही जगह पर नहीं बैठे रहना चाहिए और उन्हें एक ही जगह पर बैठे रहने वाले अपने समय को कम करने की कोशिश करनी चाहिए.[1]

तो अगर आप अपने कंप्यूटर के सामने या कुर्सी पर बैठकर दिन के 8-9 घंटे से ज़्यादा समय बिताते हैं, तो अब आप अपने बैठे रहने वाले इन घंटों को कम करने के लिए क्या करने वाले हैं?

ऑफ़िस में अपनी फ़िज़िकल एक्टिविटी इस तरह बढ़ाएं:

1. चलने का समय बढ़ाएं

चलना सबसे आम और सबसे आसान फ़िज़िकल एक्टिविटी होती है. ऐसे में आप रोज़ाना पैदल चलकर अपनी फ़िज़िकल एक्टिविटी बढ़ाने पर ध्यान दे सकते हैं. अगर आपका ऑफ़िस आपके घर से बहुत ज़्यादा दूर नहीं है, तो रोज़ सवारी लेने से बचें. घर से 15-20 मिनट जल्दी निकलने की कोशिश करें और पैदल चलकर जाएं.[1]

2. लिफ़्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें                                                       

अगर आपका ऑफ़िस आपके घर से ज़्यादा दूर है और आप रोज़ाना पैदल चलकर नहीं जा सकते, तो घर और ऑफ़िस में लिफ़्ट के बजाय सीढ़ियां इस्तेमाल करने की कोशिश करें. सीढ़ियां चढ़ने जैसी एरोबिक एक्सरसाइज़ से दिल बेहतरीन तरीके से काम करता है और ब्लड प्रेशर, लिपिड लेवल और इंसुलिन रेजिस्टेंस (इंसुलिन प्रतिरोध) कम होता है, जो डायबिटीज़ को कंट्रोल करने के लिए फ़ायदेमंद है.[2]

3. काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें

डॉ. रतन बताते हैं “ऑफ़िस में फ़िज़िकल एक्टिविटी बढ़ाने का एक और तरीक़ा यह है कि कॉल और ईमेल पर बातचीत करने के बजाय उठकर ऑफ़िस का एक राउंड लगा लें. हर 30 मिनट के बाद अपनी कुर्सी से उठें और ऑफ़िस में ही थोड़ा टहल लें. इस दौरान आप अपने साथ काम करने वालों या बॉस को काम से जुड़ी जानकारी देकर उस समय को इस्तेमाल में ला सकते हैं.”

4. लंच के बाद फ़िज़िकल एक्टिविटी बढ़ाएं         

आप किस समय फ़िज़िकल एक्टिविटी कर रहे हैं, इसका शुगर लेवल पर सीधा असर पड़ता है. आम तौर पर देखा गया है कि दोपहर के खाने के बाद टहलने जैसी हल्की-फुल्की एरोबिक एक्सरसाइज़ की जाए, तो इससे शुगर लेवल कम करने में मदद मिल सकती है. इसलिए, दोपहर में खाना खाने के बाद काम फिर से शुरू करने से पहले 15 मिनट टहलें.[2]

5. जिम की सुविधा का फ़ायदा उठाएं

“आज कई कंपनियों में अपने कर्मचारियों को पास के जिम के साथ टाई-अप के तहत वहां की मेम्बरशिप की सुविधा दी जाती है. अगर यह सुविधा आपके ऑफ़िस की बिल्डिंग में ही है, तो इसका फ़ायदा ज़रूर उठाएं और जिम के रेगुलर मेम्बर बन जाएं. आप हफ़्ते में दो बार 30 मिनट का समय आसानी से निकाल सकते हैं. इस दौरान आप हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ से लेकर मुश्किल एक्सरसाइज़ तक कर सकते हैं, ”डॉ. रतन सुझाव देते हैं. रेजिस्टेंस एक्सरसाइज़, वेट लिफ्टिंग और इक्विपमेंट के साथ की जाने वाली एक्सरसाइज़ से स्ट्रेंथ बढ़ती है, शरीर के संतुलन और लचीलेपन में सुधार आता है, जो ग्लूकोज़ को स्थिर रखने और शुगर लेवल सही रखने में आपकी मदद करता है.[2]

वीडियो देखें: हर डायबिटिक को पता होनी चाहिए ये अहम बात

6. अपनी मसल्स को स्ट्रेच करें  

पैसिव स्टेटिक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ मधूमेह वाले लोगों में खाने के बाद बढ़ने वाले शुगर लेवल को कम कर सकती हैं. ये पैसिव स्टेटिक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ आप ऑफ़िस के अपने शेड्यूल में शामिल कर सकते हैं. अपने ऊपरी शरीर की मसल्स जैसे ट्रेपेज़ियस, कंधों, पीठ और गर्दन को 30 सेकंड के लिए स्ट्रेच करें. इसे 4 बार दोहराएं.[3]

ध्यान रहे कि डायबिटीज़ कंट्रोल करने में मदद के लिए सिर्फ़ यही तरकीबें नहीं हैं. डॉ. रतन अपनी बात पूरी करते हुए कहते हैं, “फ़िज़िकल एक्टिविटी डायबिटीज़ कंट्रोल करने के कई पहलुओं में से एक है. एक्सरसाइज़ के साथ सेहतमंद खान-पान भी शुगर लेवल कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है. इसके अलावा, स्मोकिंग, अल्कोहल और आप रोज़ाना कितनी नींद लेते हैं, ये चीज़ें भी डायबिटीज़ और इससे जुड़ी परेशानियों से सीधा संबंध रखती हैं. इन पर हर किसी को ध्यान देने की ज़रूरत होती है.”

संदर्भ:
1. Hidetaka Hamasaki. Daily physical activity and type 2 diabetes: A review. World J Diabetes. 2016 Jun 25; 7(12): 243–251. Published online 2016 Jun 25. doi: 10.4239/wjd.v7.i12.243. PMCID: PMC4914832

2. Sheri R. Colberg, Ronald J. Sigal, Jane E. Yardley, Michael C. Riddell, David W. Dunstan, Paddy C. Dempsey, Edward S. Horton, Kristin Castorino and Deborah F. Tate. Physical Activity/Exercise and Diabetes: A Position Statement of the American Diabetes Association. Diabetes Care 2016 Nov; 39(11): 2065-2079. https://doi.org/10.2337/dc16-1728

3. Gurudut P, Rajan AP. Immediate effect of passive static stretching versus resistance exercises on postprandial blood sugar levels in type 2 diabetes mellitus: a randomized clinical trial. J Exerc Rehabil. 2017;13(5):581–587. Published 2017 Oct 30. doi:10.12965/jer.1735032.516

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