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कहते हैं मुसीबत बताकर नहीं आती. अचानक से आकर चौंका देती है. इंसान हर तरह की मुसीबतों का सामना कर सकता है पर बीमारी इंसान को न सिर्फ़ शारीरिक तौर पर, बल्कि मानसिक तौर पर भी कमज़ोर बना देती है. ऐसी ही एक बीमारी एड्स है. दुनिया की लाइलाज बीमारियों में से एक.

2013 के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के एक अनुमान के मुताबिक भारत में 2.1 मिलियन लोग एड्स की चपेट में थे. सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं की कोशिशों के चलते बढ़ते मामलों पर कुछ हद तक नियंत्रण मिला है, पर याद रखें कि सावधानी हटी दुर्घटना घटी.

अहम बात 

इस साल वर्ल्ड एड्स डे की थीम ‘नो योर स्टेटस’ यानी ‘अपनी स्थिति जानें’ है. टेस्टिंग के पहले खुद से नीचे दिए गए सवाल ज़रूर पूछें:

  • क्या आप पुरुष हैं और आपके दूसरे पुरुषों के साथ यौन संबंध है?
  • क्या आपने किसी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति (महिला या पुरुष) के साथ यौन संबंध बनाया है?
  • क्या आपका एक से ज़्यादा लोगों के साथ यौन संबंध हैं?
  • क्या आपने किसी के साथ इंजेक्शन या इंजेक्शन के दौरान इस्तेमाल किया जाने वाला कॉटन साझा किया है?
  • क्या आप देह व्यापार से जुड़े/जुड़ी हैं?
  • क्या आप यौन संबंध से होने वाली किसी दूसरी बीमारी से प्रभावित हैं?
  • आपने जिस व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाया था, क्या इन सवालों के जवाब में वे ‘हां’ चुनते हैं? या कोई ऐसा व्यक्ति जिसकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में आपको कुछ नहीं पता?
  • आपने किसी अंजान व्यक्ति से रक्तदान लिया है?

अगर आपका जवाब ‘हां’ है, तो आपको एचआईवी टेस्ट ज़रूर कराना चाहिए. दुःख की बात है कि बहुत सारे लोग शर्मिंदगी की वजह से या जानकारी के न होने की वजह से टेस्ट नहीं कराते. ऐसे भी बहुत सारे लोग हैं जिन्हें इसके पीछे के भारी-भरकम ख़र्चे का डर सता रहा होता है. सरकारी अस्पतालों में इसकी टेस्टिंग मुफ़्त है.

कहां जाएं 

आप अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल जाएं और एचआईवी टेस्टिंग के बारे में पूछताछ करें. टेस्ट से पहले और बाद में आपको काउन्सलिंग की प्रक्रिया से गुज़रना पड़ेगा. इस दौरान आप अपने मन में उठ रहे सवाल काउंसलर से पूछ सकते हैं. आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी. पूरी प्रक्रिया गोपनीय और पारदर्शी तरीके से की जाती है, इसलिए आपको चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है.

याद रखें, शर्मिंदगी से ज़्यादा कीमती आपकी ज़िंदगी है.

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Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.