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कहते हैं, भारत त्योहारों का देश है. यहां छोटे-बड़े त्योहारों की लंबी लिस्ट है. और यही त्योहार बहाना बन जाते हैं, एक दूसरे से मिलने, एक-दूसरे की ख़ुशी और ग़म में शामिल होने के. ढेर सारी मौज़-मस्ती, साथ मिलकर खाने-पीने की परंपरा हमारी ख़ुशियों का राज़ हैं. इसी तर्ज पर आज हम बात कर रहे हैं हमारे महापर्व गणेश चतुर्थी की. 

इस मौके पर जहां महीनों पहले से सजावट और पूजा की तैयारी शुरू हो जाती है, वहीं इन 10 दिनों में हमारा रूटीन काफ़ी हद तक बदल जाता है. बदलाव अच्छा होता है पर, कुछ मामले में सावधानी बरतना ज़रूरी है. तो चलिए, हमारी हेल्थ कोच जयश्री सालियन  से जानते हैं कि गणेश उत्सव के इन 10 दिनों के लिए ऐसे 6 काम की टिप्स, जिनकी मदद से हम बिना ख़ुद को नुक़सान पहुंचाए इस त्योहार का पूरा लुत्फ़ उठा सकते हैं.

1. पहले घर पर खाएं, फिर बाहर जाएं  

इन दस दिनों में गणपति बप्पा के पूजा पाठ और स्वादिष्ट पकवानों का ही माहौल बना रहता है. इसके अलावा, अक्सर हम बाहर या किसी के घर पर खाना खाते हैं. तबियत की ख़ातिर आप लोगों से मिलना या दर्शन के लिए जाना तो नहीं छोड़ सकते. इसलिए, आप बाहर जाने से पहले, एक कटोरी अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स) या एक गिलास दूध या कुछ और हेल्दी खाना खाकर बाहर जाएं. इस तरह आप बाहर ज़रूरत से ज़्यादा और अनहेल्दी खाना खाने से बच सकते हैं.

2. प्रसाद हो तो ऐसा

प्रसाद एक ऐसी चीज़ हैं, जिसे लेने या देने के लिए हम सभी शौक़ से अपना हाथ आगे बढ़ाते हैं. तो क्यों न प्रसाद को और भी ज़्यादा सेहतमंद और स्वादिष्ट बनाया जाए. आप चिप्स, फरसान, कचोरी, चॉकलेट, शक्कर से भरे मिठाइयों की बजाय इन रेसिपीज़ के साथ प्रसाद बनाएं और भोग लगाकर खाएं-खिलाएं.

3. हेल्दी खाने पर ही हक़ जताएं

जब बाहर खाने का मौक़ा आए, तब रेस्तरां में ऐसा खाना चुनें, जो ग्रिल्ड, पोच्ड, रोस्टेड, स्टीम्ड या स्टिर-फ़्राइड (GPRS)हों. ऐसी चीज़ें न मंगाएं, जिनमें क्रिस्पी, बटर सॉस वाली, ब्रेड वाली, क्रीम वाली चीज़ें शामिल हों. तेल में तली पूरी-कचोरी के बजाय सादी रोटी और कम तेल वाले पराठे की तरफ हाथ बढाएं. गुलाब जामुन, बासुंदी, हलवा, शीरा, खीर आदि खाएं पर बहुत ज़्यादा नहीं. मिल्कशेक और सॉफ़्ट ड्रिंक से दूर रहें. इनके बजाय नारियल पानी, छाछ या डायट आइस टी के ऑप्शन चुनें. मिठाई खाने की बात हो तो इसे दूसरों के साथ बांटकर खाएं. ऐसा करने से मन को ख़ुशी भी मिलेगी और कम कैलोरी खाने में भी मदद मिलेगी.

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4. इनका रूटीन न बदलें

जी हां, हो सकता है आप खाना आगे पीछे खाएं, सोने का वक़्त बदल लें, जगह बदल लें पर दवा और इंसुलिन (अगर लेते हों) की एक भी ख़ुराक लेना न भूलें. बात चाहे टाइप 2 मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, किडनी की समस्या हो या किसी और तरह की परेशानी. ये आपकी ख़ुशी में रुकवाट न डाल सकें, इसलिए डॉक्टर ने जैसा कहा हो उसी प्रिस्क्रिप्शन के मुताबिक़ अपनी दवाएं लेते रहें.

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5. घूमने टहलने के दौरान इन छोटी बातों को न भूलें

इस दौरान आप अपनों के साथ जगह-जगह दर्शन करने जाएंगे. तैयारी करने के में ढेर सारी फ़िज़िकल एक्टिविटी करेंगे, जिसका आप पर बहुत अच्छा असर होगा. लेकिन अगर आपको टाइप 2 डायबिटीज़ है या दमा जैसी परेशानी है, तो अपने इंसुलिन की ख़ुराक, इनहेलर जैसी चीज़ें साथ रखें. साथ ही, ब्लड शुगर लेवल के बहुत कम होने पर अपने पास पानी और कोई मीठी चीज़ भी रखें.  

6. ट्रैक रिकॉर्ड

मौका त्योहार का है, ऐसे में माहौल बदलते माहौल के साथ ही आपकी तबियत में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है. इसलिए अपने हाई ब्लड शुगर लेवल, हाई ब्लड प्रेशर लेवल का दिन में कम से कम एक बार ज़रूर जांच करें. खानपान, एक्टिविटी और रीडिंग की जानकारी ऐप पर दर्ज करें. जिससे कैरी सही वक़्त पर आपको ज़रूरी सलाह दे सके.

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