reduce risk of heart attack and stroke

डायबिटीज़ के दौरान दिल की बीमारियां और स्ट्रोक के ख़तरे को...

डायबिटीज़ का जितना बेहतर मैनेजमेंट होगा, दिल की बीमारियों से उतनी ही दूरी बनी रहेगी.

Diet Tips: रमज़ान में इस तरह करें अपने इफ़्तार और सेहरी...

रमज़ान के पूरे महीने में खाने की थाली लज़ीज़ और मज़ेदार चीज़ों से भरी रहती है. लेकिन दस्तरखान पर मौजूद सभी तली हुई, शुगर वाली और कैलोरी से भरपूर चीज़ें क्या आपके लिए अच्छी हैं? नहीं! इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि खाने की थाली में थोड़े से बदलाव अपनाकर किस तरह सेहतमंद रह सकते हैं.
Tips To Support A Loved One Newly Diagnosed With Diabetes

परिवार में किसी को डायबिटीज़ होने पर रखें इन बातों का...

क्या आप जानते हैं कि घर में किसी को डायबिटीज़ होने पर कैसे देखभाल करें

डायबिटीज़ से लड़ने में आपका साथ देगा इंफ़्यूज़्ड वॉटर

सेहत के पीछे दीवाने पश्चिमी देश के लोगों पर इन दिनों इंफ़्यूज़्ड वॉटर की धुन सवार है.

Ramadan tips: क्या आप भी चाहते हैं लज़ीज़ होने के साथ...

रमज़ान के दौरान हेल्दी डाइट को फ़ॉलो करना एक मुश्किल काम हो सकता है. इसलिए यहां आपको इफ़्तारी के लिए कुछ सेहतमंद विकल्प बताए जा रहे हैं.

Ramadan Tips: जानें, खजूर से रोज़ा खोलना क्यों है फ़ायदेमंद

खजूर को शक्कर और विटामिन का एक बड़ा स्रोत माना जाता है, इसलिए यह रमज़ान के दौरान ख़ास तौर से फ़ायदेमंद होते हैं.

Ramadan Tips: अगर आपको भी हैं ये शिकायत, तो रमज़ान में...

व्रत, उपवास या रोज़ा रखते समय यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि लंबे समय या ग़लत तरीके से किए जाने वाले व्रत (यानि फास्टिंग) की वजह से डायबिटीज़ जैसी लंबी बीमारी से जूझ रहे मरीज़ों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है

रमज़ान और डायबिटीज़- ज़रूरी है कि आपको हो इससे जुड़ी हर...

रमज़ान में खानपान और दवाओं के रूटीन में आए बदलाव की वजह से हाई ब्लड शुगर का ख़तरा होता है.
Gluten

ग्लूटेन सेंसिटिविटी क्या होती है?

ग्लूटेन एक प्रोटीन है, जो गेहूं, राई और जौ में पाया जाता है. लेकिन सवाल ये है की ग्लूटेन करता क्या है? एक पैकेट गेहूं के आटे में आप जब भी पानी मिलाते हैं, तो ये लिसलिसा हो कर एक डो जैसा बन जाता है. ऐसा ग्लूटेन की वजह से होता है.
Diabetes and Alzheimer's

बात-बात पर चिढ़ने या भूलने की शिकायत हो रही है, तो...

T2DM के लिए अल्जाइमर डिज़ीज़ और अल्जाइमर डिज़ीज़ के लिए T2DM एक जोख़िम भरा कारक है क्योंकि डेटा के मुताबिक़ ये बीमारी कई लेवल पर जुड़ी हुई हैं. हाल की स्टडी में सामने आया है कि दोनों डिसऑर्डर में सामान्य पैथोजेनिक मेकेनिज्म का इस्तेमाल किया जाता है.