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स्वस्थ गुर्दे (किडनी) कुशलतापूर्वक आपके रक्त से कचरे को फ़िल्टर करते हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ हो सकता है कि आपके किडनी फंक्शन में कुछ ख़ामियाँ होनी शुरू हो जाए. क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) उस स्थिति को कहते हैं, जिसमें कई वर्षों से किडनी ठीक ढंग से काम नहीं करती. इस स्थिति में आपकी किडनी उतने बेहतर ढंग से काम नहीं करती जितना इसे करना चाहिए.

अगर समय पर इलाज न किया जाए तो किडनी गंभीर हालात में पहुँच जाती है और उसे गंभीर नुक़सान हो सकता है, जिसमें आख़िरकार किडनी कुछ सालों में पूरी तरह काम करना बंद कर देती है. और इस स्थिति तक पहुंचने की सबसे अहम वजह होती है, लंबे समय तक अनियंत्रित हाई ब्लड शुगर रहना.

सीकेडी (CKD) लोगों की जानकारी और जितना उन्हें लगता है उससे कहीं ज़्यादा आम है. ज़्यादातर मामलों में सीकेडी से जुड़ी जटिलताओं और परेशानियों का पता तब तक नहीं चलता, जब तक किडनी को बड़े पैमाने पर नुक़सान न पहुँच जाए. पर राहत की बात यह है कि इस स्थिति को रोका जा सकता है. अगर आपको पहले से ही सीकेडी है, तो आप इससे जुड़ी परेशानियों और जटिलताओं से बचने साथ ही उसे रोकने के लिए कुछ क़दम उठा सकते हैं.

1. जोख़िम की वजहों को ख़त्म करें

सीकेडी होने के पीछे डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन दो ख़ास वजहें हो सकती है. पर इसकी रोकथाम की जा सकती है. हेल्दी खाना खाने, नमक की मात्रा कम करने, स्वस्थ संतुलित वज़न बनाए रखने, कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने जैसे बदलावों को जीवनशैली में शामिल करके आप डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन होने के आसार को कम कर सकते हैं, जिससे ख़ुद ब ख़ुद सीकेडी होने का जोख़िम कम हो जाता है.

2. उन वजहों पर क़ाबू पाएं जिनसे सीकेडी या किडनी की परेशानी बढ़ सकती है

अपने ब्लड शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर लेवल को क़ाबू में रखें. अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल ही सीकेडी के बढ़ने की अहम वजह होती है, और अगर इसके साथ आपको हाई ब्लड प्रेशर भी है, तो ये ख़तरे को और बढ़ाता है. इसलिए इन सभी स्थितियों पर क़ाबू पाना ही किडनी डिज़ीज़ से बचने का सबसे सही तरीक़ा है. ब्लड शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर लेवल पर ठीक नियंत्रण पाकर किडनी से जुड़ी बीमारी के विकसित होने या बढ़ने के ख़तरे को बेहतर ढंग से टाला जा सकता है.

3. अपने शरीर को एक्टिव रखें

अपनी रोज़ाना की लाइफ़ में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करें. नियमित एक्सरसाइज़ करें, ऐसा करने से आपका वज़न कंट्रोल में होगा साथ ही इससे ब्लड प्रेशर लेवल कम रहेगा, जिसकी वजह से आपमें सीकेडी के विकसित होने का ख़तरा भी कम होगा.

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4. धूम्रपान छोड़ें

आमतौर पर स्मोकिंग कई बीमारियों की जड़ होती है, ख़ासकर किडनी पर स्मोकिंग का बेहद बुरा असर पड़ता है, इसके अलावा यह सीकेडी के पनपने और बढ़ने का कारण बन सकता है. स्टडीज़ में देखा गया है कि डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित लोगों में  धूम्रपान की आदत उनकी किडनी ख़राब करने का कारण बनता है .(1, 2)

5. शराब पीते हैं तो उसे सीमित करें

शराब का सेवन कम करें, कम मात्रा में पीना भले ही नुक़सानदायक न हो, पर ज़्यादा मात्रा में ड्रिंक करने से सीकेडी होने की संभावना बढ़ जाती है.(2) इतना ही नहीं, शराब का सेवन करना ब्लड प्रेशर लेवल के बढ़ने की भी वजह बन सकता है.

6. ली जा रही दवाओं का ब्यौरा और उनपर नज़र रखें

लगातार दर्दनाशक दवाओं का इस्तेमाल ना करें, क्योंकि इससे किडनी ख़राब हो सकती है. लंबे समय तक,आईबुप्रोफ़ेन, नैप्रोक्सिन वग़ैरा जैसी एनएसएआइडी (नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इन्फ़्लमेट्री ड्रग) पेनकिलर से सीकेडी का ख़तरा तेज़ रफ़्तार से बढ़ता है.(3,4)

7. नियमित जांच कराना न भूलें  

आमतौर पर सीकेडी के लक्षण शुरुआती दौर में नज़र नहीं आते. इनके लक्षण तभी नज़र आने शुरू होते हैं, जब स्थिति गंभीर हो जाए और एडवांस्ड लेवल पर हो. आप हर साल जांच के ज़रिए ही किडनी के ख़राब होने की स्थिति के बारे में  पता कर सकते हैं. इसलिए लगातार अपने डॉक्टर से मिलते रहें, अगर शुरूआती दौर में ही इलाज करवाया जाए, तो किडनी के फ़ेल होने की रफ़्तार को धीमा या रोका जा सकता है. अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है तो आपका डॉक्टर आपको ख़ासतौर पर एंटी-हाइपरटेंसिव दवाएं खाने के लिए देता है,  जिसका आपके सीकेडी पर भी फ़ायदेमंद असर पड़ सकता है. इसके अलावा आपका डॉक्टर आपको उन दवाओं की जानकारी भी देगा, जो किडनी को नुक़सान पहुंचाती है.

कंटेंट की समीक्षा अश्विनी एस कनाडे ने की है, वे रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहीं हैं.

 

संदर्भ:

  1. Yacoub R, Habib H, Lahdo A, et al. Association between smoking and chronic kidney disease: a case control study. BMC Public Health. 2010;10:731. doi:10.1186/1471-2458-10-731.
  2. Anoop Shankar, Ronald Klein, Barbara E. K. Klein; The Association among Smoking, Heavy Drinking, and Chronic Kidney Disease, American Journal of Epidemiology, Volume 164, Issue 3, 1 August 2006, Pages 263–271, https://doi.org/10.1093/aje/kwj173
  3. Gooch K, Culleton BF, Manns BJ, Zhang J, Alfonso H, Tonelli M, Frank C, Klarenbach S, Hemmelgarn BR. NSAID use and progression of chronic kidney disease. Am J Med. 2007 Mar;120(3):280.e1-7. PubMed PMID: 17349452.
  4. Plantinga L, Grubbs V, Sarkar U, et al. Nonsteroidal Anti-Inflammatory Drug Use Among Persons With Chronic Kidney Disease in the United States. Annals of Family Medicine. 2011;9(5):423-430. doi:10.1370/afm.1302

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