Coffee and diabetes
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टाइप 2 डायबिटीज़ एक ऐसी कंडीशन है, जो ज़िंदगी भर साथ रहती है. आमतौर पर इसे ब्लड शुगर की बीमारी कहते हैं. यह कंडीशन ब्लड में ग्लूकोज़ का लेवल बढ़ने की वजह से होती है. टाइप 2 डायबिटीज़ आम तौर पर अधेढ़ या बड़ी उम्र में शुरू होती है. टाइप 1 डायबिटीज़ के मुक़ाबले टाइप 2 डायबिटीज़ ज़्यादा आम है.[1]

ब्लड में ग्लूकोज़ का लेवल कंट्रोल करने के लिए दवाएं, सही आहार और एक्सरसाइज़ बहुत ज़रूरी हैं.[2] कई स्टडीज़ इस बात पर ज़ोर देती हैं कि कॉफ़ी पीने से टाइप 2 डायबिटीज़ का जोखिम कम होता है.[3] इस आर्टिकल में कॉफी और टाइप 2 डायबिटीज़ के बीच संबंधों के साथ-साथ कॉफी पीने से सेहत पर पड़ने वाले असर के बारे में चर्चा की गई है.

टाइप-2 डायबिटीज़ क्या है?

पैंक्रियाज़ (पेट में एक अंग) का काम होता है इंसुलिन बनाना. जब यह शरीर में ग्लूकोज की मौजूदगी महसूस करता है या जब शरीर भोजन को ग्लूकोज़ में बदलता है, तो यह इंसुलिन बनाता है.[2] इंसुलिन का काम होता है ग्लूकोज़ को सेल्स में ले जाना.[1] टाइप 2 डायबिटीज़ में पैंक्रियाज़ या तो ज़रूरत भर का इंसुलिन बना नहीं पाता है, या फिर ग्लूकोज़ को सेल्स में ले जाने का काम ठीक से नहीं कर पाता.[2] डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों में ग्लूकोज़, ब्लड वेसल्स में जमा हो जाता है. यही ब्लड में ग्लूकोज़ का लेवल बढ़ने की वजह होती है. डायबिटीज़ के कारण आंखों, किडनी और नर्व जैसे शरीर के दूसरे अंगों में भी जटिल समस्याएं हो सकती हैं.[2]

टाइप-2 डायबिटीज़ के लक्षण इस तरह हैं:[2]

  • प्यास और भूख बढ़ना 
  • मुंह का सूखापन  
  • स्किन का रूखापन और खुजली होना  
  • बार-बार पेशाब लगना 
  • हाथ और पांव का सुन्न होना
  • नज़र में धुंधलापन 
  • थकान

कॉफ़ी पीने का संबंध टाइप-2 डायबिटीज़ से कैसे जोड़ा जाता है? 

कॉफ़ी आमतौर दुनिया भर में पी जाती है.[4] जो लोग लंबे समय से कॉफ़ी पी रहे हैं, उनकी सेहत पर इसके कई तरह के प्रभाव होते हैं. अगर आप कॉफ़ी पीते हैं, तो बेहतर है कि आप सेहत पर पड़ने वाले इसके अच्छे और बुरे असर के बारे में भी जानकारी रखें. कई देशों में की गईं स्टडीज़ के मुताबिक़, कॉफ़ी ज़्यादा पीने से टाइप-2 डायबिटीज़ का ख़तरा काफ़ी हद तक कम होता है.[5] स्टडीज़ में मिले सबूत यह भी बताते हैं कि अलग-अलग प्रकार की कॉफ़ी का टाइप 2 डायबिटीज़ पनपने के जोखिम को कम करने में अलग-अलग तरह का रोल हो सकता है.[5] टाइप-2 डायबिटीज़ का ख़तरा कम करने में उबली हुई कॉफ़ी के मुक़ाबले फ़िल्टर्ड कॉफ़ी ज़्यादा कारगर होती है. जबकि डिकैफ़िनेटेड कॉफ़ी कैफ़ीनयुक्त कॉफ़ी के मुकाबले बेहतर होती है.[4]

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कॉफ़ी टाइप-2 डायबिटीज़ पनपने के जोखिम को कैसे कम करती है?

कई स्टडीज़ से मिले नतीजों को जोड़कर देखने के बाद साइंटिस्ट ने कॉफ़ी पीने से टाइप-2 डायबिटीज़ का ख़तरा कम होने के कारणों पर गौर किया है.[6] साइंटिस्ट इसके लिए कॉफ़ी में मौजूद कई तरह के केमिकल्स के ज़रिए शरीर पर पड़ने वाले असर को ज़िम्मेदार ठहराते हैं, जिस पर नीचे रोशनी डाली गई है:[6,7]

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  • स्टडीज़ से संकेत मिलता है कि कॉफ़ी में अच्छी मात्रा में मौजूद पोटैशियम, नियासिन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ग्लूकोज़ के चयापचय को सुधारते हैं. इसके अलावा इनसे इंसुलिन रेजिस्टेंस यानि इंसुलिन पर रिएक्ट करने की शरीर की कमज़ोरी दूर होने में मदद मिल सकती है. और इस तरह कॉफ़ी से डायबिटीज़ का जोखिम कम होता है. हालांकि, कैफ़ीन के लंबे समय के प्रभाव को सही करार देने के लिए अभी और ज़्यादा स्टडीज़ की ज़रूरत है.[7]
  • जानवरों पर की गई स्टडीज़ में पाया गया कि कैफ़ीन में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड ने इंसुलिन के प्रति शरीर की सेंसिविटी को बढ़ा दिया था. यह ग्लूकोज़ के चयापचय पर भी फ़ायदेमंद असर डालता है और एंटी-ऑक्सिडेंट की एक्टिविटी में मदद करता है. इस तरह टाइप 2 डायबिटीज़ के लिए ज़िम्मेदार ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है.
  • लिगनेन के नाम से जाना जाने वाला एक अन्य कंपाउंड भी आमतौर से कॉफ़ी में पाया जाता है. देखा गया है कि यह कंपाउंड एंटीऑक्सिडेंट एक्टिविटी के ज़रिए ग्लूकोज़ के चयापचय पर फ़ायदेमंद असर डालता है. साइंटिस्ट ने उन जानवरों में टाइप-2 डायबिटीज़ के बहुत कम मामले देखे, जिन्हें लिग्नेन दिया गया था.
  • कॉफ़ी में मैग्नीशियम होता है. खानपान में ज़्यादा मैग्नीशियम शामिल करने से इंसुलिन के स्राव और लिवर के कामकाज में सुधार देखा गया, जिससे टाइप-2 डायबिटीज़ का ख़तरा कम हो गया था.[6]

हालांकि कॉफ़ी को टाइप-2 डायबिटीज़ के जोखिम को कम करने वाले ड्रिंक के तौर पर देखा जाता है, लेकिन यह ध्यान रखना भी ज़रूरी है कि कॉफ़ी में शक्कर, सिरप और दूध मिलाए जाने से कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज़ का लेवल बढ़ सकता है, ख़ासकर डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों में इसकी संभावना ज़्यादा होती है.[8]

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क्या कॉफ़ी के किसी तरह का बुरा प्रभाव होने की भी गुंजाइश है?

कैफ़ीन युक्त कॉफ़ी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है. स्टडीज़ से यह भी पता चला है कि कैफ़ीन युक्त कॉफ़ी से उलझन की समस्या हो सकती है, नींद में बाधा आ सकती है और यह बेचैनी पैदा कर सकती है. कॉफ़ी एसिड रिफ्लक्स बना सकती है और आपके पेट के लिए बुरी चीज़ साबित हो सकती है. अनफिल्टर्ड कॉफ़ी आपके ख़ून में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी बढ़ा सकती है.[6,9] इस बात के भी सुबूत मिलते हैं कि कॉफ़ी बुज़ुर्ग महिलाओं में हड्डियों को नुक़सान पहुंचा सकती है.[10]

एक ख़ास प्रकार की कॉफ़ी का चुनाव आपको कॉफ़ी के नुक़सानदेह प्रभावों से बचे रहने और टाइप 2 डायबिटीज़ के ख़तरे को कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि अब तक की गई रिसर्च यही बताती है कि कॉफ़ी पीने से डायबिटीज़ के ख़तरे को कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन अभी भी कॉफ़ी में मौजूद कंपाउंड्स और उनके कामों पर और भी रिसर्च किए जाने की ज़रूरत है. कॉफ़ी के फ़ायदेमंद प्रभावों के बावजूद अभी यह सुझाव देना जल्दबाज़ी होगी कि ज़्यादा कॉफ़ी पीकर टाइप-2 डायबिटीज़ होने के जोख़िम को कम किया जा सकता है.

हालांकि, आप डायबिटीज़ के ख़तरे को कम करने के लिए सही प्रकार की कॉफ़ी का चुनाव कर तो सकते हैं, लेकिन कॉफ़ी को अपनी रेगुलर डाइट में एक अहम चीज़ की तरह शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेना ज़्यादा बेहतर है.


संदर्भ:

  1. Harvard Medical School. Type 2 diabetes mellitus [Internet]. [updated 2018 Dec; cited 2020 Jan 8]. Available from: https://www.health.harvard.edu/a_to_z/type-2-diabetes-mellitus-a-to-z.
  2. Cleveland Clinic. Diabetes mellitus: an overview: management and treatment. [Internet]. [updated 2018 Oct 2; cited 2020 Jan 8]. Available from: https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/7104-diabetes-mellitus-an-overview.
  3. Harvard Medical School. Coffee may help reduce type 2 diabetes risk, says Harvard research [Internet]. [updated 2014 Jun; cited 2020 Jan 8]. Available from: https://www.health.harvard.edu/diseases-and-conditions/coffee-may-help-reduce-type-2-diabetes-risk-say-harvard-researchers.
  4. Muley A, Muley P, Shah M. Coffee to reduce risk of type 2 diabetes?: A systematic review. Curr Diabetes Rev. 2012;8:162-8.
  5. van Dam RM, Hu FB. Coffee consumption and risk of type 2 diabetes. A systematic review. JAMA. 2005;294(1):97-104.
  6. van Dam RM. Coffee and type 2 diabetes: from beans to beta-cells. Nutr Metab & Cardiovas. 2006;16:69-77.
  7. Salazar-Martinez E, Willett WC, Ascherio A, Manson JE, Leitzmann MF, Stampfer MJ. Coffee consumption and risk for type 2 diabetes mellitus. Ann Intern Med. 2004;140:1-8.
  8. Harvard TH Chan School of Public Health. The nutrition source. Coffee [Internet]. [cited 2020 Jan 8]. Available from: https://www.hsph.harvard.edu/nutritionsource/food-features/coffee/.
  9. AARP. Caffeine for your health – too good to be true? [Internet]. [cited 2020 Jan 8]. Available from: https://www.aarp.org/health/healthy-living/info-10-2013/coffee-for-health.html.
  10. Pimentel GD, Zemdeg JCS, Theodoro JA, Mota JF. Does long-term coffee intake reduce type 2 diabetes mellitus risk? Diabetol Metab Syndr. 2009;1(6). doi:10.1186/1758-5996-1-6.

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