common heart attack signs symptoms
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हो सकता है कि हार्ट अटैक की शुरुआत में दर्द ही न हो या हल्का दर्द हो. कई बार, इसके लक्षण कुछ छोटी-मोटी बीमारियों से मेल खाते है. जिसकी वजह से अक्सर लोग इन्हें बड़ी आसानी से अनदेखा कर देते हैं. कुछ मामलों में, दिल का दौरा पड़ने के कुछ हफ़्ते पहले ही इसके लक्षण नज़र आने लगते हैं. जिनकी डाइग्नोसिस और रोकथाम शुरु में की जा सकती है. हालांकि, कुछ मामलों में, ये लक्षण हार्ट अटैक से दो-चार दिन पहले तक नज़र ही नहीं आते, जिससे बचाव की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है. यही नहीं, अगर यह परेशानी बार-बार उभरती है, तो यह जानलेवा हो सकती है. यह कब आपको दबोच ले, यह ठीक-ठीक बता पाना लगभग नामुमकिन होता है क्योंकि इसकी कोई निशानी नज़र नहीं आती है. यही वजह है कि दिल के दौरे के जोखिम से जुड़ी निशानियों के बारे में जानकारी होना बेहद ज़रूरी है.

1. सीने में दर्द:

सीने में दर्द, या एनजाइना पेक्टोरिस, दिल के दौरे का सबसे आम लक्षण है. यह दर्द अक्सर सीने के बिलकुल बीच या बगल (कांख) के पास होता है जिससे मांस-पेशियों की जकड़न का धोखा हो सकता है. अटैक कितना ख़तरनाक है, उसके हिसाब से दर्द कम या ज़्यादा हो सकता है. अटैक के दौरान कुछ लोगों को हल्की-सी जलन वाला दर्द महसूस होता है. वहीं कुछ लोगों को गहरा, चुभन या छुरे के हमले जैसा दर्द होता है. हालांकि, दिल का दौरा पड़ने पर सीने में दर्द होना आम बात है, लेकिन ज़रूरी नहीं है कि सभी मामलों में ऐसा ही हो. डॉक्टरों ने पाया है कि लगभग 10% महिलाओं को दिल का दौरा पड़ने से पहले या उसके दौरान सीने में दर्द महसूस नहीं होता है.

2. जबड़े, गर्दन, कोहनी और पीठ में दर्द: 

कुछ मामलों में, यह रीढ़ की हड्डी तक पहुंच जाता है, जहां यह तंत्रिका मार्ग पर असर डालता है, जिससे सीने के आस-पास के कुछ हिस्सों में दर्द महसूस होता है. जकड़न, सुन्नपन या भारीपन जिसे पूरी बांह, पीठ के ऊपरी हिस्से और जबड़े में महसूस किया जा सकता है.

3. सांस लेने में तकलीफ:

अटैक का शिकार हुए लोग अक्सर सांस लेने में दिक्कत होने की बात कहते हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि दिल का दौरा पड़ने से ठीक पहले जब सांस लेने में तकलीफ हो, तो साथ में सीने में दर्द भी हो.

4. थकान: 

दिल का दौरा पड़ने से पहले कमजोरी, थकान या चक्कर आना भी ग़लतफ़हमी पैदा करता है. अक्सर लोग इसे तनाव या काम के बोझ से होने वाली थकान से जोड़कर देखने लगते हैं. जबकि अटैक से पहले हद से ज़्यादा थकान इसीलिए होती है क्योंकि दिल की मांस-पेशियों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. इस कमी की वजह से खून शरीर के बाकी हिस्सों तक ठीक से नहीं पहुंच पाता है.

5. ठंडा पसीना:

दिल का दौरा पड़ने का एक और संकेत है, थकान के साथ ठंडा पसीना आना. मौसम ठीक-ठाक होने या बहुत ज़्यादा मेहनत वाला काम न करने के बावजूद हद से ज़्यादा पसीना आना. चलने-फिरने जैसा आसान काम करने पर थकान के साथ पसीना आना. यह उन शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकता है, जो दिल का दौरा पड़ने से कुछ दिन पहले दिखाई देने लगते हैं.

6. नींद टूटना:

ज़्यादातर मामलों में, सोते वक़्त सांस में तकलीफ होने पर नींद टूट जाती है जिससे दिल की मांसपेशियों पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव पड़ता है. दिल का दौरा पड़ने से कई हफ़्ते पहले या कई महीने पहले स्लीप एप्निया की शुरुआत हो सकती है.

7. जी मिचलाना और उल्टी होना: 

हार्ट अटैक के हमले में बचने वाले लोग बताते हैं कि दिल का दौरा पड़ने से ठीक पहले उन्हें ऐसा लगा मानो बदहज़मी हो गई हो. कुछ मामलों में, थोड़ी-सी मेहनत के बाद भी सांस फूलने के अलावा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (मुंह, आमाशय, छोटी आंत और बड़ी आंत) से जुड़ी तकलीफ़ का सामना करना पड़ा, जैसे कि जी मिचलाना और उल्टी होना.

कृपया ध्यान दें कि ऊपर दिए गए लक्षणों को आम तौर पर हार्ट अटैक से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इससे कुछ अलग हटकर भी लक्षण हो सकते हैं. हार्ट अटैक के लक्षण, हर मरीज़ में अलग-अलग हो सकते हैं, जो उनकी उम्र और अटैक से शरीर में पैदा होने वाले खतरे पर निर्भर करता है. इसके अलावा, पुरुषों और महिलाओं में दिल के दौरे के संकेत भी अलग-अलग  होते हैं. इसलिए, सिर्फ़ इन संकेतों के भरोसे न रहें. सबसे अहम और फ़िक्र पैदा करने वाली निशानी है कि बैठे-बिठाए अचानक आपको महसूस हो कि आपकी तबियत बिगड़ रही है. अगर आपको तबियत कुछ अजीब लग रही है, तो अपने आप इलाज करने के चक्कर में न पड़ें. फ़ौरन अस्पताल पहुंचें और डॉक्टर की मदद लें.

संदर्भ:

  1. Joseph P. Ornato and Mary M. Hand Warning Signs of a Heart attack. Circulation 11Sept 2001.
  2. 100 Questions and answers about heart attack and related cardiac problems by Edward K. Chung
  3. A Woman’s Guide to Living with Heart Disease – By Carolyn Thomas

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