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रमज़ान का पाक़ महीना आने वाला है और दुनिया भर के सभी मुसलमानों ने एक महीने तक चलने वाले रोज़ों की तैयारियां शुरु कर दी हैं. लेकिन इसका उन मरीज़ों पर क्या असर पड़ेगा, जो लंबी बीमारियों से परेशान हैं. चलिए, पता लगाते हैं. 

दुनिया भर के मुसलमान रमज़ान के दौरान सुबह से लेकर शाम तक लगभग 29 से 30 दिनों का रोज़ा रखते हैं1. इन सभी रोज़ादारों के खाने-पीने और सोने की आदतों में एक ख़ास बदलाव देखा जाता है2. वैसे व्रत, उपवास या रोज़ा रखते समय यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि लंबे समय या ग़लत तरीके से किए जाने वाले व्रत (यानि फास्टिंग) की वजह से डायबिटीज़ जैसी लंबी बीमारी से जूझ रहे मरीज़ों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है3.

यहां लंबी बीमारी से जूझ रहे मरीज़ों को रोज़े की वजह से होने वाली आम परेशानियों के बारे में बताया जा रहा है:

  1. हाइपोग्लाइसीमिया

स्टडीज़ से पता चलता है कि टाइप 2 डायबिटीज़ के मरीज़ों को फास्टिंग की वजह से इाइपोग्लाइसेमिया का ख़तरा सबसे ज़्यादा होता है4. यह हाइपोग्लाइसेमिया क्या है और हमारे लिए क्या मुश्किलें पैदा कर सकता है? डायबिटीज़ के मरीज़ों में हाइपोग्लाइसेमिया यानी अचानक से ब्लड शुगर में गिरावट आने लगती है जिसे नॉर्मल करने के लिए इसका तुरंत इलाज बहुत ज़रूरी है. अगर डायबिटीज़ के मरीज़ लंबे समय तक कुछ खा-पी नहीं रहे हैं और उनका ब्लड शुगर भी नीचे है, तो इसकी वजह से उन्हें दौरे पड़ सकते हैं या वे कोमा में भी जा सकते हैं.5

  1. हाइपरग्लाइसीमिया

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून में ग्लूकोज़ का स्तर बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है जिसकी वजह से हालात जानलेवा और खतरनाक बन सकते हैं जैसे किडनी, नसों, और आंखों का खराब होना.6 रमज़ान के दौरान लंबे समय तक खाना न खाना या डायबिटीज़ की दवाएं ना लेने से भी हाइपरग्लेसेमिया हो सकता है.7 इसीलिए, रमज़ान में  एक सही डाइट फ़ॉलो करना बहुत ज़रूरी है.

  1. डायबेटिक कीटोएसिडोसिस

जब खून में कीटोन (यह एक रसायन है जो शरीर में ज़रूरी इंसुलिन की कमी की वजह से बनता है) बनते हैं, तो यह डायबेटिक कीटोएसिडोसिस का कारण बनता है. ख़राब कीटोन खून को अम्लीय यानि एसिडीक बनाते हैं, जो इस बात का संकेत है कि खून में शुगर ठीक से मैनेज नहीं हो पा रहा है8. स्टडीज़ में पाया गया है कि फास्टिंग लिपोलिसिस और किटोसिस के बनने की गति को बढ़ा देता है और साथ ही ग्लूकागन के स्तर को भी बढ़ा देता है9, जिसकी वजह से पोटेशियम के स्तर में कमी, मस्तिष्क में सूजन, फेफड़ों में पानी या गुर्दों को नुकसान भी पहुंच सकता है.10 

  1. डीहाइड्रेशन और थ्रोमबोसिस

रमज़ान के दौरान रोज़े रखने की वजह से डीहाइड्रेशन यानि शरीर में पानी की कमी हो सकती है. लंबे समय तक पानी ना पीने की वजह से और वो भी गर्म व नम जगहों पर, गंभीर डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है.11 यह आगे चलकर खून को गाढ़ा (चिपचिपाहट) कर देता है, जो बाद में थ्रोमबोसिस व ब्लड क्लॉट के ख़तरे को जन्म दे सकता है.12 इसीलिए, डायबिटीज़ से परेशान लोगों को ऐसी किसी भी मुश्किल या परेशानी से बचने के लिए खुद को हाइड्रेट रखना यानि सही मात्रा में पानी पीना बहुत ज़रूरी है.

लंबी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को रमज़ान के रोज़े रखने की पाबंदी नहीं होती है क्योंकि इससे कभी-कभी हालात बहुत ज़्यादा खराब हो सकते हैं. लेकिन अगर आप फिर भी रोज़े रखने का फैसला करते हैं, तो आपको अपनी सेहत का पूरा-पूरा ध्यान रखना होगा ताकि ये परेशानियां आपके रमज़ान का मज़ा ना खराब कर दें.

संदर्भ:

  1. Mohammad Hossein Rouhani L. Is Ramadan fasting related to health outcomes? A review on the related evidence [Internet]. PubMed Central (PMC). 2020 [cited 3 February 2020]. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4274578/
  2. Abolaban H, Al-Moujahed A. Muslim patients in Ramadan: A review for primary care physicians. Avicenna Journal of Medicine. 2017;0(0):0.
  3. Al-Hader A, Abu-Farsakh N, Khatib S, Hasan Z. The Effects of Ramadan Fasting on Certain Biochemical Parameters in Normal Subjects and in Type II Diabetic Patients. Annals of Saudi Medicine. 1994;14(2):139-141.
  4. [Internet]. 2020 [cited 3 February 2020]. Available from: https://www.endocrinologynetwork.com/t2-diabetes/type-2-diabetes-and-fasting-how-dangerous-could-it-be
  5. Hypoglycemia (Low Blood Glucose) | ADA [Internet]. Diabetes.org. 2020 [cited 4 February 2020].Available from: https://www.diabetes.org/diabetes/medication-management/blood-glucose-testing-and-control/hypoglycemia
  6. Mouri M, Badireddy M. Hyperglycemia [Internet]. Ncbi.nlm.nih.gov. 2020 [cited 4 February 2020]. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK430900/
  7. Raveendran A, Zargar A. Diabetes control during Ramadan fasting. Cleveland Clinic Journal of Medicine. 2017;84(5):352-356.
  8. DKA (Ketoacidosis) & Ketones | ADA [Internet]. Diabetes.org. 2020 [cited 4 February 2020]. Available from: https://www.diabetes.org/diabetes/complications/dka-ketoacidosis-ketones
  9. Y F. [Diabetic ketoacidosis during the Ramadan fast]. – PubMed – NCBI [Internet]. Ncbi.nlm.nih.gov. 2020 [cited 4 February 2020]. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/10868172
  10. Diabetic Ketoacidosis | Cedars-Sinai [Internet]. Cedars-sinai.org. 2020 [cited 5 February 2020]. Available from: https://www.cedars-sinai.org/health-library/diseases-and-conditions/d/diabetic-ketoacidosis.html
  11. Elhadd T, Al-Amoudi A. Recommendations for Management of Diabetes During Ramadan: Response to Al-Arouj et al. Diabetes Care. 2006;29(3):744-745.
  12. Diabetes and Fasting During Ramadan [Internet]. Hamad.qa. 2020 [cited 5 February 2020]. Available from: https://www.hamad.qa/EN/your%20health/Diabetes/Pages/Diabetes-and-Fasting-During-Ramadan.aspx

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