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गुज़रते वक़्त के साथ शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी डायबिटीज़ का असर होने लगता है. अक्सर हम डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों को पाचन से जुड़ी तकलीफ़ों से जूझते हुए देखते हैं. क्या आपको भी लगता है कि अपनी पसंदीदा चीज़ों से परहेज करके इस परेशानी से राहत पा सकते हैं? ख़ैर, आपको फ़िक्र करने की ज़रूरत नहीं. हमारी डायबिटीज़ केयर एक्सपर्ट, सना सैयद के मुताबिक़ ख़ुद पर बंदिशें लगाकर नहीं बल्कि सही खानपान के ज़रिए इस तकलीफ़ से राहत मिल सकती है. इसके लिए आपको इन 7 बातों का ख़याल रखना होगा.

फ़ाइबर से भरपूर चीज़ें खाएं:
फ़ाइबर वाली चीज़ें खाने से खाए गए खाने को डाइजेस्टिव ट्रैक्ट से बाहर निकालने में मदद मिलती है, जिससे आपको कब्ज़ की शिकायत नहीं होती.

उदाहरण: हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, सब्ज़ियों के सलाद, पेर, पपीता, अमरूद जैसे फल  

घुलनशील (सोल्युबल) और अघुलनशील (इनसोल्युबल) दोनों ही फ़ाइबर शामिल करें:
अघुलनशील फ़ाइबर को शरीर नहीं पचा पाता, जिससे मल में कड़ापन आता है. वहीं घुलनशील फ़ाइबर पानी को सोखता है, जिससे मल ज़्यादा पतला नहीं होता.

उदाहरण:

घुलनशील फ़ाइबर- सूखे मेवे, फलियां, सेब, ब्लूबेरीज़ आदि.

अघुलनशील फ़ाइबर- फूलगोभी, आलू, गेहूं की भूंसी आदि

फ़ैट (वसा) वाला खाना कम खाएं:
वसा से भरपूर चीज़ें खाना पचने की रफ़्तार को धीमा कर देती हैं, जिससे कब्ज़ के आसार बढ़ जाते हैं. इसलिए वसा वाले खाने को सीमित मात्रा में खाएं. पर हां, इसे पूरी तरह से ना छोड़ें.

उदाहरण: कचोरी, समोसा, फरसाण, तेल से भरपूर रसेदार चीज़ें आदि.

वक़्त पर खाएं:
वक़्त पर खाना खाने से आपके पाचन क्रिया (हाज़मा) में सुधार होता है. सौंफ के बीज, एप्पल साइडर विनेगर, अजवायन, बेकिंग सोडा और तुलसी के पत्ते जैसी चीज़ों की मदद से बदहज़मी में राहत मिलती है.

पानी की कमी न होने दें:
भरपूर पानी पीने से आपका हाज़मा सुधरता है. फ़ाइबर, शरीर के अंदरूनी हिस्से जिसे कोलोन कहते हैं, में पानी को सोखता है, नतीजन मल बहुत ज़्यादा सख्त या पतला नहीं होता, जिससे मल विसर्जन में आसानी होती है.

बुरी आदतों से तौबा कर लें: 
शराब, कॉफ़ी और धूम्रपान जैसी आदतों से आपके हाज़में पर असर होता है, नतीजन पेट में छाले और हार्टबर्न जैसी तकलीफ़ें होती है.

नियमित व्यायाम करें:
नियमित व्यायाम करने से खाने को पचाने में आसानी होती है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है.

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Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.