diabetes causes unhealthy food habits
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मधुमेह से प्रभावित लोगों के केयर प्लान के सबसे बड़े हिस्से में उनका खानपान शामिल होता है. लेकिन आप कौन सी चीज़ें खाते हैं महज़ उसी से फ़र्क नहीं पड़ता, बल्कि  आप उन चीज़ों को कैसे खाते हैं आपका ब्लड शुगर लेवल इस बात से भी प्रभावित होता है. हम बता रहे हैं, खानपान की ऐसी 5 नुक़सानदायक आदतें, जिसमें सुधार करके आप अपने ब्लड ग्लूकोज़ लेवल की सेहत बिगड़ने से बचा सकते हैं:

1. सुबह का नाश्ता न करना

हो सकता है आप यह सोचकर सुबह का नाश्ता न करते हों कि इससे आपके कुल कैलोरी इंटेक में कमी आएगी और वज़न कम करने में या फ़ास्टिंग ब्लड शुगर के बढ़े लेवल को कम करने के लिहाज़ से आप नाश्ता न करने को बेहतर समझते होंगे. पर हम आपको बता दें कि ऐसा करना किसी भी हाल में ठीक नहीं.

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इसीलिए दिनभर के खाने में सुबह के नाश्ते को सबसे ज़्यादा अहमियत दी जाती है. इसमें लापरवाही करने से आपकी सेहत पर बुरा असर भी हो सकता है. ख़ासतौर पर ऐसा करने वालो को दिनभर के लिए ज़रूरी ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे बाद के यानी दोपहर और ख़ासकर रात के खाने में वे ज़्यादा मात्रा में खाना खा जाते हैं. नतीजन, बाक़ी के दिनभर में ब्लड शुगर लेवल में बढ़त होती है और इससे आपका वज़न भी बढ़ता है.

अच्छी प्लानिंग के तहत सुबह का नाश्ता करें, जिसमें प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट और फ़ैट जैसे सभी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में शामिल हों और आपका मेटाबॉलिज़्म सेहतमंद रहे. 

2. आपके सुबह के नाश्ते में प्रोटीन की कमी

कार्बोहायड्रेट और फ़ैट के अलावा शरीर में ऊर्जा की ज़रूरत पूरी करने के लिए प्रोटीन एक महत्वपूर्ण मैक्रोन्यूट्रीएंट होते हैं, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न खाने से भी आपके ब्लड शुगर लेवल पर असर हो सकता है.

रिसर्च में पाया गया है कि प्रोटीन से भरपूर चीज़ों को खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है.[2] दिनभर में कई बार नाश्ता करने की इच्छा नहीं होती, नतीजन, आपके फ़ूड इंटेक में कमी आती है और वज़न पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है. खाना पचाने के लिए आपका शरीर ज़्यादा कैलोरी ख़र्च करता है, इससे आपका मेटाबॉलिज़्म भी अच्छा रहता है.[3] कुल मिलाकर, कार्बोहायड्रेट की तरह प्रोटीन आपके ब्लड ग्लूकोज़ लेवल में अचानक उतार-चढ़ाव नहीं लाता. इसलिए सुबह के नाश्ते में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा न होने से आपके ब्लड शुगर लेवल पर बुरा असर होता है. 

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याद रखें: प्रोटीन वाली चीज़ों को चुनते समय ध्यान रखें कि आपको ज़्यादा फ़ैट या कैलोरी से भरपूर प्रोटीन वाले खाने को न चुन लें.

3. रात के खाने में कार्बोहायड्रेट की भरमार

कार्बोहायड्रेट शरीर में ऊर्जा की ज़रूरत पूरी करने का मुख्य स्रोत होता है. लेकिन, रात के खाने में ज़रूरत से ज़्यादा कार्बोहायड्रेट खाने से आपकी कैलोरी इंटेक में बढ़त होती है. अगर आप ख़र्च होने वाली कैलोरी से ज़्यादा खाना खाते हैं, तो यह शरीर में फ़ैट के रूप में जमा हो जाता है, नतीजन आपका वज़न बढ़ता है.

खाने की हर चीज़ से मिलने वाले कार्बोहायड्रेट का आपके ब्लड शुगर लेवल पर गहरा असर होता है. रात के खाने में ढेर सारा कार्बोहायड्रेट खाने से लंबे समय तक आपका आपका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल बढ़ा रहता है, यहां तक कि रात भर भी.

आप किस तरह तरह का कार्बोहायड्रेट खाते हैं, आपकी डायबिटीज़ पर इससे भी असर पड़ सकता है. प्रोसेस या रिफाइंड कार्बोहायड्रेट के साथ हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले सफ़ेद चावल या सफ़ेद ब्रेड जैसी चीज़ें, पोषक तत्वों से नदारद शुगर युक्त कार्बोहायड्रेट से ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है.

4. खाने के वक़्त में लापरवाही

आपके ब्लड शुगर के लिए सिर्फ़ यही मायने नहीं रखता कि आप क्या खाते हैं, बल्कि यह भी अहम होता है कि आप कब खाते हैं. रिसर्च के मुताबिक़ नियमित तौर पर सही वक़्त पर खाना खाना, ब्लड शुगर लेवल पर नियंत्रण पाने का यह एक अच्छा तरीक़ा हो सकता है. हर व्यक्ति के खाने का समय अलग-अलग हो सकता है लेकिन, लगातार एक ही वक़्त पर खाना खाने से ब्लड शुगर लेवल को स्थिर बनाए रखने की तरक़ीब अच्छी है.

नियमित रूप से सही वक़्त पर खाना न खाने से, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने में परेशानी होती है क्योंकि इसके स्वाभाविक प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है.

5. भरपूर खाना खाने के बजाय बार-बार नाश्ता करना

कॉर्पोरेट के व्यस्त लाइफ़स्टाइल में हेक्टिक वर्क शेड्यूल और मीटिंग पर मीटिंग लगी रहती है, जिससे आप दोपहर में खाना खाने का वक़्त नहीं निकाल पाते. ऐसे में, आप अक्सर बीच-बीच में नाश्ते के तौर पर कुछ न कुछ खाते रहते हैं. अगर आपको डायबिटीज़ है तो इस तरह की आदत से आपकी सेहत पर काफ़ी बुरा असर होता है.

ढंग से खाना न खाने से आप भूखे ही रह जाते हैं, नतीजन आप बार-बार नाश्ता करते हैं, जो कि अक्सर कैलोरी से भरपूर या जंक फ़ूड होता है. इसके आख़िर में आपको जितना खाना खाना चाहिए आप उससे ज़्यादा खा जाते हैं. अनियमित खानापान से भी आपके ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होता है.

संदर्भ: 

  1. Jakubowicz D, Wainstein J, Ahren B, Landau Z, Bar-Dayan Y, Froy O. (2015). Fasting Until Noon Triggers Increased Postprandial Hyperglycemia and Impaired Insulin Response After Lunch and Dinner in Individuals With Type 2 Diabetes: A Randomized Clinical Trial. Diabetes Care, 38 (10), 1820-1826. Available from: http://care.diabetesjournals.org/content/38/10/1820. [Accessed: 24 May 2019]
  2. Leidy H, Bossingham M, Mattes R, Campbell W. (2009). Increased dietary protein consumed at breakfast leads to an initial and sustained feeling of fullness during energy restriction compared to other meal times. British Journal of Nutrition, 101 (6), 798-803. Available from: https://www.cambridge.org/core/journals/british-journal-of-nutrition/article/increased-dietary-protein-consumed-at-breakfast-leads-to-an-initial-and-sustained-feeling-of-fullness-during-energy-restriction-compared-to-other-meal-times/EEFC58BB73B6FAE0D14DF5CC82A24EA5#fndtn-information. [Accessed: 24 May 2019].
  3. Harvard T.H. Chan School of Public Health. Protein, carbs, and weight loss. Available from: https://www.hsph.harvard.edu/nutritionsource/2014/02/14/protein-carbs-and-weight-loss/ [Accessed 24 May 2019].
  4. Hutchison A, Regmi P, Manoogian E, Fleischer J, Wittert G, Panda S, et al. (2019). Time‐Restricted Feeding Improves Glucose Tolerance in Men at Risk for Type 2 Diabetes: A Randomized Crossover Trial. Obesity, 27 (5), 724-732. Available from: https://onlinelibrary.wiley.com/doi/full/10.1002/oby.22449. [Accessed: 24 May 2019].

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