diabetes diet balanced meal
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डायबिटीज़ की दुनिया में इन दिनों ऐसे कई बैलेंस्ड प्लेट मील प्लैन्स (संतुलित आहार योजना) देखने को मिलते हैं, जो लोगों के ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में कामयाब रह चुके हैं. लेकिन आगे बढ़ने से पहले यह समझने की ज़रूरत है कि संतुलित आहार है क्या? और यह किस तरह ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है? आसान शब्दों में कहें, तो संतुलित आहार की थाली में उन चीज़ों की मौजूदगी होनी चाहिए जो शरीर के लिए ज़रूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करें.

ऐसे में कहा जा सकता है कि संतुलित आहार का संबंध परोसी गई थाली में मौजूद माइक्रोन्यूट्रेंट्स के अनुपात से है.

गाडगे डायबिटीज़ सेंटर में डायबिटीज़ विशेषज्ञ डॉ गाडगे के मुताबिक़, “आपकी थाली में आधी मात्रा सब्ज़ियों की हो, एक तिहाई मात्रा कार्बोहायड्रेट युक्त अनाज की और एक चौथाई हिस्से में प्रोटीन (दाल, मॉस, फलियां) इत्यादि शामिल हों.”

संतुलित भोजन से जुड़ा प्लान किस तरह मदद करता है?

भारत का पारंपरिक भोजन संतुलित भोजन के तौर पर कितना उपयुक्त है इस पर फ़ूड एक्सपर्ट्स ने भी अपनी राय रखी है. इंटिग्रेटिव एंड लाइफ़स्टाइल मेडिसिन की प्रैक्टिस कर रहे लूक कुटीनो इस बात पर सहमती जताते हुए बताते हैं, “संतुलित भोजन की थाली में सब्जियां (कच्ची + पकाई गयी), दाल /दलिया/ फलियां, साबुत अनाज और प्रोबायोटिक (फरमेंटेड सब्जियां, छास,दही) शामिल होते हैं. इस  आहार से अच्छी मात्रा में मिलने वाले फ़ाइबर कार्बोहाइड्रेट के प्रभाव को कम करने और इसे अच्छे से धीरे-धीरे पचाने में मदद करते हैं. हमारे यहाँ सामान्य तौर पर खाई जाने वाली पारम्परिक भोजन की थाली बैलेंस्ड फ़ूड की बेहतर मिसाल है”.

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लूक इस बारे में भी विस्तार से बात करते हैं कि हमारे खाने की प्लेट में शामिल तत्वों का ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में क्या योगदान होता है.

  • कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के साथ खाया जाने वाला फ़ाइबर, ब्लडस्ट्रीम में ब्लड शुगर के पहुँचने की गति को धीमा करता है. फ़ाइबर युक्त आहार खाने से आपका शुगर लेवल बेहतर बना रहता है.
  • संतुलित भोजन की थाली आपको ज़्यादा खाना खाने की संभावना से बचाती है. जिससे आपको अपना वज़न कम करने में मदद मिलती है.अगर आप डायबिटिक हैं तो शरीर का थोड़ा भी कम हुआ वज़न आपके लिए फायदेमंद है.
  • संतुलित आहार से ट्राइग्लिसराइड्स अच्छे कोलेस्ट्रॉल, ख़राब कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर के मैनेजमेंट पर अच्छा प्रभाव पड़ता है. नतीजतन, यह डायबिटीज़ होने या इसे बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार मेटाबॉलिक (चयापचय) सिंड्रोम को ठीक करता है.
  • डायबिटीज़ पोषक तत्वों को नष्ट करता है, मतलब, बढ़े हुए ब्लड शुगर के चलते आपको बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है जिससे ज़रूरी विटमिन्स, मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं. डायबिटीज़ की वजह से शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स (बी 1-बी 12), विटामिन सी, डी, मैग्नीशियम, क्रोमियम, कॉपर और जिंक जैसे अहम तत्वों की कमी होने लगती है. जिससे इन्सुलिन की संवेदनशीलता को बाधित होती है. ऐसे में संतुलित भोजन उन तत्वों को पूरा करने में मदद करता है.

अपने आहार को संतुलित बनाए रखने के 9 तरीक़े

  1. सुबह सबसे पहले फल खाएं. इसके ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम करने के लिए मूंगफली और अंकुरित अनाजों को मिलाकर इसे और मज़ेदार बनाएं.
  2. जब भी भोजन लें, ध्यान दें कि आपकी थाली में सलाद ज़रूर हो, जिससे शरीर को पर्याप्त प्राकृतिक एंज़ाइम्स मिलें, जो शरीर के क्षारीय (एल्‍काइन) गुण बनाए रखें. क्योंकि शरीर में एसिड की मौज़ूदगी पैंक्रियाज़ को नुक़सान पहुंचाती है.
  3. बाजरा, ज्वार, जौ जैसे अनाज फ़ाइबर से भरपूर होते हैं. इनमें  पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन भी होता है. ये सभी आपके भोजन को बेहतर बनाते हैं.
  4. डायबिटिक व्यक्ति को चावल से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है. थोड़ी मात्रा में चावल के साथ ढेर सारी सब्ज़ियां और दाल खाएं. अनाज से मिनरल्स एवं विटमिन बी प्राप्त होता है.
  5. हमारे संतुलित भोजन में प्रोटीन का विशेष स्थान होता है, क्योंकि यह शरीर के ब्लडस्ट्रीम में ब्लड शुगर के पहुँचने की गति को धीमा करता है, जो कि शरीर को शुगर के नुक़सान से बचाता है.अपने भोजन को संतुलित बनाने लिए थाली में दाल, सेम, मटर, बीज और मूंगफली जैसे प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें .
  6. नट्स और अंकुरित अनाज शरीर को ज़रूरी फ़ैटी एसिड प्रदान करते हैं, जो शरीर की किसी तरह की जलन को कम करने में सहायता करता है, ये हॉर्मोन्स और विटामिन डी का भी निर्माण करता है और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर बनाता है.
  7. सिलोन दालचीनी, मेथी दाने, हल्दी, लहसुन, कड़ी पत्ता, एलोवेरा, लौंग और अजवायन की पत्ती जैसे मसाले और जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से ब्लड शुगर लेवल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
  8. शुगर शरीर में मौजूद पोटेशियम, एमजी, सीए, एनए जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स को कम करता है, जिससे शरीर में सेलुलर डिहायड्रेशन की स्थिति पैदा होती है. यह कोशिकाओं की ताक़त ख़त्म करता है और इन्सुलिन असंवेदनशील होने लगती है. इसलिए इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर बनाए रखना ज़रूरी है. जिसके लिए आप नारियल का पानी, एप्पल साइडर विनेगर, तरबूज़ जैसे फल या काले नमक के साथ नींबू पानी ले सकते हैं.
  9. प्रोबायोटिक्स खाद्य पदार्थों के पाचन में मदद करते हैं. इसके अलावा कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और वसा के चयापचय में मदद करने वाले बी -12 के संश्लेषण के लिए भी प्रोबायोटिक्स महत्वपूर्ण होते हैं. आमतौर पर डायबिटीज़ इम्युनिटी सिस्टम को प्रभावित करता है, लेकिन प्रोबायोटिक्स इसे बनाए रखने में सहायता करते हैं.

तनाव से बचें

संतुलित भोजन से होने वाले कई फ़ायदों पर तनाव नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. इस विषय में लूक कहते हैं, “तनाव के दौरान हमारे शरीर में कॉर्टिसोल बनता है, जो न सिर्फ़ फ़ैट इकठ्ठा करने वाला हॉर्मोन है बल्कि इंसुलिन के स्राव को भी प्रभावित करता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तनाव के दौरान, हमारा शरीर फ़्लाइट या फ़ाइट की स्थिति में पहुँच जाता है, जिसकी वजह से शरीर पर्याप्त मात्रा में ब्लड शुगर लेवल की मांग करता है और जिससे उसे लड़ने या भागने के लिए ज़रूरी ऊर्जा मिल सके”.

लूक आगे बताते हैं कि लंबे समय से तनाव बने रहने का अर्थ है लंबे समय से हाई ब्लड शुगर होना, यानी डायबिटीज. तनाव की वजह से सोमेटोस्टेटिन नाम के हॉर्मोन्स का भी उत्पादन होता है. सोमेटोस्टेटिन हॉर्मोन्स के अधिक होने से इन्सुलिन का स्राव कम हो जाता है, जिसका परिणाम होता है ब्लड में ग्लूकोज़ की मात्रा में बढ़ोतरी. यह काफी हद तक इन्सुलिन मेकनिज़म में कोर्टिसोल के जैसे ही काम करता है. इसलिए, बैलेंस्ड प्लेट मील प्लैन के प्रभावी होने की एक शर्त शांत, सुखी और केंद्रित मन की स्थिति का होना भी है.

जहाँ, संतुलित भोजन में शामिल किये जाने वाले आहार को आप अलग से भी खा सकते हैं, वहीं, यहाँ हम आपको कुछ ऐसी विधियां भी बता रहे हैं, जिसमें आप इन सभी घटकों को आपस में जोड़कर एक संतुलित आहार बना सकें. इसमें फल और छास को शामिल कर आप इसे कम्पलीट डाइट बना सकते हैं.

1.ब्रेकफास्ट में धनिये की चटनी के साथ रागी डोसा

चावल, मक्का या गेहूं के मुक़ाबले, रागी डायबिटिक लोगों के लिए एक हेल्दी विकल्प है, क्योंकि यह पॉलीफेनोल और डाईट्री फ़ाइबर में समृद्ध होता है, तो अपने दिन की शुरुआत आप हेल्दी, टेस्टी रागी डोसा के साथ कर सकते हैं, जो बनाने में भी है बेहद आसान है. डाइट  को संतुलित बनाने के लिए सेब या मौसमी फलों को भी अपने ब्रेकफ़ास्ट में शामिल करें.


वीडियो साभार: YouTube/Healthy Food Kitchen

  1. वन पॉट मील– गेहूं, सब्ज़ी की खिचड़ी

पॉलिश किए हुए चावल के बदले गेहूं का आटा या चोकर युक्त गेहूं का इस्तेमाल कर अपना टिफ़िन तैयार करें, इसमें दाल, फ्रेंच बीन्स, वनस्पति तेल मिलाकर इसकी खिचड़ी बना लें. खिचड़ी को सम्पूर्ण आहार माना जाता है.गेंहू से कार्बोहाइड्रेट्स, दाल और फ़्रेंच बीन्स से प्रोटीन, वनस्पति तेल से पर्याप्त मात्रा में फ़ैट मिलता है. वहीं, गाजर, मटर जैसे पदार्थों से माइक्रोन्यूट्रीइन्ट्स की ज़रूरत पूरी हो जाती है. इस खिचड़ी के साथ आप एक ग्लास छास भी ले सकते हैं.


वीडियो साभार: YouTube/Tarla Dalal

  1. सेहतमंद मेथी पराठा

अगर आप पराठे चाव से खाते हैं, तो आप पोषक तत्वों से भरपूर मेथी पराठे का विकल्प चुन सकते हैं. इसमें मेथी[1], करेला[2], गेंहूँ का आटा, फलियाँ[3], प्याज़, और दही शामिल होता है.


वीडियो साभार: YouTube/Grandmothers Secret Recipes

  1. स्नैक्स में चना, पालक और पत्ता गोभी की टिक्की

ब्लड शुगर में किसी तरह के बदलाव या उतार-चढ़ाव से बचने के लिए आपको दिन भर कुछ न कुछ खाते रहना ज़रूरी है. इस रेसेपी में काबुली चना, पत्ता गोभी और पालक शामिल है. काबुली चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है[4], वहीं पालक[5] में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम शामिल है. जो ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में असरदार होता हैं. पत्ता गोभी ब्लड में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करता है और इसमें प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट[6] भी पाया जाता है.


वीडियो साभार: YouTube/MyFoodCourt

  1. स्टफ़्ड दाल पराठा

पराठे पसंद हैं? संतुलित भोजन के रूप में आपके पास स्टफ़्ड पराठे का बेहतरीन ऑप्शन मौज़ूद है. इसमें गेंहू, दाल और वनस्पति तेल शामिल होता है. गेंहू से कार्बोहायड्रेट्स, दाल से प्रोटीन और वनस्पति तेल से फैट मिलता है, जो आपके खाने की थाली को पौष्टिक बनाने का काम करता है.


वीडियो साभार: YouTube/Health Total

कौन कहता है कि डायबिटीज़ होने पर आप अपनी पसंद का खाना नहीं खा सकते? बस कुछ स्मार्ट तरीक़े अपनाकर आप अपने मनपसंद खाने को हेल्दी बनाएं और चाव से खाएं!

कंटेंट की समीक्षा: अश्विनी एस कनाडे, रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और वो 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहीं हैं.

संदर्भ

  1. N. Neelakantan, M. Narayanan, R.J. deSouza, R.M. van Dam. Effect of fenugreek (Trigonella foenum-graecumL.) intake on glycemia: a meta-analysis of clinical trials. Nutrition Journal 2014; 13:7; https://doi.org/10.1186/1475-2891-13-7
  2. R. Deng. A Review of the Hypoglycemic Effects of Five Commonly Used Herbal Food Supplements. Recent Pat Food Nutr Agric. 2012;  Apr 1; 4(1); 50–60. Available at https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3626401/
  3. WebMD. Beans: Protein-Rich Superfoods Available at https://www.webmd.com/diet/features/beans-protein-rich-superfoods#1
  4. Augustin LSA, Chiavaroli L, Campbell J, et al. Post-prandial glucose and insulin responses of hummus alone or combined with a carbohydrate food: a dose–response study. Nutrition Journal. 2016;15:13. doi:10.1186/s12937-016-0129-1.
  5. WebMD. Why Is Spinach Good for Me? Available at https://www.webmd.com/food-recipes/features/why-is-spinach-good-for-me
  6. Michael Ravensthorpe: Natural News. Cabbage: natural medicine for cancer, diabetes and more: Friday, May 16, 2014

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