why diabetics must exercise
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आप डायबिटिक हों या न हों, पर अक्सर आपका भला चाहने वाले आपको एक्सरसाइज़ करने की सलाह देते मिल जाते हैं. हेल्थकेयर कोच से लेकर आपके इर्द-गिर्द हर कोई एक्टिव लाइफ़स्टाइल के फ़ायदे बताता रहता है, लेकिन सवाल ये है कि एक्सरसाइज़ से भला मधुमेह यानी डायबिटीज़ को नियंत्रित करने में कैसे मदद मिल सकती है?

फ़िज़िकल एक्टिविटी को अपने रूटीन में शामिल करने के कई तरीक़े हैं, इनके ज़रिये हम डायबिटीज़ को रिवर्स करने और स्वस्थ होने में कामयाब हो सकते हैं. आपको सबसे बेहतर नतीजे तब देखने को मिलते हैं जब आप अपने आहार, दवाओं और एक्सरसाइज़ के बीच सही संतुलन बिठा पाते हैं. चलिए, जानते हैं कि एक्सरसाइज़ से किस तरह डायबिटीज़ को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद मिलती है.

1. ब्लड ग्लूकोज़ के नियंत्रण में सुधार

लगातार एक्सरसाइज़ या कसरत करने से इन्सुलिन की सेंसिटिविटी बढ़ती है, जिससे मसल्स इन्सुलिन का बेहतर इस्तेमाल करते हैं. नतीजतन, ग्लूकोज़ का अवशोषण बढ़ जाता है.

वहीं, कसरत की मदद से कॉनट्रैकटिड मसल्स (मसल में एक तरह की सिकुड़न) एनर्जी के लिए ग्लोकोज़ का इस्तेमाल करने लगते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है, क्योंकि इन्सुलिन उपलब्ध होने पर भी मसल्स एनर्जी के लिए ग्लूकोज़ का इस्तेमाल करते हैं. कुल मिलाकर, एक्सरसाइज़ से ब्लड शुगर लेवल बेहतर रहता है, जिसका सीधा मतलब हुआ कि डायबिटीज़ पर बेहतर पकड़ होना.

2. वज़न में संतुलन

डायबिटीज़ के ज़्यादातर मामले, ख़ासकर भारत में वज़न के ज़्यादा होने या मोटापे से जुड़े होते हैं. वज़न कम करने और फ़ैट बर्न करने यानी शरीर में जमा वसा को कम करने से डायबिटीज़ को प्रबंधित करने में आसानी होती है. इसके साथ ही लाइफ़स्टाइल और वज़न से जुड़ा ख़तरा भी कम हो जाता है. वजन घटाने और रोज़ाना की गतिविधियों के प्रबंधन दोनों के लिए ही फ़िज़िकल एक्टिविटीज़ ज़रूरी होती है.

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3. डायबिटीज़ से जुड़ी दूसरी परेशानियों से बचाव

मधुमेह को अगर अच्छे से मैनेज और कंट्रोल न किया जाए, तो इसकी वजह से क्रोनिक किडनी डिज़ीज़, नर्व डैमेज़, दांतों में तकलीफ़, आँखों में ख़राबी और कई बार डिप्रेशन का सामना भी करना पड़ सकता है. इन सारी मुश्किलों से बचे रहने का एक ही रास्ता है कि आप ख़ुदको हमेशा एक्टिव रखें, जिससे डायबिटीज़ कंट्रोल में रहे और दूसरी परेशानियां और तकलीफ़ें न पैदा हों.

4. तनाव से छुटकारा

तनाव हम सबकी ज़िन्दगी में बड़ी तेज़ी अपनी जगह बना रहा है. पर किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि अपनाने से आपके तनाव में असरदार ढंग से कमी आ सकती है. इससे शरीर में ख़ून का बेहतर संचार और ऑक्सीजन में बढ़त होती है. इसके अलावा व्यायाम की वजह से आप ख़ुदको कुछ वक़्त दे पाते हैं, और सभी परेशानियों और तनाव वाली बातों से अपना ध्यान हटा पाते हैं.

5. मिज़ाज में सुधार

बढ़िया तरीक़े और प्रभावी ढंग से एक्सरसाइज़ करने पर दिमाग़ और नर्व सिस्टम में एंडोर्फ़िन नाम का हॉर्मोन रिलीज़ होता है. इन हॉर्मोन से आप सकारात्मक और उत्साहित महसूस करते हैं, साथ ही तनाव या दर्द से भी राहत मिलती है. इससे आपमें ख़ुदको लेकर अच्छे ख़याल आते हैं और आत्म-सम्मान में वृद्धि होती है. इस तरह ख़ुश मिज़ाज होने से आपका चीज़ों को देखने का नज़रिया भी बेहतर होता है. जो आपके डायबिटीज़ को रिवर्स करने में मदद करता है.

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6. स्वस्थ, मज़बूत और ख़ुशहाल बनने में मददगार

नियमित एक्सरसाइज़ करने से आपकी मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों को मज़बूती मिलती है. अच्छी इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता के बेहतर होने से स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां दूर रहती हैं. फ़िज़िकल एक्टिविटी के ज़रिये एक तरह से आप अपने आपको थोड़ा वक़्त देते हैं, इस दौरान आप अपनी सारी फ़िक्र पीछे छोड़कर, बस ख़ुद को एहमियत देते हैं.

डायबिटीज़ का दख़ल आसानी से आपकी ज़िन्दगी के हर पहलू पर होता है. सही अनुशासन और उत्साहित मनोबल के ज़रिये आप इसे अपने ऊपर हावी होने से रोक सकते हैं. फ़िज़िकल एक्टिविटी का ये मतलब हरगिज़ नहीं कि आप ज़्यादा मेहनत वाली कसरत या क्रॉस फ़िट या हेवी कार्डियो ही करें, बहुत ज़रूरी है कि आप अपने शरीर की सुने और इसके मुताबिक़ ही एक्टिविटीज़ अपनाएं. सबसे अच्छा ये होगा कि आप अलग-अलग लेवल की एक्टिविटीज़ को मिला-जुलाकर करें, इससे आपका व्यायाम करने में मन भी लगेगा.

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इसके अलावा, अगर आपकी लाइफ़स्टाइल सेडेंटरी यानी कि ज़्यादा देर तक आराम फ़रमाने वाली रही हो, तो आपको यही सलाह दी जाती है कि आप जिस तरह का भी व्यायाम करना चाहें उसे अपने डॉक्टर के सुझाव के बाद ही अपनाएं और धीरे शुरुआत करें. आप देखेंगे कि आगे बढ़ते हर क़दम पर आप बदलाव के अच्छे नतीजे महसूस करेंगे.

कंटेंट की समीक्षा: अश्विनी एस कनाडे ने की है, वे रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरुक कर रहीं हैं.

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