diabetes management lifestyle modification
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आप अपनी डायबिटीज़ थेरेपी के लिए सब कुछ करते हैं, जैसे कि वक़्त पर दवाएं लेना, समय पर डॉक्टर के पास जाना और डायरी में ब्लड शुगर लेवल की जानकारी दर्ज करना. लेकिन, सबसे ज़रूरी चीज़ पर ज़्यादातर लोग ध्यान ही नहीं देते. डायबिटीज़ थेरेपी के लिए सबसे ज़रूरी है, लाइफ़स्टाइल यानी जीवन शैली में बदलाव करना.

लाइफ़स्टाइल में बदलाव करने का मतलब यह नहीं है कि जीने का पूरा तरीका बदल दिया जाए. वैसे भी, यहां लाइफ़स्टाइल में बदलाव की बात कही गई है. इसका मतलब है कि आप रोज़मर्रा की ज़िंदगी में स्वस्थ आदतें शामिल कर लें. ऐसी आदतें जिनसे डायबिटीज़ नियंत्रण में रहे. डायबिटीज़ ही नहीं, कोशिश करें कि ऐसी आदतें अपनाएं जिनसे आपकी सेहत हर तरह से बेहतर हो जाए.

यक़ीन नहीं आ रहा न? यह देखिए सबूत: साल 2006 में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि टाइप 2 डायबिटीज़ से प्रभावित लोग अगर छह महीने तक लाइफ़स्टाइल में बदलाव करें, तो ज़बरदस्त नतीजे मिलते हैं. ऐसा करने से ग्लाइसेमिक ज़्यादा नियंत्रित रहने लगता है.[1]

डायबिटीज़ मैनेजमेंट के लिए खान-पान और व्यायाम बुनियादी चिकित्सीय विकल्प हैं.[2] यानी, अगर आपको अपने डायबिटीज़ का ख़याल रखना है, तो आपको सबसे पहले इन दोनों का ख़याल रखना होगा. अगर आप इनका ख़याल रखेंगे, तो आपको दी गई दवाएं और इंसुलिन भी बेहतर असर दिखा पाएंगी.

इस गाइड की मदद से आप आसानी से समझ पाएंगे कि डायबिटीज़ पर बेहतर तरीके से नियंत्रण पाने के लिए लाइफ़स्टाइल में क्या बदलाव किए जा सकते हैं:

लाइफ़स्टाइल में बदलाव के लिए ज़रूरी चीज़ें

1. खान-पान

खान-पान में बदलाव का आसान तरीका है, अपनी खाने की प्लेट का आधा हिस्सा फ़ाइबर (बिना स्टार्च वाली सब्ज़ियां), एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन और एक चौथाई हिस्सा कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च वाली सब्ज़ियां) से भरें.[3] आपके ब्लड शुगर पर कार्बोहाइड्रेट का सबसे ज़्यादा असर पड़ता है, इसलिए सोच-समझकर कार्बोहाइड्रेट खाना अच्छा रहेगा. किसी अच्छे रजिस्टर्ड डायटीशियन की मदद से तय करें कि आपको क्या खाना-पीना चाहिए और खाने में कितना कार्बोहाइड्रेट सही रहेगा.

हमारी सलाह है कि आप ऐसे डायटीशियन को ढूंढें जो डायबिटीज़ मैनेजमेंट प्रोग्राम के साथ जुड़े हों.

2. व्यायाम

डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों को सलाह दी जाती है कि वे हर रोज़ कम से कम 20-25 मिनट व्यायाम करें. [4] व्यायाम के दिनों में एक दिन से ज़्यादा का गैप न करें. हर रोज़ व्यायाम करने से शरीर की चर्बी कम होती है. साथ ही, शरीर में इंसुलिन बेहतर तरीके से अवशोषित होता है. स्टैमिना बढ़ाने वाले व्यायाम करें, जैसे कि वज़न से जुड़ा व्यायाम (जिसमें वज़न उठाने का व्यायाम न हो) या फिर शरीर की मज़बूती बढ़ाने के लिए वेट मशीन पर व्यायाम करें. अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि टाइप 2 डायबिटीज़ से प्रभावित लोग अगर रेज़िस्टेंस ट्रेनिंग करते हैं, तो उनकी मज़बूती 50% तक बढ़ जाती है. साथ ही, एचीबीए1सी लेवल भी 0.57% तक बेहतर हो जाता है.[4]

एक ज़रूरी अध्ययन में पाया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज़ से प्रभावित ज़्यादा उम्र के वयस्क अगर लाइफ़स्टाइल में बदलाव करते हैं, तो इससे उन्हें अपना वज़न घटाने में मदद मिलती है. साथ ही, कार्डियो-रेस्पिरेटरी संबंधी सेहत, ब्लड शुगर पर नियंत्रण, ब्लड प्रेशर और लिपिड भी बेहतर होती है. यह भी पाया गया है कि ऐसा करने पर डायबिटीज़ से जूझ रहे लोगों को कम दवाओं की ज़रूरत पड़ती है. इसके अलावा, डायबिटीज़ में मदद करने वाले और उसके बारे में बताने वाले कंट्रोल ग्रुप (जिसमें लाइफ़स्टाइल में कोई बदलाव नहीं होता) की तुलना में, उनकी सेहत पर होने वाले ख़र्च में भी कमी आती है.[5]

कैसे शुरू करें लाइफ़स्टाइल में बदलाव लाना

लाइफ़स्टाइल में धीरे-धीरे बदलाव लाना चाहिए. छोटे-छोटे बदलाव करें, फिर उसे बढ़ाते रहें. ऐसा करने से ही बड़ा बदलाव आएगा. आइए देखते हैं, आप अपनी ज़िंदगी में खान-पान और कामकाज में बदलाव कैसे कर सकते हैं.

खान-पान में बदलाव

जब बात खान-पान की आती है तो आप ख़ुद अपने लिए जांच-पड़ताल कर सकते हैं. या,

ज़्यादा अच्छा रहेगा कि आप किसी प्रमाणित डायटीशियन या न्यूट्रीशनिस्ट की सलाह लें. वे आपके खान-पान की चीज़ों और बुनियादी खान-पान में बड़ा बदलाव किए बिना स्वस्थ खाना खाने में आपकी मदद करेंगे. आप दिन में एक वक्त के खाने में बदलाव के साथ शुरुआत कर सकते हैं. इसके बाद, धीरे-धीरे दूसरे वक्त के खाने में भी बदलाव करें. धीरे-धीरे अपनी शुगर से भरी हुई या कैफ़ीनेटेड ड्रिंक के बजाए शुगर-फ़्री ग्रीन टी लेना शुरू करें. इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं. इससे आपके मेटाबॉलिज़्म में भी सुधार होता है.

ग्रीन टी कई प्रकार और खुशबुओं में मिलती है. अलग-अलग तरह की ग्रीन टी पिएं और देखें कि आपको कौन-सी पसंद आती है. महीने भर में आपको महसूस होगा कि आपने एक सेहतमंद विकल्प अपना लिया है. अपने खाने की जानकारी डायरी में दर्ज करके, आप अपनी मदद भी कर सकते हैं. इस काम में आपकी मदद करने के लिए कई डायबिटीज़ केयर ऐप भी मौजूद हैं. इस तरह के ऐप भविष्य में आपके खान-पान को बेहतर बनाने का फ़ीडबैक भी देते हैं.

क्या बाहर खाना खाया जा सकता है?

खान-पान में किए जाने वाले बदलाव लंबे वक़्त के लिए होने चाहिए. आप यह सोच सकते हैं कि रेस्टोरेंट में कुछ खाने से आपका प्लान ख़राब हो जाएगा. लेकिन, आपको अपनी सोशल लाइफ़ ख़त्म करने की ज़रूरत नहीं है. सेहतमंद चीज़ें खाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप ख़ुद को छोटी-छोटी चीज़ों के लिए तरसाने लगें. ऐसे मौक़ों पर किसी डायटीशियन की सलाह लेना अच्छा रहता है. उनकी मदद से आप चुन सकते हैं कि आपको बाहर क्या खाना है. ‘Wellthy Diabetes App’ पर आपके हेल्थ कोच, आपके पसंदीदा रेस्टोरेंट से सुरक्षित खाना ऑर्डर करने में मदद कर सकते हैं या ऐसे रेस्टोरेंट के सुझाव दे सकते हैं, जो आपके खान-पान के प्लान को ख़राब किए बिना आपकी ऊब ख़त्म करेगा. अगर आप अचानक बाहर ऐसा कुछ खा लें जिससे आपको नुकसान होने का डर है, तो आपका डायटीशियन आपकी मदद कर सकता है.

वीडियो देखें: ये रही डायबिटीज़ होने की वजहें 

व्यायाम में बदलाव

व्यायाम के मामले में भी बदलाव वैसे ही धीरे-धीरे लाएं, जैसे खान-पान में लाएंगे. ऐसा करने से आप लंबे समय तक टिकने वाला प्लान बना पाएंगे. हम सभी व्यायाम के लिए वक़्त न निकाल पाने पर दफ़्तर या फिर घर के कामकाज में व्यस्त होने के बहाने बनाते हैं. आप दिन में 10 मिनट से शुरुआत तो कर ही सकते हैं. खाना खाने के बाद टहलने निकलें, कार के बजाए पैदल ही किराने का सामान लेने जाएं, टीवी देखते समय स्ट्रेचिंग करें या सुबह चाय तैयार होने तक सूर्य नमस्कार करें. सिर्फ़ 10 मिनट निकालें. यह इतना मुश्किल भी नहीं है.

जब आपको हर रोज़ 10 मिनट व्यायाम करने की आदत हो जाए, तो हर हफ़्ते 5 मिनट और जोड़ते रहें. एक या दो महीने में आप हर रोज़ 30 मिनट व्यायाम करने लगेंगे. याद रखें, अगर आप तीन बार में 10-10 मिनट की कोई गतिविधि करते हैं, तो भी आपका 30 मिनट का लक्ष्य पूरा माना जाएगा. यह कुछ भी न करने से तो बेहतर ही है! लेकिन आपको कोशिश करते रहना चाहिए. अपनी गतिविधियों को अपने फ़ोन में दर्ज करें और देखें कि आपने कितनी कैलोरी खर्च की है. या, आप कितने कदम चले हैं. ‘Wellthy Diabetes’ जैसी कुछ ऐप आपको यह भी दिखाते हैं कि आपकी गतिविधि कैसी चल रही है. जैसे कि किस दिन आपने सबसे ज़्यादा व्यायाम किया, या किस दिन आपने सबसे कम व्यायाम किया.

आज ही करें शुरुआत

अब आपको उन दो चीज़ों की जानकारी हो गई है, जो डायबिटीज़ को कंट्रोल के लिए अहम हैं. जितनी जल्दी हो सके, इस जानकारी का इस्तेमाल करना शुरू करें. प्लान करने से काफ़ी मदद मिलेगी. इस मामले में कुछ खोजबीन करें. कुछ ऐसे प्रमाणित चिकित्सकों से बात करें, जो लाइफ़स्टाइल बदलने में आपकी मदद कर सकते हैं.

संदर्भ

  1. Kim, S. H., Lee, S. J., Kang, E. S., Kang, S., Hur, K. Y., Lee, H. J., … & Lee, H. C. (2006). Effects of lifestyle modification on metabolic parameters and carotid intima-media thickness in patients with type 2 diabetes mellitus. Metabolism55(8), 1053-1059.
  2. Sahay, B. K., & Sahay, R. K. (2002). Lifestyle modification in management of diabetes mellitus. Journal of the Indian Medical Association100(3), 178-180.
  3. Mayo Clinic. Diabetes diet: Create your healthy-eating plan. Available at https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/diabetes/in-depth/diabetes-diet/art-20044295  [Accessed June 2018]
  4. Colberg, S. R., Sigal, R. J., Yardley, J. E., Riddell, M. C., Dunstan, D. W., Dempsey, P. C., … & Tate, D. F. (2016). Physical activity/exercise and diabetes: a position statement of the American Diabetes Association. Diabetes Care39(11), 2065-2079.
  5. Pi-Sunyer, X. (2014). The Look AHEAD trial: a review and discussion of its outcomes. Current nutrition reports3(4), 387-391.

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