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कंटेंट की समीक्षा: अश्विनी एस कनाडे ने की है, वे रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरुक कर रहीं हैं.

भारत में मॉनसून को काफ़ी विवादास्पद मौसम कहा जा सकता है. जहां कुछ लोगों के लिए ये मौज-मस्ती और ख़ुशियों का बहाना होता है, वहीं, कुछ के लिए ये परेशानी का सबब बन जाता है. ख़ैर, आप मॉनसून को पसंद करते हों या नहीं, लेकिन मॉनसून के चलते होने वाले बदलावों से तो आपको गुज़रना ही पड़ता है. इसीलिए ज़रूरी है कि आप पहले से कुछ तैयारी के साथ इसका स्वागत करें. 

अमूमन मॉनसून, बारिश और हवाओं के ज़रिये देह जलाने वाली धूप से थोड़ी राहत देता है. ऐसे में ज़रूरी है कि इस मौसम का तुल्फ़ उठाने के साथ ही आप अपना थोड़ा ख़याल भी रखें. पहले से बरती गई थोड़ी सी सावधानियों के साथ आप बारिश की अच्छी यादें जुटा सकते हैं. ख़ासकर अगर आप डायबिटिक हैं, तो आपके लिए ये बातें और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाती है.

बारिश में आपकी तैयारी को आसान बनाने के लिए हमारी डायबिटीज़ केयर एक्सपर्ट ऋतुजा मोने ने कुछ बेहद ज़रूरी और आसान टिप्स और ट्रिक्स शेयर की हैं, जिससे आप मॉनसून में भी हेल्दी और हैप्पी महसूस करें.

डाइट कैसी हो?

डायबिटीज़ में आपको मिलने वाली लगभग हर सलाह खान-पान से जुड़ी होती है. क्योंकि, आहार आपकी सेहत को बनाए रखने के लिए बेहद अहम होता है. इसलिए ज़रूरी है कि आप मॉनसून में खाने-पीने से संबंधित इन बातों का ख़याल रखें.

  • बाहर खाने से बचें:

यूं तो घर में पकाया गया खाना ही हमारे लिए ज़्यादा स्वस्थ रहता है, ऐसे में ख़ासकर मॉनसून के दौरान घर का ही खाना खाने की सलाह दी जाती है. इस तरह आप अपने खाने में साफ़-सफ़ाई, उसकी क्वालिटी और उसके पौष्टिक तत्वों को भी पा सकते हैं. या यूँ कहें कि घर का खाना ही उत्तम खाना होता है क्योंकि इससे संक्रमण या बीमारी का ख़तरा कम हो जाता हैं. इसलिए जितना मुमकिन हो, आप बाहर बनी चीज़ों को खाने से बचें.

  • पकाई गई चीज़ें ही खाएं:

उन्हीं चीज़ों को खाएं जिसे अच्छे से धोकर पकाया गया हो. अगर आप फ़्रूट चाट और कच्ची सब्ज़ियों को सलाद के तौर पर खाने की सोच रहे हैं तो उन्हें घर पर ही तैयार करके खाएं. जिससे आप सुनिश्चित रहें कि आपकी प्लेट में रखी हर चीज़ साफ़-सुथरी है.

  • हल्का खाना खाएं और लालच से बचें:

बारिश के दौरान हमारी पाचन क्रिया कमज़ोर हो जाती है, जिससे शरीर के संक्रमण की चपेट में आने का ख़तरा ज़्यादा रहता है. इसलिए ज़्यादा हेवी खाना खाने से बचें और वही खाएं जो आसानी से पच सके और हल्का हो. तली और तेल से बनी चीज़ों से दूर रहें, और घर पर बनाए गए सूप और उबाली हुई सब्ज़ियाँ खाएं.  

हाइड्रेशन

  • उबला हुआ पानी: 

मॉनसून अपने साथ पानी की वजह से होने वाली कई बीमारियों को भी लाता है. इसलिए अच्छा ये रहेगा कि आप पानी को उबालकर या फ़िल्टर करके साफ़-सुथरे बर्तन में रखकर इस्तेमाल करें. इसके अलावा खाना बनाने के लिए भी फ़िल्टर किए गए पानी का ही उपयोग करें.

  • ख़ूब पानी पिएँ: 

कम होते तापमान के साथ हमारे पानी पीने में भी कमी आने लगती है. गर्मी के मुक़ाबले हमें बरसात में कम प्यास लगती है, इसलिए अक्सर हम पानी पीना भूल जाते हैं. इसकी वजह से हम डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), यूरिनरी इन्फ़ेक्शन और कब्ज़ के शिकार हो सकते हैं. इसलिए सेहत का ख़याल रखने के लिए हम आपको यही सलाह देंगे कि आप दिनभर में 10-14 ग्लास पानी पिएँ. ज़रूरत पड़े तो आप पानी पीने के लिए रिमाइंडर भी लगा सकते हैं.

  • दूसरे पेय पदार्थ:

ज़रूरत के मुताबिक़ पानी पीने की जगह कॉफ़ी या कोल्ड ड्रिंक पीना हमारे लिए ज़्यादा आसान होता है. इसलिए बेहतर होगा कि आप इन चीज़ों को पीने से बचें. इनसे आपके शरीर की पानी की ज़रूरतें पूरी नहीं होती. इसके बजाय ये आपके शुगर लेवल को बढ़ा देते हैं. इसलिए कार्बोनेटेड, कैफ़ीन युक्त और अल्कोहल से जुड़े पेय पदार्थ ना पिएँ. बल्कि कम शक्कर वाली ग्रीन टी या ब्लैक टी पीना सही रहेगा.

त्वचा का रखें ख़याल

संक्रमण से बचें:

ह्यूमिडिटी (नमी)और भीगी त्वचा से त्वचा से जुड़ी बीमारियों, बैक्टीरिया के बढ़ने, फ़ंगल इन्फ़ेक्शन होने के आसार ज़्यादा होते हैं. ऐसे में पूरे मॉनसून के सीज़न के दौरान बेहद ज़रूरी है कि आप अपनी त्वचा का बाक़ायदा ख़याल रखें. त्वचा को दिन में कम से कम 2 बार धोएं, जिससे बदन पर कहीं गन्दगी ना ठहर सके, जो बीमारियों को न्योता देती हैं. आप इससे बचने के लिए पानी और साबुन की मदद लें. सावधानी के लिए चाहें तो नहाने के पानी में लिक्विड डिटॉल डाल दें.

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  • सूरज की तेज़ किरणों से बचाव:

मॉनसून के दौरान सूरज से निकलने वाली यूवी (पराबैंगनी)किरणें आपकी त्वचा को नुक़सान पहुंचा सकती हैं. इसलिए बिना चूके रोज़ाना सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर जाएं. आप SPF 15 या कोई और सनस्क्रीन लोशन इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा, ऑयल बेस्ड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे आपकी त्वचा के छिद्र बंद हो सकते है.

पैरों की देखभाल

डायबिटीज़ में हमेशा अपने पैरों का ख़याल रखना ज़रूरी होता है. ये शरीर का वह हिस्सा है, जिसके संक्रमित होने के आसार सबसे ज़्यादा होते हैं. इस हिस्से में छोटी सी चोट भी काफ़ी नुक़सान पहुंचा सकती है, इतना ही नहीं बरसात के मौसम में हालात और भी नाज़ुक हो जाते हैं. इसलिए बारिश के दौरान बताई गई इन टिप्स के साथ अपने पैरों का ख़याल रखें.

  • फ़ुटवेयर:

ध्यान रहे कि आप पैरों में वही पहनें जो आरामदायक हो और काटे नहीं. यहाँ तक कि एक छोटे से घाव से भी इन्फ़ेक्शन होने का जोखिम होता है. इसके अलावा ऐसे चप्पल-जूते पहनें जिसमें पानी ना ठहरे और पैर ज़्यादा देर तक गीले ना रहें. अगर आप परफ़ेक्ट फ़ुटवेयर की तलाश कर रहे हैं तो शुरुआत डायबिटीज़ के लिए बेहतर मोज़ों के साथ करें.

  • नाख़ून:

पैरों को साफ़-सुथरा रखने के लिए ज़रूरी नहीं कि आपको पेडीक्योर का ही सहारा लेना पड़े. पैरों की सफ़ाई से जुड़ी कुछ बुनियादी बातों का ख़याल रखने पर भी आप लंबे समय तक अपने पैरों को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं. इसकी शुरुआत आप नाख़ूनों को काटने और नियमित रूप से इसमें जमी हुई गंदगी को निकलने से कर सकते हैं.

पैरों की त्वचा का ख़याल:

बारिश के दौरान पैरों की त्वचा का ख़याल रखना आपके रूटीन का हिस्सा होना चाहिए. बाहर जाने पर आपके पैर अनचाहे बैक्टीरिया और गंदगी की चपेट में आ सकते हैं. जिनसे आपको जल्द से जल्द छुटकारा पाने की ज़रूरत होती है. सावधानी के साथ दिन में कम से कम दो बार साबुन और पानी के साथ अपने पैरों को अच्छी तरह धोएं, ताकि किसी तरह का इन्फ़ेक्शन न हो. साफ़ करने के बाद इन्हें अच्छे से सुखाएं. सूखे हिस्सों पर एंटी बैक्टीरियल पाउडर या कॉर्नस्टार्च लगाने की सलाह देते हैं. ख़ासकर पैरों की उन उँगलियों और शरीर के उन हिस्सों पर जहाँ ज़्यादा पसीना आता है.

मॉनसून अमूमन मौसम में ताज़गी और सुहाना बदलाव लाता है. ऐसे में इसका पूरा लुत्फ़ और तजुर्बा करने और के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि आप भी अपना पूरा ख़याल रखें.

बारिशों का मज़ा लीजिए, हैप्पी मॉनसून. 

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