Obesity and Menstruat
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महिलाओं में पीरियड का रेगुलर होना यानि माहवारी का नियमित होना अच्छी सेहत का संकेत माना जाता है. इससे पता चलता है शरीर अपना काम सही ढंग से कर रहा है. प्रेग्नेंट होना, बच्चे को दूध पिलाना या मेंनोपॉज़ जैसी कंडीशन में महिलाओं का पीरियड समय पर ना आना सामान्य बात है.[1] लेकिन क्या आप जानती हैं कि कभी-कभी मोटापा भी पीरियड ना आने या रेगुलर ना रहने की वजह बन सकता है.[2]

स्वस्थ मासिक चक्र

ऐसा माना जाता है एक हेल्थी महिला में आमतौर से मासिक चक्र यानी दो पीरियड्स के बीच औसतन 24 से 38 दिनों तक का फ़र्क़ होता है. अगर किसी महिला में दो पीरियड्स के बीच 24 दिनों से कम या 38 दिनों से ज़्यादा का अंतर होता है, तो उनके पीरियड्स को अनियमित माना जाता है. ऐसे में उसे अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसके अलावा, अगर दो पीरियड्स आने के बीच दिनों की संख्या महीने-दर-महीने बदलती रहती है, तो यह भी पीरियड्स का रेगुलर ना आना माना जा सकता है. आमतौर पर लड़कियों में पीरियड्स की शुरुआत के बाद के कुछ साल पीरियड्स नियमित नहीं रहते, जोकि बाद में नियमित हो जाते हैं. ऐसी महिला जो मेनोपॉज़ के नज़दीक हैं, यानि बढ़ती उम्र के कारण पीरियड्स आना हमेशा के लिए बंद होने की ओर बढ़ रही हैं, तो उनका पीरियड भी अनियमित हो सकता है. हालांकि, मोटापे जैसी हेल्थ कंडीशन भी पीरियड्स के नियमित ना होने का कारण बन सकती है.[1]

मोटापा और स्वस्थ मासिक चक्र 

ग्लोबल गाइडलाइन्स के मुताबिक़, मोटापे को एक ऐसी कंडीशन के तौर पर समझाया जा सकता है, जहां किसी व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 30 या उससे ज़्यादा है. मोटापे के कारण सेहत से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जैसे कि दिल और पेट की बीमारियां, डायबिटीज़ और हड्डियों का कमज़ोर होना.[3] मोटापे के कारण मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं, जिनमें ये शामिल है:[1], [2]

  • अनियमित पीरियड्स
  • पीरियड्स का कम आना
  • पीरियड्स का कभी-कभी ना आना या बिलकुल ना आना
  • बहुत ज़्यादा पीरियड होना

पीरियड्स के अनियमित होने का प्रभाव 

अनियमित, भारी या दर्दनाक पीरियड्स होना सेहत से जुड़ी एक बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.[1] दुबली पतली महिलाओं के मुक़ाबले मोटी महिलाओं में मासिक धर्म अनियमित होने के मामले ज़्यादा होते हैं. ख़ासकर हाई BMI और पेट के मोटापे को पीरियड्स के अनियमित होने से जोड़कर देखा गया है, जोकि महिलाओं में बांझपन की अधिक दर का कारण है.[4]

मोटापा किस तरह मासिक धर्म में समस्या का कारण बनता है?

मोटापा महिलाओं में ओवरी के कामकाज के संतुलन में गड़बड़ी पैदा करता है. इसके अलावा, एडपोस टिश्यू (या फैटी टिशू) एस्ट्रोजन हार्मोन का एक संभावित स्रोत होता है.[4] एस्ट्रोजन की ज़्यादा मौजूदगी सामान्य मासिक चक्र में बाधा डालती है और इससे पीरियड्स हैवी और अनियमित हो सकता है या नहीं भी आ सकता है.[1]

इलाज 

मासिक चक्र को नॉर्मल बनाए रखने के लिए शरीर का हेल्थी होना और वज़न सही होना सबसे अहम होता है.[4]

अगर आपका BMI ज़्यादा है और आप हैवी या अनियमित पीरियड्स की समस्या का सामना कर रही हैं, तो आपके लिए गायनेकोलॉजिस्ट यानि किसी स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलना तो ज़रूरी है ही, साथ ही किसी अच्छे जिम के बारे में मालूम करना भी चाहिए. यानी आपको रेगुलर एक्सरसाइज़ करना ही चाहिए. अपनी डाइट हेल्थी रखें और नाश्ते के तौर पर ली जाने वाली चीज़ों को बहुत ज़्यादा लेने से बचें. अपनी खानपान की आदतों को कहीं नोट करें और उस लिस्ट की मदद से नुक़सानदेह आदतों को दूर करने की कोशिश करें. अपने वज़न पर बराबर नज़र रखें, क्योंकि ऐसा देखा गया है कि जो लोग हफ़्ते में एक बार भी अपना वज़न चेक करते हैं, उनमें शरीर का वज़न बढ़ने देने की गुंजाइश कम होती है.[3]
यह भी देखा गया है कि अगर शरीर का वज़न ज़्यादा होने की वजह से पीरियड्स रुक गए हैं, तो आमतौर पर वज़न कम करने के बाद दोबारा शुरू हो जाते हैं.[1]

अब इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मोटापा आपके मासिक धर्म पर प्रभाव डालता है. ऐसे में आपके लिए यह समझना भी अहम है कि आप कोशिश करके चीज़ों को सही तरह से कंट्रोल कर सकती हैं यानी आपकी ज़िंदगी को परेशानी में डालने वाले बढ़ते वज़न पर कंट्रोल करना भी आपके हाथ में है.

संदर्भ:

 

  • Office on Women’s Health. Period problems [Internet]. [updated 2018 Mar 16; cited 2020 Jan 8]. Available from: https://www.womenshealth.gov/menstrual-cycle/period-problems.
  • Seif MW, Diamond K, Nickkho-Amiry M. Obesity and menstrual disorders. Best Pract Res Clin Obstet Gynaecol. 2015 May;29(4):516-27. DOI: 10.1016/j.bpobgyn.2014.10.010.
  • Mayo Clinic. Obesity [Internet]. [updated 2019 Aug 22; cited 2020 Jan 8]. Available from: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/obesity/symptoms-causes/syc-20375742.
  • Kim JH. Body weight changes in obese women and menstruation. Endocrinol Metab (Seoul). 2017 Jun;32(2):219-220. DOI: 10.3803/EnM.2017.32.2.219.

 

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