ckd symptoms
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जिन चीज़ों की आपके शरीर को ज़रूरत नहीं होती, किडनी (गुर्दा) उसे फ़िल्टर करने में शरीर की मदद करती है. किडनी हॉर्मोन्स उत्पन्न करती है, आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक होती है और शरीर के इलेक्ट्रोलाइट एवं एसिड का संतुलन बनाए रखने के लिए भी ज़रूरी होती है.

क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) एक ऐसी अवस्था है जहाँ किडनी कुछ समय बाद ठीक से काम नहीं कर पाती. डायबिटीज़ में सीकेडी की समस्या बेहद आम है और कई बार इसके लक्षणों का पता भी नहीं चल पाता.

मधुमेह यानी डायबिटीज़, धीरे-धीरे और कई चरणों में आपकी किडनी को ख़राब कर सकता है, मधुमेह के चलते गुर्दों (किडनी) को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है. साल गुज़रने के साथ- साथ ये उस तरह काम नहीं करते, जैसे उसे काम करना चाहिए.

हाई ब्लड शुगर लेवल की वजह से आपके किडनी के ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिनियां) में सिकुड़न आ जाती है और यह भर या अवरुद्ध हो जाती है.

आपको माइक्रोएल्ब्यूमिन्यूरिया की शिकायत भी हो सकती है, जिसमें एल्ब्यूमिन (ख़ून में मौजूद प्रोटीन) के कुछ हिस्से का रिसाव आपके पेशाब में होने लगता है. इतना ही नहीं, आगे चलकर आपके शरीर में प्रोटीन्यूरिया (पेशाब में प्रोटीन की अतिरिक्त मात्रा) की स्थिति भी पैदा हो सकती है और पेशाब में एल्ब्यूमिन के रिसाव की दर में भी बढ़ोतरी होने लगती है. इस स्थिति से आपकी किडनी के फ़िल्टर करने की क्षमता भी प्रभावित होती है. नतीजतन, ख़ून में मल (बिना ज़रूरत के पदार्थ) ख़तरनाक़ स्तर से बढ़ने लगते हैं, जो कई परेशानियों की वजह बनता है. आख़िरकार आपकी किडनी की बीमारी के बदतर हालात पर पहुंचने से किडनी फ़ेल भी हो सकती है.   

डायबिटीज़ के दौरान दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के ख़तरों से यूं रहें सावधान. 

अगर आपको डायबिटीज़ है, तो आप CKD के इन लक्षणों पर हमेशा अपनी नज़र बनाए रखें.

  • नॉक्टूरिया – रात में ज़्यादा बार पेशाब करने जाना (1)
  • नॉक्टूरिया से नींद में ख़लल पड़ना
  • थकान या कमज़ोरी महसूस होना
  • टखने और पैरों में सूजन
  • चेहरे पर सूजन, आँखों के आसपास सूजन होना (ख़ासकर सुबह के समय )
  • रात के समय पैरों में ऐंठन होना
  • मांसपेशियों का कमज़ोर हो जाना(2)
  • जी मिचलाना
  • उल्टी होना
  • भूख न लगना  
  • पीला पड़ना, एनीमिया की शिकायत होना(3)
  • खुश्की, त्वचा में खुज़ली
  • सर दर्द
  • वज़न बढ़ना (तरल पदार्थों के जमा होने की वजह से)
  • ख़ून में प्रोटीन, रक्त में यूरिया की अधिक मात्रा होना, नाइट्रोज़न और क्रिएटिनिन का बढ़ना
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • सांस लेने में तक़लीफ़
  • बार-बार हायपोग्लाइसिमिया का अटैक/दौरा पड़ना
  • उलझन, ध्यान लगाना मुश्किल होना, उनींदापन(4)
  • लंबे समय से सीकेडी की शिकायत होने पर बच्चों की हड्डियों में फ़्रैक्चर और हड्डियों का विकृत होना(5)वीडियो देखें: रात में सोते समय ब्लड शुगर का लेवल गिर जाए तो क्या करें?आमतौर पर, गुर्दे की बीमारी के लक्षण शुरुआती दौर में समझ नहीं आते, और जब ये नज़र आते हैं, तब तक यह गंभीर या यूँ कहें लाइलाज हालात में पहुँच चुकि होती है. किडनी से जुड़ी किसी समस्या से बचने के लिए आपको हर साल किडनी की जाँच करवानी चाहिए. अगर शुरुआती दौर में इसका पता चल जाए और सही ढंग से इलाज किया जाए, तो इसके फ़ेल होने की गति को धीमा और रोका जा सकता है. आप इन 7 तरीक़ों को अपनाकर क्रोनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) से बच सकते हैं.

कंटेंट की समीक्षा अश्विनी एस कनाडे ने की है, वे रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहीं हैं.


संदर्भ:

  1. Król E, Rutkowski B, Czarniak P, et al. Early Detection of Chronic Kidney Disease: Results of the PolNef Study. American Journal of Nephrology. 2009;29(3):264-273. doi:10.1159/000158526.
  2. Avin KG, Moorthi RN. Bone is Not Alone: the Effects of Skeletal Muscle Dysfunction in Chronic Kidney Disease. Current osteoporosis reports. 2015;13(3):173-179. doi:10.1007/s11914-015-0261-4.
  3. Hung S, Kuo K, Peng C, Wu C, Wang Y, Tarng D. Association of Fluid Retention With Anemia and Clinical Outcomes Among Patients With Chronic Kidney Disease. Journal of the American Heart Association: Cardiovascular and Cerebrovascular Disease. 2015;4(1):e001480. doi:10.1161/JAHA.114.001480.
  4. Kurella-Tamura M, Wadley V, Yaffe K, et al. Kidney Function and Cognitive Impairment in US Adults: The REGARDS (Reasons for Geographic and Racial Differences in Stroke) Study. American journal of kidney diseases : the official journal of the National Kidney Foundation. 2008;52(2):227-234. doi:10.1053/j.ajkd.2008.05.004.
  5. Wesseling-Perry K. Bone disease in pediatric chronic kidney disease. Pediatr Nephrol. 2013 Apr;28(4):569-76. doi: 10.1007/s00467-012-2324-4. Epub 2012 Oct 14. Review. PubMed PMID: 23064662; PubMed Central PMCID: PMC3594120.

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