everyday things causing blood sugar spikes
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डायबिटीज़ होने पर या तो पैंक्रियाज़ शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज़ का इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बना पाता या शरीर की कोशिकाएं इन्सुलिन प्रतिरोधी हो जाती हैं. जिससे ग्लूकोज़ ख़र्च या अवशोषित नहीं हो पाता. दोनों ही मामलों में, ब्लड में ग्लूकोज़ इकट्ठा होने लगता है. जो हाई ब्लड शुगर या हाई ग्लूकोज़ लेवल की वजह बनता है.

पर क्या आप जानते हैं साधारण तौर पर की जाने वाली आम एक्टिविटीज़ जैसे कि ढेर सारा कैफ़ीन लेना और यहाँ तक कि मासिक धर्म भी आपके ब्लड शुगर लेवल को अचानक प्रभावित कर सकता है?

शर्ली गणेश, बैंगलोर के हेबल स्थित कोलंबिया एशिया अस्पताल में डायटीशियन हैं, जो यह जानने में हमारी मदद करेंगी कि रोज़ाना की लाइफ़स्टाइल में वो कौन सी 8 एक्टिविटीज़ हैं, जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती हैं.

1. ब्रेकफ़ास्ट न खाना:

जो लोग सुबह का नाश्ता नहीं करते या दोपहर तक बिना खाए रह जाते हैं, उस दिन उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है.(1) टाइप 2 डायबिटीज़ से ग्रसित 22 लोगों पर एक स्टडी की गई, जिन्होंने सुबह का नाश्ता नहीं किया था, स्टडी में देखा गया कि उनमें दोपहर और रात में खाना खाने के बाद आम दिनों से ज़्यादा हाई ब्लड शुगर पाया गया. हमारा शरीर सुबह का नाश्ता न करने की स्थिति में पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज़ नहीं बना पाता. साथ ही ब्लड शुगर को ऊर्जा में बदलने की क्षमता भी घट जाती है. टाइप 2 डायबिटीज़ से ग्रसित लोगों द्वारा ब्रेकफ़ास्ट न करने से इसका असर उनके HbA1c लेवल पर भी पड़ता है. नतीजतन उनके HbA1c लेवल में बढ़ोतरी देखने को मिलती है.

2. ज़्यादा मात्रा में (सफ़ेद) चावल खाना:

एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग सप्ताह में सफ़ेद चावल के 5 या इससे ज़्यादा सर्विंग खाते हैं, उन्हें टाइप  2 डायबिटीज़ होने का ख़तरा बढ़ जाता है.(2) वहीं, जो लोग अपनी प्लेट के एक तिहाई सफ़ेद चावल की जगह ब्राउन राइस खाते हैं, उन्हें मधुमेह/डायबिटीज़ होने का ख़तरा 16 प्रतिशत कम हो जाता है.

सफ़ेद चावल कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होता है और इसमें फ़ाइबर की कमी होती है. जिसका मतलब हुआ कि इसे खाने पर ख़ून में ग्लूकोज़ रिलीज़ होने की गति बढ़ जाती है, पर किसी को चावल  खाना पूरी तरह बंद करने की ज़रूरत नहीं. बस यह ध्यान में रखें कि एक तिहाई कटोरी चावल में लगभग 15 ग्राम कार्बोहायड्रेट होता है. और आमतौर पर एक व्यक्ति को अपने खाने में 45-60 ग्राम कार्बोहायड्रेट लेना चाहिए.

  1. स्मोकिंग:

स्मोकिंग के बुरे प्रभावों से तो हम सभी वाक़िफ़ हैं, पर इसके अलावा स्मोकिंग से शरीर में इन्सुलिन प्रतिरोध बढ़ता है. इतना ही नहीं, डायबिटीज़ के दौरान सिगरेट पीने से हार्ट संबंधी बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ जाता है.

4. ज़्यादा कैफ़िन युक्त चीज़ें खाना:

रिसर्च से मालूम हुआ कि कैफ़ीन युक्त या बिना कैफ़ीन के कॉफ़ी पीने से डायबिटीज़ होने का ख़तरा 8% कम हो जाता है.(3) कहने का मतलब है कि अगर कैफ़िन युक्त चीज़ें कम मात्रा में ली जाए तो कैफ़ीन से ब्लड शुगर नहीं बढ़ता. दिनभर में 400 मिलीग्राम तक कैफ़ीन लेना, युवाओं और स्वस्थ वयस्कों के लिए सुरक्षित है. लेकिन टाइप 2 डायबिटीज़ के लोग जब लंबे समय तक कैफ़ीन युक्त कॉफ़ी पीते हैं, तो इससे उनके ब्लड शुगर का नियंत्रण बिगड़ सकता है, और खाने के बाद इन्सुलिन सेंसिटिविटी की स्थिति पैदा हो सकती है.(4)

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5. मासिक धर्म:

मासिक चक्र एस्ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरॉन हॉर्मोन से नियंत्रित होता है. जिससे कुछ समय के लिए इन्सुलिन प्रतिरोधित हो सकता है. इसलिए आपने शायद यह ग़ौर किया होगा कि पीरियड आने के पहले या उसके दौरान तीन से पांच दिनों के लिए ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है. यह हर महीने अलग-अलग और कुछ लोगों के लिए काफ़ी परेशानी भरा हो सकता है.

6. तनाव या ज़्यादा शारीरिक गतिविधि:

ज़्यादा तनाव लेने या शारीरिक गतिविधि करने के दौरान शरीर में कॉर्टिसोलऔर एड्रेनैलिन रिलीज़ होता है. ये दोनों ही ब्लड शुगर लेवल में दख़लअंदाज़ी करते हुए इसे बढ़ाते हैं.

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7. कोल्ड और फ़्लू  जैसी बीमारियां:

बीमारियाँ भी ब्लड शुगर को बढ़ाने का काम करती हैं, क्योंकि बीमारी के दौरान फ़्लू से लड़ने के लिए शरीर में जो हॉर्मोंन्स बनते हैं वो ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं.

8. पूरी नींद न लेना:

अगर आपके शरीर को पूरी नींद नहीं मिल रही है या आप सो ही नहीं रहे, तो इसका सीधा असर आपके ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है. जब आप देर तक जागे रहते हैं, तो शरीर में ज़्यादा कॉर्टिसोल हॉर्मोन रिलीज़ होता है, जिसके बारे में हम जानते ही हैं कि ये ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करता है.(5)

आपका स्वास्थ्य आपके हाथों में है, इसलिए लगातार अपने ब्लड शुगर लेवल को चेक करते रहें, जिससे आपको अपने स्वास्थ्य से जुड़ा अचानक ऐसा कोई सरप्राइज़ ना मिले, जो आपके लिए सही न हो.

फ़ोटो साभार:  Storyblocks

सन्दर्भ:

  1. Daniela Jakubowicz, Julio Wainstein, Bo Ahren, Zohar Landau, Yosefa Bar-Dayan and Oren Froy. Fasting Until Noon Triggers Increased Postprandial Hyperglycemia and Impaired Insulin Response After Lunch and Dinner in Individuals With Type 2 Diabetes: A Randomized Clinical Trial. Diabetes Care 2015 Jul; dc150761. https://doi.org/10.2337/dc15-0761
  2. Qi Sun, MD, ScD; Donna Spiegelman, ScD; Rob M. van Dam. White Rice, Brown Rice, and Risk of Type 2 Diabetes in US Men and Women. Arch Intern Med. 2010;170(11):961-969. doi:10.1001/archinternmed.2010.109. https://jamanetwork.com/journals/jamainternalmedicine/fullarticle/416025
  3. Huxley R1, Lee CM, Barzi F, Timmermeister L, Czernichow S, Perkovic V, Grobbee DE. Coffee, decaffeinated coffee, and tea consumption in relation to incident type 2 diabetes mellitus: a systematic review with meta-analysis. Arch Intern Med. 2009 Dec 14;169(22):2053-63. doi: 10.1001/archinternmed.2009.439. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20008687/
  4. Moisey LL1, Kacker S, Bickerton AC, Robinson LE, Graham TE. Caffeinated coffee consumption impairs blood glucose homeostasis in response to high and low glycemic index meals in healthy men. Am J Clin Nutr. 2008 May;87(5):1254-61. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/18469247
  5. Kristen L Knutson. Impact of sleep and sleep loss on glucose homeostasis and appetite regulation. Sleep Med Clin. 2007 Jun; 2(2): 187–197. doi: 10.1016/j.jsmc.2007.03.004.  https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2084401/

 

 

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