heart health diet fruits
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ऐसा कहा जाता है ‘किसी भी चीज़ की अति अच्छी नहीं होती’, लेकिन आपके फैमिली डॉक्टर इस बात से बहुत ज़्यादा सहमत नहीं होंगे.

कंजेस्टिव हार्ट फेलियर वाले 10 में से 4 लोगों को हाइपरकेलेमिया नाम की समस्या का सामना करना पड़ता है.[1] आइए जानते हैं हाइपरकेलेमिया किस बला का नाम है? दरअसल हाइपर का मतलब होता है ‘ज़्यादा’ और केलेमिया का इस्तेमाल पोटैशियम के लिए किया जाता है (जिसका प्रतीक है ‘K’), इसलिए इसका पूरा मतलब हुआ ‘ज़्यादा पोटैशियम’. पोटैशियम की ज़्यादा मात्रा आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है.

पोटैशियम उन केमिकल में से एक है जिनकी वजह से आपका दिल काम करता है; आपके शरीर में पानी के संतुलन को बनाए रखने के लिए ये बहुत ज़रूरी होता है. लेकिन पोटैशियम की बहुत ज़्यादा मात्रा आपके शरीर के काम करने की गति पर असर डाल सकती है और साथ ही किडनी और मांसपेशियों को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे आप कमज़ोर महसूस कर सकते हैं.[2]

इस तरह के गंभीर हालातों के पीछे क्या वजह होती है?

दिल और किडनी के बीच एक डायनेमिक जुड़ाव होता है. दिल और किडनी मूल रूप से काफी हद तक एक दूसरे का विरोध करते हैं. पेशाब के ज़रिए पानी और सॉल्ट को शरीर के बाहर निकालकर किडनी इनकी मात्रा को कम या ज़्यादा करके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखता है. ख़ून में मौजूद पानी की मात्रा से दिल पर असर पड़ता है जिसे बाहर पंप करने की ज़रूरत होती है. तरल ज़्यादा होने पर उसे जितना ज़्यादा पंप करना पड़ता है, दिल पर दबाव उतना ज़्यादा बढ़ता है. दिल की ऐसी समस्या को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर ‘वॉटर पिल्स’ लेने की सलाह देते हैं. इन पिल्स की मदद से पानी की मात्रा बढ़ जाती है नतीजन ख़ून में पोटैशियम बढ़ सकता है. पोटैशियम के तेज़ी से बढ़ने से दिल पर असर पड़ता है, जिससे दिल सही ढंग से नहीं धड़कता, पैरालिसिस होने का ख़तरा होता है, चक्कर आता है और मांसपेशियों में थकान महसूस होती है.[1,2]

ज़्यादातर फलों और सब्ज़ियों में फ़ायदेमंद पोटैशियम मौजूद होता है. अपने शरीर में पोटैशियम का सही संतुलन बनाए रखने के लिए इन फलों को खाएं!

यहां उन फलों के बारे में बताया गया है, जिन्हें आपको अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए:

  1. तरबूज़: एक कप तरबूज़ से आपके शाम का स्नैक्स बहुत शानदार बन सकता है.
  2. अनानास: यह बहुत ही मज़ेदार, खट्टे मीठे स्वाद वाला फल है जिसे आप या तो फल की तरह खा सकते हैं या फिर जूस की तरह पी सकते हैं.
  3. पीच: टोस्ट किए हुए ब्रेड के साथ इस मीठे, जूसी फल को खाने का अपना ही मज़ा है.
  4. नाशपाती: एक छोटे से नाशपाती में उतने न्यूट्रीएंट्स होते हैं जो आपके दिल और किडनी दोनों को सेहतमंद बनाए रख सकते हैं.
  5. बेरी:  ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी यहां तक ​​कि चेरी भी सुबह के बाद खाए जाने वाले बेहतरीन फल हैं.
  6. सेब: कहा जाता है डॉक्टर को दूर रखने के लिए एक सेब काफी हो सकता है. अगर आपको सेब का जूस पसंद हैं, तो आप इसे किसी और जूस की जगह पी सकते हैं.
  7. अंगूर: अगर मीठा खाने का मन है, तो अंगूर का एक गुच्छा काफी हो सकता है! अंगूर में कम पोटैशियम होता है, अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, तब भी इसे आराम से खाया जा सकता है.
  8. प्लम: छोटे से एक प्लम से मिलने वाला फ़ायदा दूसरी चीज़ों से कहीं ज़्यादा होता है.

याद रखें संयम बहुत ज़रूरी है! जब तक की कुछ और न कहा जाए, इनमें से कोई फल आधा कप खाने से पोटैशियम लेवल कंट्रोल में रहता है. अगर आप अपनी डायट में अलग-अलग फल शामिल करना चाहते हैं, तब भी इनकी मात्रा को सीमित ही रखें. अगर आपको पहले से ही हाई पोटैशियम की समस्या है, तो इनमें से किसी भी फल को हद से ज़्यादा खाने से आपका पोटैशियम और भी ज़्यादा बढ़ सकता है.

जितना हो सके, इन फलों को खाने से बचें:

  1. केला
  2. संतरा
  3. खुबानी, प्रूनस, अंजीर और किशमिश जैसे सूखे मेवे
  4. ऐवकाडो
  5. आम

अपने पोटैशियम लेवल को कंट्रोल में रखने का एक और तरीका यह है कि आप खाने की उन चीज़ों पर नज़र रखें जिनमें नमक की जगह नमक के विकल्पों का इस्तेमाल किया जाता है. डिब्बा बंद खाने में नमक के विकल्प का इस्तेमाल प्रिज़र्वेटिव के तौर पर किया जाता है, जिससे आपका पोटैशियम लेवल बढ़ सकता है. आमतौर पर खाने के डिब्बे पर ऐसी जानकारी लिखी हुई होती है. डिब्बा बंद पके हुए पालक, आलू और टमाटर में पोटैशियम की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है. इनसे भी बचने की कोशिश करें. अगर आप किसी खेल से जुड़े हुए हैं और आपको दिन भर में स्पोर्ट्स ड्रिंक पीने की ज़रूरत पड़ती है, तो इसमें शामिल पोटैशियम की मात्रा को देखें. अगर आपको कोई ऐसा फल या सब्ज़ी पसंद है, जिसमें ज़्यादा पोटैशियम होता है, तो इसमें मौजूद पोटैशियम को कम करने का एक आसान तरीक़ा ये है कि आप इसके छिलके को निकालकर, काटकर पानी में कुछ देर रहने दें, ताकि इसके पोटैशियम को कम होने में मदद मिल सके.[4]

जैसा कि किसी ने ठीक ही कहा है, “अलग-अलग चीज़ों से ही ज़िंदगी में मज़ा आता है!” डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को प्रिस्क्राइब करने के लिए दवाओं के सही संतुलन को तय करने दें, और आप स्वाभाविक तरीके से फ़ायदेमंद पोटैशियम लेवल को बनाए रखने के लिए कई फलों के स्वाद का मज़ा उठाएं.

 

संदर्भ:

  1. Thomsen RW, Nicolaisen SK, Hasvold P, Garcia‐Sanchez R, Pedersen L, Adelborg K, Egfjord M, Egstrup K, Sørensen HT. Elevated potassium levels in patients with congestive heart failure: Occurrence, risk factors, and clinical outcomes. J Am Heart Assoc. 2018 May 22;7(11):pii:e008912. doi:10.1161/JAHA.118.008912.
  2. Mayo Clinic Staff. High potassium (hyperkalemia) [Internet]. 2018 Jan 11 [cited 2019 Jul 20]. Available from: https://www.mayoclinic.org/symptoms/hyperkalemia/basics/when-to-see-doctor/sym-20050776.
  3. Potassium and your CKD diet [Internet]. 2019 [cited 2019 Jul 20]. Available from: https://www.kidney.org/atoz/content/potassium.
  4. Heart failure diet: Potassium [Internet]. [updated 2019 May 01; cited 2019 Jul 20]. Available from: https://my.clevelandclinic.org/health/articles/17073-heart-failure-diet-potassium.

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