high cholesterol cardiovascular diseases
Reading Time: 2 minutes

हाई कोलेस्ट्रॉल तेजी से एक ऐसा शब्द बनता जा रहा है जिसके बारे में ज़्यादातर लोगों को उनके डॉक्टरों ने चेताया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि यह दिल से जुड़ी बीमारी पैदा कर आपकी जान को जोख़िम में डाल देता है. यहां बताया गया है कैसे?

हाई कोलेस्ट्रॉल या डिसिप्लिडिमिया क्या है:

हाई कोलेस्ट्रॉल (हाइपरलिपिडिमिया के रूप में भी जाना जाता है) या डिसिप्लिडिमिया को पाचन क्रिया की असामान्यता के रूप में परिभाषित किया गया है जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के लेवल को लगातार बढ़ाता जाता है. डिसिप्लिडिमिया और हाइपरलिपिडिमिया के पांच तरीकों में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स दोनों का लेवल ज़्यादा पाया गया है.[1]

दुनियाभर में हाई कोलेस्ट्रॉल से होने वाली मौतों का एक आम कारण यह सामने आया है कि जब किसी का कुल कोलेस्ट्रॉल लेवल 5.0 mmol/L या 190 mg/L से ज़्यादा होता है, तो यह मौत की वजह बनता है.

बीमारी से इसका क्या संबंध है

जेनेवा में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, दुनिया में एक तिहाई इस्किमिक हार्ट डिज़ीज़ (कोरोनरी धमनी रोग) हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (डिसिप्लिडिमिया का एक रूप) की वजह से होता है. एक अनुमान के मुताबिक यह हालत दुनिया में 2.6 मिलियन मौतों के लिए ज़िम्मेदार होगी. इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि 2020 तक दिल से जुड़ी बीमारियों का फैलाव दोगुना हो जाएगा जो मौत के कारण के तौर पर HIV/एड्स से भी ज़्यादा होगा.

हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (हाई कोलेस्ट्रॉल) में नसों में फैट जमा हो जाता है. धीरे-धीरे यह नसों को सिकोड़कर कर एथेरोस्क्लेरोसिस को ज़न्म देता है. एथेरोस्क्लेरोसिस से दिल से जुड़े रोग, हार्ट अटैक, परिधीय धमनी रोग (पेरीफेरल आर्टरी डिज़ीज़) या स्ट्रोक हो सकता है. ट्राइग्लिसराइड्स के ज़्यादा लेवल के साथ संयुक्त HDL (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन) का कम लेवल भी धमनियों में फैट को बढ़ा सकता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों और अन्य परेशानियों का ज़्यादा खतरा होता है. 

हाई कोलेस्ट्रॉल किन वजहों से होता है?

हाई कोलेस्ट्रॉल के कुछ सबसे आम कारणों में ज़्यादा वज़न या मोटापा, हाइपोथायरायडिज्म, पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम, मैटाबोलिक सिंड्रोम, आनुवांशिक गड़बड़ी या कुशिंग सिंड्रोम है.[4]

हाई कोलेस्ट्रोल को ठीक करने के उपाय:

  1. नियमित एक्सरसाइज़: टहलना, ज़ाॅगिंग, साइकिल चलाना या अन्य तरह की कसरत से कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है.
  2. हेल्दी खाना: संतुलित आहार का सेवन हाई कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से राेकता है. क्योंकि फ़ैट की मात्रा शरीर के ज़रीर अवशोषित कर ली जाती है जिससे यह धमनियों में जमा नहीं होती.
  3. वज़न कम करें: विशेषज्ञों के अनुसार, 10-15% वज़न कम करने से भी कोलेस्ट्रॉल के लेवल में अंतर आ सकता है.
  4. धूम्रपान छोड़ना: धूम्रपान कई बीमारियों की वजह है. यह प्लाक बनाता है जो दिल से जुड़ी बीमारियों और हार्ट अटैक की अहम वजहों में से एक है.

संदर्भ: 

  1. Agence Francaise de Securite Sanitaire des Produits de Sante, [AFSSAPS guideline for the treatment of dyslipidemia]. Rev Prat. 2005 Oct 31; 55(16):1788-93.
  2. Dyslipidemia, obesity and other cardiovascular risk factors in the adult population in Senegal. Doupa D, Seck SM, Dia CA, Diallo FA, Kane MO, Kane A, Gueye PM, Mbaye MN, Gueye L, Jobe M. Pan Afr Med J. 2014; 19():181.
  3. OMS. Cadre Global Mondial de Suivi, Comprenant des Indicateurs, et Série de Cibles Mondiales Volontaires Pour la Lutte Contre les Maladies non Transmissibles. Geneva, Switzerland: OMS; 2012. 
  4. Mayoclinic.com/diseases-conditions/high-blood-cholesterol/symptoms-causes

Loved this article? Don't forget to share it!

Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.