high cholesterol diet healthy fats benefits
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क्या लज़ीज़ बर्गर और सुंदर-सजीले केक देखकर आपके मुंह में पानी आ जाता है? इसके फ़ौरन बाद आपकी आंखों के सामने कोलेस्ट्रॉल के बढ़े हुए स्तर की तस्वीर तैर जाती है? खाने-पीने की चीज़ों की लालसा पर क़ाबू पाना बहुत ही मुश्किल है; मन होता है कि सारे परहेज़ भूलकर खाने पर टूट पड़ो, फिर चाहे वो आलू के चिप्स हों, फ्राइज़ हों या फिर चीज़ सैन्डविच.  

खाने की इन सभी चीज़ों को इसीलिए नुक़सानदेह समझा जाता है क्योंकि इनमें से ज़्यादातर चीज़ों में सैचुरेटेड और ट्रांस फ़ैट है. सैचुरेटेड और ट्रांस फ़ैट आपके ख़ून में ‘बैड’ कोलेस्ट्रॉल (लो-डेन्सिटि लिपोप्रोटीन [एलडीएल]) को बढ़ा देता है. हालांकि, एक और तरह का फ़ैट होता है, जिसे अनसैचुरेटेड फ़ैट कहते है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल यानी नुक़सान पहुंचाने वाले कोलेस्ट्रॉल को कम करके आपके ख़ून में ‘गुड’ कोलेस्ट्रॉल (हाइ-डेन्सिटि लिपोप्रोटीन [एचडीएल]) का लेवल बढ़ा सकता है.[1]

इसीलिए, आपकी परेशानी का आसान उपाय यह है कि आप अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को क़ाबू में रखने के लिए अपने खाने में सैचुरेटेड और ट्रांस फ़ैट की जगह अनसैचुरेटेड फ़ैट का इस्तेमाल करें. रिसर्च के मुताबिक़, अपने खान-पान में सही वसा को शामिल करने से आप अपने कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित और दिल की सेहत को दुरुस्त रख सकते हैं.[2, 3] 

लेकिन मैं यह कैसे जानूं कि किस चीज़ में कौन सा फ़ैट है?
अगर आप अपने खानपान में अच्छा फैट शामिल करना चाहते हैं तो आपको अच्छे फ़ैट और बुरे फ़ैट के बीच का अंतर पता करना चाहिए. ज़्यादातर वह वसा जो जानवरों के दूध में और उस दूध से बनी चीजों में होती है, जैसे कि मलाई, चीज़, मक्खन और मक्खन से बनी बेकरी की चीज़ें और इनके अलावा पाम तेल, नारियल तेल जैसी चीज़ों में सैचुरेटेड फ़ैट होता है. मांसाहारी खाने में, ज़्यादा चर्बी वाला मीट और मुर्गे की चर्बी में भी सैचुरेटेड फ़ैट होता है. ट्रांस फ़ैट के स्त्रोत होते हैं, मार्जरिन, फास्ट फूड और पैकेट में बिकने वाली चीज़ें जैसे कि बिस्कुट वगैरह.

जैतून का तेल, मूंगफली तेल, राई का तेल (केनोला ऑयल), सूरजमुखी का तेल, कुसुंभ का तेल (सैफ्लावर ऑयल), एवाकाडो, अखरोट और मछली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड का अच्छा स्त्रोत होते हैं, जिन्हें आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं.

तो मैं सैचुरेटेड से अनसैचुरेटेड की तरफ़ कैसे बढूं?

अपने खान-पान में हमेशा से इस्तेमाल होते आ रहे सैचुरेटेड और ट्रांस फ़ैट को हटाकर अनसैचुरेटेड फ़ैट को अपनाने में ज़्यादा परेशानी नहीं आती. नीचे दिए गए तरीक़ों की मदद से आप अपनी सेहत को नई दिशा दे सकते हैं:

  1. खाना बनाने के लिए नारियल के तेल, मक्खन या घी की जगह राई, जैतून, कुसुंभ या सूरजमुखी का तेल इस्तेमाल करें. आप सलाद में जैतून का तेल ऊपर से डाल सकते हैं. यह आपके सलाद का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ आपको संतुष्टि भी महसूस कराएगा जो कि सलाद में सिर्फ़ हरे पत्ते खाने से नहीं महसूस होती. साथ ही, जैतून का तेल हल्का होता है, जिसके इस्तेमाल से आपको बाक़ी तेल के मुक़ाबले अपने खाने में भारीपन महसूस नहीं होगा. 
  2. एक चौथाई कप अपने पसंदीदा सूखे मेवे खाएं – अखरोट, मूंगफली या बादाम. इनमें भारी मात्रा में अच्छी वसा होती है जो न सिर्फ़ आपके एलडीएल के स्तर को 5% तक कम करने में मदद करती है बल्कि आपके दिल को भी दुरुस्त रखती है. एक मुट्ठी भुने हुए मेवे आपके लिए स्वादिष्ट शाम का नाश्ता बन सकते हैं. उन्हें उबली हुई शकरकंद के साथ मिलाइए और आपके लिए एक संतुष्टि देने वाला भोजन तैयार है. 
  3. अगर आप सीफ़ूड (तरह-तरह की मछली और समुद्री जीव) के शौक़ीन हैं तो आप अपना एलडीएल कम करने के लिए मीठे पानी में पाई जाने वाली फ़ैटी मछली हफ़्ते में दो से तीन बार खा सकते हैं. मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड, जो कि एक तरह की अनसैचुरेटेड वसा है, की अच्छी स्त्रोत है.[4]  
  4. एवाकाडो पोषक तत्वों से भरपूर होता है और अपनी अनसैचुरेटेड फ़ैट के ज़रिए आपका एलडीएल कम करने में मददगार साबित होता है. अगर आप सेहत की दुनिया से वास्ता रखते हैं तो आपको पता ही होगा कि एवाकाडो कि कितनी मांग है! आप इससे गुआकामोल (एक तरह का डिप) बना सकते हैं या इसे मैश करके अपने टोस्ट पर लगा सकते हैं. यह सुबह के नाश्ते से लेकर दिन के भोजन और रात के खाने के रूप में खाया जा सकता है.[5]

इंटरनेट पर ऐसी तमाम रेसिपी मौजूद हैं जिनमें सेहतमंद वसा का इस्तेमाल करके लज़ीज़ पकवान और मिठाइयां बनाने का तरीक़ा बताया गया है. आपको ब्राउनी बनाने की ऐसी रेसिपी भी मिल जाएगी जिसमें तेल या मक्खन की जगह एवाकाडो का इस्तेमाल होता है!

अपने खान-पान से फ़ैट कम करने का एक और तरीक़ा है खाना पकाने के तरीक़े में बदलाव लाना. आप खाने को सिर्फ़ तलने की जगह उसे ग्रिल (भूनना), पोच (उबलते पानी में पकाना) या फिर स्टीम (भाप में पकाना) कर सकते हैं. कोलेस्ट्रॉल को कम करने का एक और तरीक़ा है सुपरमार्केट में राशन ख़रीदते समय ध्यान देना और ‘फैट-फ़्री’ वाली चीज़ों का न्यूट्रीशन लेबल पढ़ना.

अपने आहार में फ़ाइबर से भरपूर चीज़ें शामिल करना और सेहत बनाने के लिए रोज़ाना कसरत करना हर डॉक्टर की सलाह होती है. लेकिन हम सबको यह सच पता है कि कैसे हमारा चटोरापन इन आदतों को अनदेखा कर देता है. इन आसान तरीक़ों को आज़माकर आपको खाने-पीने की अपनी लालसाओं से जूझना नहीं पड़ेगा. बस कुछ ज़रूरी चीज़ों का फ़ेर-बदल करें और जी भरकर खाएं.

 

संदर्भ :

  1. Heart healthy eating to help lower cholesterol levels [Internet]. [updated 2018 Feb 16; cited 2019 Jul 31]. Available from: https://my.clevelandclinic.org/health/articles/17281-heart-healthy-eating-to-help-lower-cholesterol-levels.
  2. LDL: The “bad” cholesterol [Internet]. [updated 2019 Apr 18; cited 2019 Jul 31]. Available from: https://medlineplus.gov/ldlthebadcholesterol.html.
  3. HDL: The “good” cholesterol [Internet]. [updated 2019 Apr 18; cited 2019 Jul 31]. Available from: https://medlineplus.gov/hdlthegoodcholesterol.html.
  4. 11 foods that lower cholesterol [Internet]. [updated 2019 Feb 06; cited 2019 Jul 31]. Available from: https://www.health.harvard.edu/heart-health/11-foods-that-lower-cholesterol.
  5. Mayo Clinic Staff. Cholesterol: Top foods to improve your numbers [Internet]. [updated 2018 Jul 17; cited 2019 Jul 31]. Available from: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/high-blood-cholesterol/in-depth/cholesterol/art-20045192.

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