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हाइपरटेंशन, लाइफ़स्टाइल से जुड़ी उन बीमारियों में से एक है, जिसे सही डायट की मदद से नियंत्रित किया जा सकता है. बेवक़्त और सेहत के लिए नुक़सानदायक खाना, आपके ब्लड प्रेशर लेवल को काफ़ी प्रभावित कर सकता है. इससे आपके देखने की क्षमता पर असर पड़ने के अलावा, गुर्दे में ख़राबी, स्ट्रोक या दिल की धड़कन रुक जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. और हां, तंबाकू और शराब का ज़्यादा इस्तेमाल करने, बड़ी मात्रा में सोडियम खाने, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करने, तनाव और डायबिटीज़ या कोलेस्ट्रॉल जैसी दूसरी परेशानियां इससे होने वाले ख़तरे को और बढ़ा देती हैं. इसलिए हालात को नियंत्रित करने या इससे छुटकारा पाने के लिए सही वक़्त पर ठोस क़दम उठाना ज़रूरी है.

निधि धवन (विभाग प्रमुख – डायटेटिक्स, सरोज सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल, नई दिल्ली) सुझाव देती हैं कि खाने की कुछ ऐसी चीज़ें हैं, जिन्हें हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने के लिए अपनी डायट में शामिल किया जा सकता है.

खाने की कई सेहतमंद चीज़ों को हम बहुत ही कम या बिना किसी मेहनत के आसानी से  अपने खाने या नाश्ते में शामिल कर सकते हैं. सेहतमंद डायट में सब्ज़ियों, फलों और कम वसा यानी फ़ैट वाले डेयरी उत्पाद के साथ-साथ सही मात्रा में साबुत अनाज, मछली, मुर्गी और फलियों को शामिल करने पर ज़ोर दिया जाता है.

चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

साबुत अनाज

हर रोज़, दिन भर में तीन बार साबुत अनाज खाने से ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिल सकती है. साबुत अनाज वाली चीज़ों में मौजूद पोषक तत्वों के फ़ायदे रिफ़ाइन किए हुए अनाज नहीं दे पाते. साबुत अनाज में मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम आपके ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं. चावल और ओट्स के साथ साबुत अनाज, गेहूं के टुकड़े, जौ और साबुत गेहूं वाले ब्रेड में फ़ैट की मात्रा कम होती है. इसके साथ ही खाने की ये चीज़ें फ़ाइबर से भरपूर होती हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के लिहाज़ से भी फ़ायदेमंद हैं.

सब्जियां

कम लो फ़ैट डायट के लिहाज़ से दिन भर में पांच बार फल और सब्ज़ियों को शामिल करने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है. स्क्वैश या कद्दू, रतालू और चुकंदर आदि खाने से शरीर को पोषक तत्व मिलता है. पालक, पत्ता गोभी और शलजम साग जैसी पत्ते वाली सब्ज़ियों में पोटैशियम काफ़ी मात्रा में होती है और इससे आपके गुर्दों में बढ़े हुए सोडियम से छुटकारा पाने में भी मदद मिलती है. टमाटर, गाजर और ब्रॉकोली जैसी सब्जियां फ़ाइबर, विटामिन और मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं. वहीं सलाद में ऑलिव-ऑइल या बालसैमिक सिरका की कुछ बूंदें मिलाने से न सिर्फ़ स्वाद बढ़ता है बल्कि इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल में भी कमी आती है. डिब्बा बंद सब्ज़ियों से बचें क्योंकि इसमें सोडियम की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है.

फल

फलों में फ़ाइबर, पोटैशियम और मैग्नीशियम की भरमार होती है, जबकि फ़ैट की मात्र कम होती है. सेब, नाशपाती के छिलके और बीज वाले ज़्यादातर फल आपके खाने या नाश्ते की शोभा बढ़ाते हैं और इसमें पोषक तत्व और फ़ाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. भले ही आप इसे थोड़ा खाएं या जूस की तरह इस्तेमाल करें. फल समय के साथ डायस्टोलिक और सिस्टोलिक बल्ड प्रेशर को प्रभावी रूप से कम करने में मदद कर सकते हैं. अनार के बीज, किशमिश, ख़ुबानी और बेरी में बहुत ज़्यादा पोषक तत्व होते हैं और इन्हें नाश्ते के तौर पर खाने का आईडिया काफ़ी सेहतमंद है. ध्यान रखें कि अंगूर जैसे साइट्रस वाले फल और जूस दवाइयों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं, इसलिए इन्हें अपनी डायट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से बात कर लें. अगर आप डिब्बाबंद फल या जूस लेने की सोच रहे हैं, तो पहले पक्का करें कि इसमें अलग से चीनी न मिलाई गई हो.

डेयरी उत्पाद

कम और बिना फ़ैट वाले डेयरी उत्पादों को चुनें. अपने डेयरी उत्पादों को चुनने के लिए सबसे अहम है कि उसमें मौजूद फ़ैट लेवल पर ग़ौर करें. बिना मलाई वाला दूध कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है और इसमें फ़ैट भी कम होता है, ये दोनों ही बातें ब्लड प्रेशर को कम करने वाले डायट के तौर पर ज़रूरी हैं. अगर आपको दूध नहीं पसंद तो आप दही का विकल्प भी चुन सकते हैं. अगर आपको डेयरी उत्पादों को पचाने में परेशानी होती है, तो बिना लैक्टोज़ वाली चीज़ें चुनें या आप ऐसे ओवर-द-काउंटर उत्पाद लेने के बारे में भी सोच सकते है, जिसमें एंजाइम लैक्टेज होता है. इसके साथ ही ज़्यादा फ़ायदे के लिए अपने दही में ग्रेनोला और फलों को शामिल करने की कोशिश करें.

मीट

मीट में प्रोटीन, विटामिन B, आयरन और ज़िंक की अच्छी मात्रा पायी जाती है. सैल्मन जैसी फ़ैटी मछली में ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिससे आपके ब्लड प्रेशर में सुधार हो सकता है. हालांकि, ऐसी डायट जिसमें जानवरों से मिलने वाला प्रोटीन ज़्यादा मात्रा में शामिल होता है, उनमें फ़ैट भी ज़्यादा होता है जिससे आपके दिल पर ख़तरा बना रहता है. बिना चर्बी वाले मांस का इस्तेमाल करें और दिन में 6 औंस से ज़्यादा न खाने का लक्ष्य रखें. मांस की जगह मछली खाने का विकल्प ज़्यादा बेहतर है, क्योंकि इनमें वसा कम और विटामिन, मिनरल और ओमेगा-3 ज़्यादा होता है, जिससे ब्लड प्रेशर में कमी लाने और ख़ून के थक्के बनने से बचाव करने में मदद मिलती है.

बीज और फली 

मैग्नीशियम से भरपूर बादाम, काजू, कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज जैसी चीज़ें हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकते हैं. फ़ाइबर से भरपूर अलसी में ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड भी पाया जाता है. अलसी से शरीर की सूजन कम करने में मदद होती है और आपके रक्त-प्रवाह प्रणाली (ब्लड सर्कुलेशन) के काम में सुधार होता है. बेहतर सेहत के लिए मुट्ठी भर अलसी को सुबह के अपने पसंदीदा तरल नाश्ते या ओटमील में शामिल करें.

डार्क चॉकलेट

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए ख़ुद को मिठाई खाने से रोकने की ज़रूरत नहीं है. थोड़ा सा डार्क चॉकलेट ब्लड प्रेशर को कम करने में आपकी बड़ी मदद कर सकता है. बस यह पक्का करें कि आप फ़ायदे के लिए सही डार्क चॉकलेट का चुनाव कर रहे हैं. ज़्यादा दूध और शक्कर से बने चॉकलेट बार जैसी चीज़ें बल्ड प्रेशर को बढ़ाने का काम करती हैं.

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