Pediatric Dyslipidemia
Reading Time: 3 minutes

दिल और ब्लड वेसल को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियां (कार्डियोवैस्कुलर डिसीज़) दुनिया भर में मौत की सबसे बड़ी वजह बन चुकी हैं.1,2 कार्डियोवैस्कुलर डिसीज़ की शुरुआत बचपन से भी हो सकती है. कार्डियोवस्कुलर डिसीज़ के बड़े जोख़िमों में से एक डिसलिपिडिमिया भी है.3

डिसलिपिडिमिया क्या है?

डिसलिपिडिमिया यानी हाई-कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी स्थिति है, जिसमें ख़ून में असामान्य लिपिड (ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल) लेवल पाया जाता है. ट्राइग्लिसराइड, तेलों और फैट का हिस्सा होते हैं.4 कोलेस्ट्रॉल बॉडी फैट की एक क़िस्म है, जोकि लिपोप्रोटीन नाम के प्रोटीन से ढंके छोटे-छोटे पार्टिकल के रूप में पूरे शरीर में घूमता रहता है.5 शरीर में पाए जाने वाले लिपोप्रोटीन की दो मुख्य क़िस्में होती हैं, अच्छा कोलेस्ट्रॉल (हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल) और ख़राब कोलेस्ट्रॉल(लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल).6

ये रहे: कोलेस्ट्रॉल से छुटकारा पाने के 5 बेहतरीन तरीक़े

अगर ख़ून में ख़राब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, तो वह धीरे-धीरे ब्लड वेसल की दीवारों पर जमा होकर प्लाक़ बनाना शुरू कर देते हैं, जो कि ब्लड वेसल के अंदरूनी हिस्से को संकरा कर देता है. इस स्थिति को ऐथरोस्क्लेरोसिस कहते हैं.6 यह दिल और दूसरे अंगों तक ख़ून के बहाव में बाधा खड़ी करता है.7 ख़ून में कोलेस्ट्रॉल लेवल का बढ़ना, कोरोनरी आर्टरी डिसीज़(दिल तक पहुंचने वाले ख़ून का ब्लॉक होना) के ख़तरे को भी बढ़ाता है.7,8 दिल तक ख़ून के पहुंचने में रुकावट आने की वजह से हार्ट अटैक हो सकता है.6  

बच्चों और किशोरों में हाई-कोलेस्ट्रॉल

स्टडीज़ से पता चला है कि हाई-कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित कम उम्र के बच्चों में कार्डियोवस्कुलर बीमारियां जल्दी शुरू होने का ख़तरा होता है. बच्चों और किशोरों को कार्डियोवस्कुलर बीमारियों और मौत से बचाने के लिए हाई-कोलेस्ट्रॉल और बढ़ते हुए वजन का ट्रीटमेंट कराने के साथ-साथ फ़िज़िकल एक्टिविटी में कमी को दूर करने और नुकसानदेह खान-पान से बचना भी ज़रूरी हो जाता है.3

हाई-कोलेस्ट्रॉल के लिए अपने बच्चे की जांच कब कराई जाए?

जन्म के वक़्त लिपिड लेवल आम तौर पर कम होता है. यह 2 साल की उम्र से बढ़ना शुरु होता है और किशोर होने से पहले की उम्र में अपने शिखर तक पहुंच जाता है. इसके बाद के स्टेज में इसमें 10 से 20% की गिरावट आती है और व्यस्क होने पर फिर इसमें इजाफ़ा हो जाता है.9

अलग-अलग उम्र में हाई-कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:8

  • 2 साल से कम: जांच की ज़रूरत नहीं हैं
  • 2-8 साल: हाई-कोलेस्ट्रॉल के लिए बच्चों की जांच होनी चाहिए, अगर:
  • उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ या मोटापा है
  • उनके माता-पिता को हाई-कोलेस्ट्रॉल है
  • उनके दादा-दादी, नाना-नानी, माता-पिता, चाचा-चाची या भाई-बहनों को प्री-मैच्योर कोरोनरी आर्टरी डिसीज़ है
  • 9-11 साल और 17-21 साल: यूनिवर्सल स्क्रीनिंग कराने का सुझाव दिया जाता है
  • 12-16 साल: अगर परिवार या ख़ुद की हिस्ट्री में कोई बदलाव आता है, तो जांच कराने का सुझाव दिया जाता है.8

बच्चों को हाई-कोलेस्ट्रॉल से कैसे बचाएं?

बच्चों और किशोरों में लाइफ़स्टाइल में बदलाव, खानपान में सुधार और दवाइयों की मदद से हाई-कोलेस्ट्रॉल को क़ाबू किया जा सकता है.10

लाइफ़स्टाइल में बदलाव: बच्चों और किशोरों को रोज़ाना फ़िज़िकल एक्टिविटी में शामिल होना चाहिए. वीडियो गेम खेलने, टेलीविज़न देखने और इंटरनेट सर्फिंग जैसे बैठ कर किए जाने वाले काम कम से कम करने चाहिए.10

खानपान में बदलाव: खानपान यानी डाइट में बदलाव सेहतमंद ज़िंदग़ी की तरफ पहला क़दम होता है. आपको अपने बच्चों में ऐसी चीज़ों को खाने की आदत  डालनी चाहिए जिनमें वसा, कोलेस्ट्रॉल, ट्रांस-फैट और सैचुरेटेड फैट कम से कम हो.10 आम शुगर (सफेद चीनी, लॉलीपॉप) का इस्तेमाल कम करना चाहिए, जबकि कॉम्प्लेक्स शुगर (चावल, ओटमील, आलू में पाया जाने वाला स्टार्च) का इस्तेमाल ज़्यादा करना चाहिए.10,11

दवाइयां: 10 साल या इससे ज़्यादा उम्र के बच्चों में अगर खानपान या ज़िंदग़ी में अपनाए गए बदलाव का 6 से 12 महीने तक कोई असर नहीं होता, तो डॉक्टर दवाइयों की मदद से उनका ट्रीटमेंट करने की सलाह दे सकते हैं.10 ज़्यादातर बच्चे अपनी सुरक्षा और अच्छी सेहत के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर होते हैं.12 इसलिए, अपने बच्चों में हाई-कोलेस्ट्रॉल और कार्डियोवस्कुलर बीमारियों के ख़तरे के बारे में और ज़्यादा जानने के लिए माता-पिता को हेल्थकेयर प्रोवाइडर के साथ मिलकर ये ज़िम्मेदारी उठानी चाहिए.


संदर्भ:

  1. World Health Organization. Cardiovascular diseases [Internet]. [cited 2020 Jan 03]. Available from: https://www.who.int/health-topics/cardiovascular-diseases/#tab=tab_1.
  2. National Cancer Institute. Cardiovascular diseases [Internet]. [cited 2020 Jan 03]. Available from: https://www.cancer.gov/publications/dictionaries/cancer-terms/def/cardiovascular-disease.
  3. Kalra S, Gandhi A, Kalra B, Agrawal N. Management of dyslipidemia in children. Diabetol Metab Syndr. 2009 Dec 8;1(1):26.
  4. The John Hopkins Patient Guide to Diabetes. Dyslipidemia (High Cholesterol) [Internet] [cited 2020 Jan 03]. Available from: http://hopkinsdiabetesinfo.org/dyslipidemia/.
  5. Harvard Health Publishing. How it’s made: Cholesterol production in your body [Internet]. [updated 2019 July 31; cited 2020 Jan 03]. Available from: https://www.health.harvard.edu/heart-health/how-its-made-cholesterol-production-in-your-body.
  6. Centers for Disease Control and Prevention. LDL and HDL Cholesterol: “Bad” and “Good” Cholesterol [Internet] [updated 2017 Oct 31; cited 2020 Jan 03]. Available from: https://www.cdc.gov/cholesterol/ldl_hdl.htm.
  7. Centers for Disease Control and Prevention. Coronary Artery Disease (CAD) [Internet] [updated 2019 Dec 09; cited 2020 Jan 03]. Available from: https://www.cdc.gov/heartdisease/coronary_ad.htm.
  8. Coronary Artery Disease in Asian Indians. Pediatric Dyslipidemia [Internet]. [cited 2020 Jab 03]. Available from: https://cadiresearch.org/topic/children/pediatric-dyslipidemia.
  9. NCBI. Lipid Screening in Childhood for Detection of Multifactorial Dyslipidemia: A Systematic Evidence Review for the U.S. Preventive Services Task Force [Internet]. [updated 2016 Aug; cited 2020 Jan 03]. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK379672/.
  10. Yoon JM. Dyslipidemia in children and adolescents: when and how to diagnose and treat? Pediatr Gastroenterol Hepatol Nutr. 2014 Jun;17(2):85-92.
  11. KidsHealth. Learning About Carbohydrates [Internet]. [updated 2017 Apr; cited 2020 Jan 03]. Available from: https://kidshealth.org/en/kids/carb.html.
  12. NCBI. Parenting Matters: Supporting Parents of Children Ages 0-8 [Internet] [updated 2016 Nov 21; cited 2020 Jan 03]. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK402020/.

Loved this article? Don't forget to share it!

Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.