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रमज़ान का महीना करीब आ रहा है और दुनिया भर के मुसलमान एक महीने तक हर रोज़ सुबह भोर से सूरज डूबने तक फ़ास्ट रखने की तैयारी कर रहे हैं. इस दौरान, इनका सामन्य रूटीन दिन में दो बार सूरज उगने (सुहूर) से पहले और सूरज डूबने (इफ़्तार) के बाद खाने के तौर पर बदल जाता है.लाइफ़स्टाइल में आए इस बदलाव से ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव का ख़तरा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से हाइपरग्लाइसीमिया का ख़तरा होता है. अगर आपको डायबिटीज़ यानी मधुमेह है और आप रमजान के दौरान रोज़ा रख रहे हैं, तो हम यहां कुछ सलाह दे रहे हैं जिनसे आपको मदद मिलेगी.

हाइपरग्लाइसीमिया क्या है?

यह हाई ब्लड शुगर से जुड़ा टेक्निकल शब्द है. जब खाली पेट ब्लड शुगर लेवल 125 mg/dL से ज़्यादा हो और खाना खाने के 2 घंटे के बाद 180 mg/dL से ज़्यादा हो1, तब इस स्थिति को हाइपरग्लाइसीमिया नाम से जाना जाता है. हाई ब्लड शुगर, पेशाब में ब्लड शुगर की बढ़ी मात्रा, बार-बार पेशाब आना और ज़्यादा प्यास लगना आदि हाइपरग्लाइसीमिया के लक्षण हैं. 2 उपवास के दौरान गंभीर हाइपरग्लाइसीमिया का जोखिम टाइप 1 डायबिटीज़ वालों में 3.2 गुना और टाइप 2 डायबिटीज़  वालों में 5 गुना ज़्यादा होता है.3

डायबिटिक होने के नाते, आपके ब्लड ग्लूकोज़ लेवल में हर रोज़ बदलाव होने की गुंजाइश होती है. सही वक़्त पर सही खानपान और दवाओं की मदद से इन हालातों पर क़ाबू पाया जा सकता है. लेकिन रमज़ान के दौरान रोज़ा रखने से इन हालातों के आसार और भी बढ़ जाते हैं. गर्मी के दिनों में तो रोज़ा रखना और मुश्किल होता है क्योंकि शरीर में तेज़ी से पानी की कमी होने लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन होने का खतरा बना रहता है.4

ख़तरा क्यों है? 

खानपान के नियम 

आप जब भी कोई चीज़ खाते हैं, उसका असर आपके ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है. रमजान के दौरान खाने की मात्रा, वरायटी और वक़्त के बदलने से ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है. 18-20 घंटों के अंतर पर दिन में सिर्फ दो बार खाने से आपका डायबिटीज़ केयर प्लान डिस्टर्ब होता है.

इस बात में कोई दो राय नहीं कि इफ्तार के दौरान खाई जाने वाली चीज़ें बेहद स्वादिष्ट होती हैं, लेकिन यह भी सच है कि वो शुगर और कार्बोहायड्रेट से भरपूर होती हैं, जिसे खाते ही फ़ौरन शरीर को ताकत मिलती है. लेकिन इस दौरान खानपान में नियंत्रण न बरतने से हाइपरग्लाइसीमिया की समस्या गले पड़ सकती है जिससे डायबिटीज़ से जुड़ी परेशानियों का ख़तरा बढ़ जाता है. कई घंटों के अंतर पर ज़्यादा कैलोरी वाली चीज़ों को खाने से ब्लड ग्लूकोज़ का लेवल बढ़ सकता है.3

दवाओं का रूटीन 

ज़्यादातर डायबिटिक उपवास के मुताबिक़ अपनी दवाओं के वक़्त में बदलाव करते हैं. रमजान के दौरान ब्लड शुगर लेवल ज़्यादा घट जाने (हाइपोग्लाइसीमिया) के डर से अपनी दवाओं की मात्रा में कमी करने की कोशिश करते हैं.3 डॉक्टर की सलाह लिए बगैर किए गए इस तरह के बदलाव से आपके ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होता है.

क्या करन चाहिए?

फ़ास्ट रखने से जुड़ों ख़तरों से अब आप वाकिफ़ हैं. इसलिए आप इससे जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए बेहतर फ़ैसले ले सकते हैं. जिसमें नीचे बताए गए इन टिप्स से आपको मदद मिल सकती है. 

डॉक्टर की सलाह लें 

अपने डॉक्टर से मिलकर उपवास से जुड़े जोखिमों की जानकारी हासिल करें. सही तरीक़ा तो यह होगा कि डॉक्टर आपको ख़तरों से जुड़े टेस्ट करवाएं और उसी के मुताबिक़ उपवास की सलाह दें.

जानकारी इकट्ठी करें

डॉक्टर से बात करने के बाद फ़ास्ट के दौरान इन बातों पर ग़ौर करें.5

  1. अपनी सेहत की अच्छी तरह से देखभाल करें.
  2. महीने भर के लिए ज़रूरी फ़िज़िकल एक्टिविटी, खानपान,ग्लूकोज़ पर निगरानी, दवाओं में सही बदलाव करने से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करें.  
  3. हाइपरग्लाइसीमिया के लक्षणों के प्रति सजग रहें.
  4. उपवास के दौरान नियमित तौर पर दिन में 2-3 बार ब्लड ग्लूकोज़ की जांच करने की सलाह दी जाती है.
  5. रिपोर्ट्स सामान्य न आने पर आप डॉक्टर से संपर्क करें और मुमकिन हो तो अपना उपवास तोड़ दें. स्थिति में सुधार होने के बाद आप बाकी के दिनों में अपना उपवास जारी रख सकते हैं.

आप अब यह तो समझ ही गए होंगे कि डायबिटिक लोगों में उपवास क दौरान हाइपरग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का ख़तरा क्यों रहता है. लिहाज़ा उपवास रखने का मन बनाने के पहले इन सभी बातों का ख़याल रखें. नियमित तौर पर अपने डॉक्टर से बात करते रहें.

                            माह-ए-रमज़ान मुबारक! 

सन्दर्भ:

  1. Mouri MI. Hyperglycemia [Internet]. StatPearls [Internet]. U.S. National Library of Medicine; 2020 [cited 2020Mar9]. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK430900/
  2. Hyperglycemia (High Blood Glucose) [Internet]. Hyperglycemia (High Blood Glucose) | ADA. [cited 2020Mar5]. Available from: https://www.diabetes.org/diabetes/medication-management/blood-glucose-testing-and-control/hyperglycemia
  3. Raveendran AV, Zargar AH. Diabetes control during Ramadan fasting. Cleveland Clinic Journal of Medicine. 2017Jan;84(5):352–6.
  4.   Almalki MH, Alshahrani F. Options for Controlling Type 2 Diabetes during Ramadan. Frontiers in Endocrinology. 2016;7.
  5. Beshyah S. IDF-DAR practical guidelines for management of diabetes during ramadan. Ibnosina Journal of Medicine and Biomedical Sciences. 2016;8(3):58.

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