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डायबिटीज़ में ख़ुद का ख़याल और अपनी सेहत पर नज़र रखना सबसे ज़रूरी है. बेहतर लाइफ़स्टाइल ही डायबिटीज़ ट्रीटमेंट प्लान का अहम हिस्सा होता है. इसके अलावा दवाओं या इन्सुलिन को असरदार ढंग से काम करने के लिए स्वस्थ आहार और नियमित एक्सरसाइज़ की ज़रूरत होती है. डायबिटीज़ के लिहाज़ से और उसकी ज़रूरत के मुताबिक़ आप हेल्दी लाइफ़स्टाइल जी रहे हैं, इस बात को सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीक़ा ये है कि आप जो भी करें, उसका ट्रैक रखें. शायद ये आपको आसान काम न लगे, लेकिन देखा जाए तो ये काम इतना मुश्किल भी नहीं है.

इस दौर में स्मार्ट फ़ोन लगभग सभी के पास मौजूद है, जिसके ज़रिये आप अपने फ़ोन से ही सेल्फ़-केयर प्लान की शुरुआत कर सकते हैं. आज हमारे बीच कई हेल्थकेयर ऐप्स मौजूद हैं, जो आपकी रोज़ाना की लाइफ़स्टाइल का ट्रैक रखकर डायबिटीज़ को मैनेज करने में मदद करने का दावा करते हैं. इस बात को सुनिश्चित कर लें कि आपने रियल-लाइफ़ क्लिनिकल डाटा उपलब्ध कराने वाले भरोसेमंद एप्प को ही डाउनलोड किया हो. अब आपके मन में सवाल होगा कि लाइफ़स्टाइल का ट्रैक रखने से भला डायबिटीज़ मैनेजमेंट में कैसी मदद होगी? तो चलिए हम बताते हैं कैसे?

  • डाइट ट्रैकिंग के फ़ायदे

शोध से यह बात साबित हुई है कि फ़ूड डायरी यानी खाई गयी चीज़ों को नोट करने से स्वस्थ खाने और वज़न कम करने में मदद मिलती है. शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने खाने की चीज़ों को डायरी में दर्ज किया, उनका वज़न, दर्ज न करने वालों के मुक़ाबले ज़्यादा कम हुआ.(1) आप जो भी खाते हैं, उसे लिखकर रखने से आप क्या और कितना खा रहे हैं, इसपर बेहतर ढंग से नज़र और ज़रूरत के मुताबिक़ एहतियात अपना सकेंगे. नतीजन आप स्वस्थ और अच्छा खाने की आदत अपनाने में भी कामयाब होंगे.

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  • एक्टिविटी को ट्रैक करने के फ़ायदे:

मधुमेह से ग्रस्त सभी लोगों के लिए यह ज़रूरी होता है कि वे सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की एक्टिविटी करें.(2) जिसके मुताबिक़ 7 दिनों में रोज़ाना लगभग 22 मिनट की  एक्टिविटी या सप्ताह में 5 दिन रोज़ 30 मिनट की एक्टिविटी करनी चाहिए. पर किसी भी हाल में डायबिटिक लोगों को 2 दिन से ज़्यादा बिना एक्टिविटी के नहीं गुज़ारना चाहिए. डायबिटिक लोगों को एरोबिक्स, साइकिल चलाने, तैराकी और वॉक करने जैसी एक्टिविटी करनी चाहिए. इसीलिए आपने रोज़ कौन सी एक्टिविटी कितनी देर तक की है इसका ट्रैक रखने के लिए एप्प का इस्तेमाल ज़रूरी हो जाता है.

डायबिटीज़ में इस तरह कीजिए एक्सरसाइज़

  • ब्लड शुगर का ट्रैक रखने के फ़ायदे:

डायबिटीज़ में हमारी यही कोशिश रहती है कि जितना हो सके ब्लड शुगर लेवल हमेशा हेल्दी रेंज में रहे. कम मेमरी के साथ मिलने वाला ग्लूकोमीटर सिर्फ़ पिछली रीडिंग्स का ही ट्रैक रख सकता है. जबकि एक बेहतर डायबिटीज़ केयर एप्प का इस्तेमाल और ट्रैक लॉग करने से आप अपने डायबिटीज़ का अच्छे ढंग से प्रबंधन कर सकते हैं. और ये आपको आपके पिछले ब्लड शुगर के ट्रेंड्स के बारे में भी सही तस्वीर बताता है. आप ये भी देख पाते हैं कि खाने से पहले और खाने के बाद, दवाएं खाने से पहले और बाद में, एक्सरसाइज़ करने के पहले और बाद में किस तरह से आपके ब्लड शुगर लेवल में बदलाव आता है.

जानें, ग्लूकोमीटर का सही इस्तेमाल कैसे करें

इसके अलावा जब आप एक ऐसे एप्प का इस्तेमाल करते हैं, जो आपको तीनों चीज़ें (आहार, एक्सरसाइज़, ब्लड शुगर) एक ही जगह पर दर्ज करने की सहूलियत देता है, तो इससे आप अपने आहार, एक्सरसाइज़ और ब्लड शुगर लेवल के बीच के तालुक़ को भी आसानी से समझ पाते हैं. मिसाल के तौर पर, जिस दिन आप अनहेल्दी और ज़रूरत से ज़्यादा खाते हैं और एक्सरसाइज़ नहीं करते, उस दिन ये एप्प आपके ब्लड शुगर लेवल की रीडिंग को हाई दिखाती है.

इस तरह की डिटेल्स और आपके डायबिटीज़ से जुड़ी जानकारी से आप बेहतर डाइट और ज़्यादा एक्सरसाइज़ करने के लिए प्रेरित हो जाते हैं. जिससे ब्लड शुगर लेवल की रीडिंग को हेल्दी रेंज पर लाने में मदद मिलती है.

डायबिटीज़ को नियंत्रित करने में हेल्दी लाइफ़स्टाइल पर जितना ज़ोर दिया जाए उतना कम है. अब ऐसे कई साधन मौजूद हैं, जिनकी मदद से हम सभी बहानों को पीछे छोड़कर डायबिटीज़ में ख़ुद का पूरा ख़याल रख सकते हैं.

 

संदर्भ:

  1. Kaiser Permanente Study Finds Keeping a Food Diary Doubles Diet Weight Loss. (2008, July 8). Retrieved from https://share.kaiserpermanente.org/article/kaiser-permanente-study-finds-keeping-a-food-diary-doubles-diet-weight-loss/
  2. Colberg, S. R., Sigal, R. J., Yardley, J. E., Riddell, M. C., Dunstan, D. W., Dempsey, P. C., … & Tate, D. F. (2016). Physical activity/exercise and diabetes: a position statement of the American Diabetes Association. Diabetes Care, 39(11), 2065-2079.

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