overview-hypertension-risk-symptoms-treatment
Reading Time: 3 minutes

हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप क्या होता है? आपके ब्लड प्रेशर को कब हाइपरटेंशन (HTN) माना जाता है?

ब्लड प्रेशर के बढ़ने यानी हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन के नाम से जाना जाता है. यह लाइफ़स्टाइल से जुड़ी सबसे सामान्य बीमारियों में से एक है. इस हालत में धमनियों से बहने वाले ख़ून की रफ़्तार सामान्य से ज़्यादा होती है. आमतौर पर, अगर आपका ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 से ज़्यादा हो, तो आप हाइपरटेंशन से प्रभावित माने जाएंगे. अगर आपका ब्लड प्रेशर 180/120 से ज़्यादा हो जाए, तो हो सकता है आपको अस्पताल में भर्ती करने की ज़रूरत पड़ जाए.

हाइपरटेंशन का ख़तरा किन वजहों से ज़्यादा होता है?

ये रहे, हाइपरटेंशन से जुड़े ख़तरे की कुछ वजहें:

1. उम्र: बढ़ती उम्र में आपके ब्लड वेसेल्स के लचीलेपन में कमी होने और हॉर्मोनल बदलावों के      चलते ब्लड प्रेशर के बढ़ने का ख़तरा होता है.

2. लिंग: महिलाओं के मुक़ाबले पुरुषों में 45 साल की उम्र तक हाइपरटेंशन से पीड़ित होने के     आसार ज़्यादा होते हैं. रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) का सामना कर चुकी महिलाओं में भी ये ख़तरा बना रहता है क्योंकि एस्ट्रोज़न के सुरक्षात्मक प्रभावों में कमी आ जाती है.

3. नस्ल: अफ़्रीकी और लैटिन नस्ल के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या काफ़ी आम है.

4. आनुवंशिक: परिवार का इतिहास भी आपके हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित होने के आसार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.

हाइपरटेंशन की अहम वजहें क्या हैं?

हाइपरटेंशन की ख़ास वजहें:

मोटापा: आपका वज़न जितना ज़्यादा होगा, आपके दिल को ऑक्सीज़न और पोषक तत्वों की आपूर्ति करने के लिए उतना ही ज़्यादा ख़ून पंप करना होगा. ख़ून की मात्रा बढ़ने से आपकी धमनियों (आर्टरीज़) की दीवारों पर ज़्यादा दबाव पड़ता है.

शारीरिक गतिविधि में कमी: जब आपकी लाइफ़स्टाइल बहुत ही कम शारीरिक गतिविधि वाली होती है, तो आपके दिल और पल्स रेट ज़्यादा होती है. इस वजह से आपके दिल को धड़कने की प्रक्रिया के दौरान ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इस प्रकार आपकी धमनियों पर दबाव बढ़ जाता है. साथ ही, शारीरिक गतिविधियों (फ़िज़िकल एक्टिविटी) की कमी से वज़न बढ़ने का ख़तरा भी बढ़ जाता है.

तंबाकू खाना और धुम्रपान करना: तंबाकू खाने और धुम्रपान करने से आपका ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ जाता है. हालांकि, लंबे समय तक ऐसा करने से तंबाकू में पाया जाने वाला रसायन यानी केमिकल आपकी धमनियों को मोटा और कठोर बना देता है, जिससे ख़ून के बहाव में मुश्किल होने लगती है.

शराब: ज़्यादा कैलोरी वाली शराब आपके ब्लड स्ट्रीम में लिपिड की मात्रा को बढ़ा देता है, जो धमनियों में इकट्ठा हो जाता है. नतीजतन, आपके दिल को ख़ून पंप करने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसके साथ ही शराब पीने के दौरान आपको तली हुई कुरकुरी चीज़ों को खाने की तलब लगती है और कसरत करने का मन भी नहीं करता, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं.

ख़राब डायट: सब्ज़ियों और फ़लों को कम खाने और डिब्बा बंद, जंक फ़ूड का ज़्यादा इस्तेमाल करने से सोडियम लेवल के बढ़ने और आपके पोटेशियम लेवल के कम होने की शिकायत होने लगती है. इलेक्ट्रोलाइट्स में इस असंतुलन की वजह से पानी के इकट्ठा होने और ख़ून की मात्रा में बढ़ने की परेशानी होने लगती है.

इन वजहों के आलावा, हाइपरटेंशन के लिए ये भी ज़िम्मेदार होते हैं:

  • तनाव
  • गर्भावस्था
  • डाइबिटीज़
  • गुर्दे की बीमारी
  • स्लीप एपनिया
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, गर्भ निरोधक टैबलेट और डीकॉन्गेस्टेंट जैसी दवाएं

    हाइपरटेंशन के लक्षण क्या होते हैं?

हाइपरटेंशन से जुड़ी सबसे ख़तरनाक बात यह है कि सालों इससे प्रभावित होने पर भी इसके होने के लक्षण नहीं नज़र आते. इस बीमारी का पता लगाने के लिए नियमित हेल्थ चेक-अप करवाते रहना ज़रूरी है.

कहा जाता है अगर ये परेशानियां हों तो इसे लक्षण समझकर फ़ौरन जांच करवानी चाहिए:

  • सिरदर्द
  • थकान
  • देखने में परेशानी
  • सांस लेने में तकलीफ़
  • अनियमित धड़कन
  • छाती, गर्दन या कानों में फुंसियां
  • सीने में दर्द
  • नकसीर (नाक से ख़ून बहना)

हाइपरटेंशन से होने वाली गंभीर परेशानियां कौन-सी हैं?

हाइपरटेंशन की वजह से आपकी धमनी की दीवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव आपके ब्लड वेसेल्स ही साथ आपके अंगों को भी नुक़सान पहुंचाता है.

हाई ब्लड प्रेशर के लंबे समय तक रहने वाले कुछ प्रभावों में ये शामिल हैं:

  • दिल का दौरा या स्ट्रोक
  • एथेरोस्क्लेरोसिस
  • एन्यूरिज़्म
  • दिल की धड़कन का रुकना
  • गुर्दे का काम न करना
  • दिखाई न देना
  • वैस्कुलर डेमेनशिया

आप हाइपरटेंशन का इलाज कैसे कर सकते हैं?

आप दवाओं की मदद से और लाइफ़स्टाइल को बदलकर हाई ब्लड प्रेशर का इलाज कर सकते हैं. अगर आप डायबिटीज़ या गुर्दे की बीमारी जैसी दूसरी तकलीफ़ों की वजह से हाइपरटेंशन से प्रभावित हैं, तो डॉक्टर पहले उनका इलाज करने के लिए आपको दवाओं के बारे में बताएंगे.

बीमारी के लिए बताए गए सबसे सामान्य दवाओं में ये शामिल हैं:

  • डियोरेटिक्स
  • कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स
  • एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (ARBs)
  • एंजियोटेंसिन-कंवर्टिंग एंजाइम (एसीई) इन्हिबिटर्स
  • बीटा-ब्लॉकर्स

दवाओं के साथ आप लाइफ़स्टाइल में बदलाव ला सकते हैं:

  • वज़न घटाने;
  • हफ़्ते में पांच बार 30 मिनट तक कसरत करना;
  • सीमित मात्रा में शराब पीना: हफ़्ते में चार से ज़्यादा ड्रिंक नहीं;
  • धूम्रपान छोड़ना;
  • रोज़ाना पांच बार फल और सब्ज़ियां खाना;
  • कम नामक खाना और सोडियम वाले खाने की चीज़ जैसे कि पनीर, अचार, केचप और पापड़ के सेवन को कम करना; और
  • तली हुई खाने की चीज़, जंक फ़ूड और मिठाइयों के इस्तेमाल को कम करना.

हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए DASH डायट प्लान का सुझाव दिया जाता है. आप यहां   https://www.nhlbi.nih.gov/health-topics/dash-eating-plan पर जाकर इस डायट प्लान के बारे में जान सकते हैं.

Loved this article? Don't forget to share it!

Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.