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ब्लड प्रेशर, वेसल्स यानी वाहिकाओं पर खून द्वारा डाला जाने वाला दबाव (बल) है जिसके ज़रिए यह बहता है. जब यह दबाव लगातार ज़्यादा बना रहता है, तो उस स्थिति को हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहा जाता है. हाई ब्लड प्रेशर से दिल और नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जो आखिरकार हार्ट अटैक (दिल का दौरा) और स्ट्रोक जैसी जीवन को खतरा पैदा करने वाली दिल से जुड़ी (कार्डियोवैस्कुलर) बीमारियों को जन्म दे सकता है.(1)

अध्ययन से पता चलता है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों (LMIC) में रहने वाले लोगों में हाइपरटेंशन होने का खतरा ज़्यादा रहता है. इसके साथ ही इन देशों में इसके इलाज की सुविधाएं ज़रूरत के मुताबिक कम हैं. ऐसे में इस हालत को मैनेज करने में सुधार के लिए नए नज़रिए की ज़रूरत है.(2)

हाई ब्लड प्रेशर क्या है और कैसे इसकी देखभाल की जा सकती है?

ब्लड प्रेशर दो प्रकार का होता है – सिस्टोलिक और डायस्टोलिक. सिस्टोलिक में ब्लड प्रेशर ज़्यादा ज़बकि डायस्टोलिक में ब्लड प्रेशर ज़रूरत से कम होता है. एक सेहतमंद इंसान के लिए बेहतर ब्लड प्रेशर का माप 120/80mmHg होता है. इसके 140/90mmHg से ऊपर जाते ही यह हाई ब्लड प्रेशर का संकेत होता है.(3) लगातार ब्लड प्रेशर का हाई रहना कई खतरनाक हालात पैदा कर सकता है. ज़्यादा वज़न, बुढ़ापा, धूम्रपान, शराब और ज़्यादा नमक खाना हाई ब्लड प्रेशर की वजहें हैं.(3)

हाई ब्लड प्रेशर की देखभाल के लिए इन तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है:(4)

  • मानसिक तनाव को कम करना
  • रोज़ाना ब्लड प्रेशर की जांच करना
  • दवाइयों से हाई ब्लड प्रेशर का इलाज़
  • हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनने वाले चिकित्सकीय हालातों का प्रबंधन करना

LMIC में कितना आम होता है हाई ब्लड प्रेशर?

पहले हाई ब्लड प्रेशर को धनी लोगों की बीमारी के रूप में जाना जाता था. आंकड़ों के अनुसार, LMIC में केवल पांच वयस्कों में से एक को हाइपरटेंशन होता था. हालांकि, अध्ययनों से संकेत मिलते हैं कि साल 2025 तक चार वयस्कों में से तीन हाई ब्लड प्रेशर का शिकार होंगे.(5) इसकी अहम वजह हाई ब्लड प्रेशर के बारे में ज़ागरूकता की कमी और LMIC में हाई ब्लड प्रेशर के लिए ज़िम्मेदार कारणों में वृद्धि होना है.(4) शहरीकरण और ज़ीवन शैली में बदलाव भी LMIC में हाई ब्लड प्रेशर के लिए ज़िम्मेदार नज़र आते हैं.(2)

LMIC में हाई ब्लड प्रेशर की देखभाल खराब तरीके से क्यों की जाती है?

हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर साइलेंट किलर के रूप में जाना ज़ाता है क्योंकि यह धीरे-धीरे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाता है और ज़ीवन के लिए खतरा पैदा करता है.(1) कुछ रिसर्च स्टडी के हिसाब से LMIC में हाई ब्लड प्रेशर को सही तरह से मैनेज न करने की ये वजह बताई हैं हैं:(5),(6)

  • रिसर्च की कमी और हालातों की तुलना में मेडिकल संसाधन की कमी
  • इलाज़ कराने की कम दर
  • हाई ब्लड प्रेशर के इलाज से जुड़े निर्देशों तक कम पहुंच
  • दवाइयों की कमी
  • ज़ीवनभर लिए जाने वाली महंगी दवाइयां खरीदने में लोगों की असमर्थता
  • पेशंट की ज़रूरत उनके सांस्कृतिक अंतर, आनुवंशिक बदलाव और इलाज के हालातों के आधार पर होती है
  • हाई ब्लड प्रेशर के लिए क्लिनिकल टेस्ट के अलग-अलग उपाय और नतीज़े
  • भूलने की बीमारी, इलाज़ को बीच में छोड़ने में आगे

हालांकि, कुछ LMIC में हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े दिशा-निर्देश मौजूद हैं, लेकिन ज़रूरी संसाधनों की कमी इन्हें लागू करने में मुश्किलें पैदा करती है.(5) इलाज़ नहीं लेने वालों में क्षेत्रीय अंतर मौजूद हैं. जैसे की एक अध्ययन से पता चलता है कि अफ्रीका में लोग एशियाई देशों की तुलना में एंटीहाइपरटेंसिव थेरेपी अपनाने का प्रतिशत कम है.(6) LMIC में पारंपरिक दवाओं का इस्तेमाल भी इलाज़ में नहीं लेने का एक कारण है.(6)

निम्न और मध्यम आय वाले देशों में हाई ब्लड प्रेशर के प्रबंधन में सुधार के लिए क्या किया जा सकता है?

हाई ब्लड प्रेशर से दिल, दिमाग, गुर्दे और अन्य बीमारियों का खतरा काफ़ी बढ़ जाता है और यह समय से पहले मौत का एक अहम कारण भी है.(4) LMIC में हाई ब्लड प्रेशर की देखभाल में सुधार के लिए ये कदम उठाए जा सकते हैं:(5),(7)

  • किसी विशेष क्षेत्र या देश में सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक हालातों को ध्यान में रखते हुए इलाज़ के दिशा-निर्देशों का विकास
  • सामुदायिक और डॉक्टरों की चिकित्सा सेवाओं में सुधार के लिए सहयोगी भागीदारी
  • हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए नमक के कम इस्तेमाल के लिए नए प्रोग्राम का आयोजन
  • नमक की जगह दूसरे विकल्प को बढ़ावा देना
  • दूरदराज़ और ग्रामीण इलाकों में डॉक्टर और नॉन-हेल्थ प्रोफेश्नल से मिलकर टीमों की मदद से स्वास्थ्य सेवा कार्यों का दोबारा बंटवारा
  • हाई ब्लड प्रेशर के प्रति ज़ागरूकता पैदा करने के लिए पेशंट को डॉक्टरों से ज़ाेड़ने के लिए मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल
  • सस्ती जेनेरिक एंटीहाइपरटेंसिव दवा का इस्तेमाल

LMIC में हाई ब्ल्ड प्रेशर के खराब मैनेजमेंट के मज़बूत सबूत मिलते हैं. नए नज़रिए के ज़रिए एंटीहाइपरटेन्सिव दवाओं के बेहतर इस्तेमाल और उनका खर्च उठाने में सक्षम बना सकते हैं.(7)

सही गाइडलाइन और सस्ती दवाइयां LMIC में हाई ब्लड प्रेशर के मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं.

संदर्भ:

  1. American Heart Association. What is high blood pressure? [Internet]. [updated 2016 Oct 31; cited 2019 Dec 17]. Available from: https://www.heart.org/en/health-topics/high-blood-pressure/the-facts-about-high-blood-pressure/what-is-high-blood-pressure.
  2. Lloyd Sherlock P, Beard J, Minicuci N, Ebrahim S, Chatterji S. Hypertension among older adults in low- and middle income countries: prevalence, awareness and control. Int J Epidemiol. 2014 Feb;43(1):116-28. doi: 10.1093/ije/dyt215.
  3. NHS. High blood pressure (hypertension) [Internet]. [updated 2019 Oct 23; cited 2019 Dec 17]. Available from: https://www.nhs.uk/conditions/high-blood-pressure-hypertension/.
  4. World Health organization (WHO). Hypertension 

[Internet]. [updated 2019 Sep 13; cited 2019 Dec 17]. Available from: https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/hypertension.

  1. Owolabi M, Olowoyo P, Miranda JJ, Akinyemi R, Feng W, Yaria J, et al. Gaps in hypertension guidelines in low- and middle income versus high income countries: a systematic review. Hypertension. 2016 Dec;68(6):1328-1337. doi: 10.1161/HYPERTENSIONAHA.116.08290.
  2. Macquart de Terline D, Kane A, Kramoh KE, Ali Toure I, Mipinda JB, Diop IB, et al. Factors associated with poor adherence to medication among hypertensive patients in twelve low and middle income Sub-Saharan countries. PLoS One. 2019 Jul 10;14(7):0219266. doi: 10.1371/journal.pone.0219266.
  3. Vedanthan R, Bernabe-Ortiz A, Herasme OI, Joshi R, Lopez-Jaramillo P, Thrift AG, et al. Innovative approaches to hypertension control in low- and middle-income countries. Cardiol Clin. 2017 Feb;35(1):99-115. doi: 10.1016/j.ccl.2016.08.010.

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