Red meat and heart disease
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दुनिया भर में होने वाली मौत की कई बड़ी वजहों में से एक वजह है दिल की बीमारी. कार्डियोवैस्कुलर से जुड़ी कई बीमारियों में इस्कीमिक हार्ट डिसीज़ (IHD) का सबसे ज़्यादा योगदान होता है.1

इस्कीमिक हार्ट डिसीज़ क्या है?

जब शरीर के किसी हिस्से में खून पहुंचाने वाली वाहिकाएं यानी वेसल्स ब्लॉक हो जाती हैं और उस हिस्से में खून नहीं पहुंच पाता, तो इस्कीमिया की समस्या होती है. ऐसी हालत में उस अंग को कम ऑक्सीजन और खून मिलता है.CHD या कोरोनरी हार्ट डिसीज़  कहे जाने वाला IHD ऐसी समस्या है, जिसमें दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियां ब्लॉक हो जाती हैं. ऐसा होने की वजह ब्लड वेसल का सिकुड़ना या ख़ून का थक्का जमना हो सकता है, मगर ऐसा ज़्यादातर प्लाक़ के जमा होने की वजह से होता है.2 

इस्कीमिक हार्ट डिसीज़ के ख़तरे

IHD होने के ख़तरों की सबसे आम वजहों में ये शामिल हैं:1

  • डाइट
  • हाइपरटेंशन
  • स्मोकिंग
  • हाइपरलिपिडिमिया
  • शराब
  • मोटापा
  • सुस्ती
  • डायबिटीज़ मेलिटस
  • साइकोलॉजिकल फ़ैक्टर

डाइट और इस्कीमिक हार्ट डिसीज़

खाने के पचने के दौरान पेट में पाया जाने वाला बैक्टीरिया, ट्राइमिथाइलएमीन N-ऑक्साइड (TMAO) नाम की एक चीज़ बनाता है. TMAO का कुछ हिस्सा रेड मीट में पाए जाने वाले पोषक तत्वों से मिलता है. रेड मीट में सैचुरेटेड फ़ट का लेवल काफ़ी ज़्यादा होता है, जो दिल की बीमारी में बड़ा किरदार अदा करता है.3

ट्राइमिथाइलएमीन N–ऑक्साइड दिल पर इस तरह से असर करता है:3

मीट और इस्कीमिक हार्ट डिसीज़ 

ज़्यादातर मेडिकल प्रैक्टिशनर ऐसे खान-पान यानी डाइट की सलाह देते हैं, जिसमें तरह-तरह के साबुत अनाज, फल, सब्ज़ियां, प्रोटीन और कम फ़ैट वाले डेयरी प्रोडक्ट शामिल हों. साथ ही वह रेड मीट के इस्तेमाल को कम करने पर ज़ोर देते हैं. यह देखा जा सकता है कि समान मात्रा में कैलोरी लेने के बावजूद भी रोज़ रेड मीट खाने वालों में TMAO लेवल उन लोगों की तुलना में तीन गुना ज़्यादा होता है, जो शाकाहारी होते हैं या सिर्फ़ व्हाइट मीट खाते हैं.3

आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि TMAO लेवल को आसानी से कम किया जा सकता है. जी हां, रेड मीट को कम करने परर एक महीने के अंदर इस लेवल में भारी गिरावट देखी गई है. 

रेड मीट के विकल्प

ऐसा कोई फ़ूड नहीं है जो दिल की सेहत को पूरी तरह पहले जैसा कर सके. हालांकि, खाने की कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो दिल को सेहतमंद बनाए रखती हैं और  इसे आगे और ज़्यादा होने वाली परेशानियों से बचाती हैं. इनमें से कुछ चीज़ें हैं:4

  • भरपूर तेल वाली मछलियां- खून को पतला करने में मदद करती हैं और ब्लड वेसल का लचीलापन बढ़ाती हैं
  • फल और सब्ज़ियां- ये फ़ोलेट और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं
  • बिना रिफ़ाइन किया कार्बोहाइड्रेट- शुगर लेवल को क़ाबू रखने में मददगार होता है
  • विटामिन-ई वाला खाना, ख़राब कोलेस्ट्रॉल से बचाता है
  • लहसुन- कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है
  • चाय- चाय में पाया जाने वाला एंटी-ऑक्सीडेंट ख़ून के बहाव को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है और ब्लॉकेज से बचाता है.
  • नट्स और बीज- कम मात्रा में लिए जाने चाहिए
  • फलियां और सोया- अगर कोलेस्ट्रॉल लेवल बहुत ज़्यादा है, तो ये कम कर सकते हैं

सबसे बढ़कर, नमक के इस्तेमाल को कम करना ज़रूरी है क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक के ख़तरे बढ़ते हैं.

तो अगली बार आप किसी नए फैंसी  रेस्टोरेंट में जाएं, तो लैम्ब चॉप के बजाय चिकन सलाद आज़माएं!


संदर्भ:

  1. U.S. National Library of Medicine. Vegetarian diet in patients with ischemic heart disease (VERDI) [Internet]. [updated 2019 Sep 11; cited 2020 Jan 3]. Available from: https://clinicaltrials.gov/ct2/show/NCT02942628.
  2. NCBI Bookshelf. Cardiovascular disability: updating the social security listings [Internet]. [cited 2020 Jan 3]. Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK209964/.
  3. National Institutes of Health. Eating red meat daily triples heart disease-related chemical [Internet]. [updated 2019 Jan 8; cited 2020 Jan 3]. Available from: https://www.nih.gov/news-events/nih-research-matters/eating-red-meat-daily-triples-heart-disease-related-chemical.
  4. Victoria State Government. Heart disease and food [Internet]. [updated 2012 Sep; cited 2020 Jan 3]. Available from: https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/conditionsandtreatments/heart-disease-and-food.

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