can diabetics eat sugar
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जब आपका डॉक्टर आपको ये बताता है कि आप डायबिटीज़ (मधुमेह) से ग्रसित हैं, तो सबसे पहला ख़याल जो आपके मन में आता है, वो होता है कि “अब मुझे चीनी से परहेज़ करना पड़ेगा, या अब मैं चीनी नहीं खा सकता/सकती”. ऐसा ख़याल मन में आना स्वाभाविक है क्योंकि हम उस माहौल में पले-बढ़े होते हैं, जहाँ हम अपने परिचितों और रिश्तेदारों के डायबिटीज़ से ग्रसित होने पर उनसे ‘शुगरलेस’ चाय या कॉफ़ी की मांग करते या फिर किसी तीज त्यौहार के दौरान मीठा न खा पाने की बात कहते सुनते आये हैं.

आमतौर पर माना जाता है कि मधुमेह से ग्रसित लोगों को चीनी से दूर रहना चाहिए. लेकिन काफ़ी कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि इसके साथ कुछ “शर्तें लागू” हैं.

आपका डॉक्टर शायद आपको इस बात की जानकारी न दे, ख़ासकर तब अगर उन्हें ये लगे और उन्हें इस बात की चिंता हो कि इस जानकारी के बाद आप अपनी हेल्थी डाइट को सही तरीक़े से फ़ॉलो नहीं करेंगे.

आपको पूरी तरह से मीठा खाना छोड़ने की ज़रूरत नहीं है

जी हाँ, सही पढ़ा आपने. डायबिटीज़ से ग्रसित लोग चीनी और चीनी युक्त खाद्य पदार्थ खा सकते हैं – बशर्ते – उन्हें इस बात की जानकारी हो कि इससे उनके भोजन में कैलोरी की संख्या में कितना इज़ाफ़ा होने वाला है.(1)

बेंगलुरु के रामकृष्णा नर्सिंग होम में कंसल्टेंट फ़ीज़ीशियन, डॉ वत्सला काशी (एम.डी) आगाह करते हुए कहती हैं, “डाइबिटीज़ से ग्रसित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और हाईशुगर के बीच कई दफ़ा समझौता करते हुए इससे तालमाल बिठाना पड़ता है. इस बात का कोई बंधा-बंधाया फॉर्मूला नहीं है कि कोई चीनी का सेवन कर सकता है या नहीं. ये व्यक्ति की आयु, डायबिटीज़ की अवधि, उसकी जटिलताओं, व्यक्ति की जीवनशैली, अवसाद की स्थिति पर आधारित हो सकता है.”

डायबीटीज़ से ग्रसित लोगों को चीनी से परहेज़ करने की सलाह आमतौर पर दो वजहों के चलते दी जाती है

  • चीनी का सेवन करते हुए हम अधिक कैलोरीज़ का सेवन करते हैं और कैलोरीज़ के सेवन से वज़न बढ़ता है. अधिक वज़न या मोटापे से इंसुलिन प्रतिरोध (इंसुलिन रिज़िस्टन्स) बढ़ सकता है और कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया देना बंद कर सकती हैं. जिससे हमारे शरीर का ब्लडशुगर बिगड़ सकता है और डायबिटीज़ से जुड़े दूसरे जोखिम जैसे  हृदय रोग या स्ट्रोक का ख़तरा भी बढ़ जाता है. (2)
  • प्रसंस्कृत चीनी का सेवन करने से ख़ून में चीनी का तेज़ी से अवशोषण होता है, जिससे ब्लड शुगर के स्तर में भी बढ़ोतरी हो जाती है.

इस तरह की चिंताओं को हल करने के लिए सुनिश्चित करें कि आप सख्ती से इस बात पर नज़र रख रहें हों कि आप कितनी चीनी का सेवन कर रहे हैं. धीरे-धीरे चीनी की अपनी नियमित मात्रा में कटौती करने की कोशिश करें.

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मसलन, अगर आप अपनी चाय में दो चम्मच चीनी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, तो इसे एक पर ले आएं. अगर आप बेसन के लड्डू बनाने के लिए 3 कप चीनी का इस्तेमाल कर रहे हों, तो उसे 2 कप में बदलने की कोशिश करें. और जितना संभव हो सके अपनी चीनी की मात्रा को आधा चम्मच या आधा कप नीचे लाने की कोशिश करें.

चीनी के सेवन से जुड़े ख़तरे से निपटने के लिए सुनिश्चित करें कि आप अपनी शारीरिक गतिविधि के स्तर को भी बढ़ाते जाएँ. साथ ही अधिक कैलोरी बर्न करने लिए 20 के बजाय 40 मिनट तक चलें.

आप चाहें तो कुछ समय तक अपने चीनी के सेवन पर नज़र बनाए रख सकते हैं, साथ ही इस दौरान नियमित तौर पर अपने ब्लड शुगर की निगरानी करते रह सकते हैं. जिसके बाद सामने आने वाले नतीजों और इस जानकारी का इस्तेमाल आप इस बात के लिए कर सकते हैं कि ख़ुद के ब्लड ग्लूकोज़ के स्तर को ठीक स्थिति में रखने के लिए आपके लिए कौन सा तरीक़ा बेहतर होगा.

चीनी के दूसरे विकल्पों को भी अपनाएं

अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें लगता है कि उन्हें चीनी का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, तो आप चीनी या मीठे के दूसरे स्वस्थ विकल्पों को आज़मा सकते हैं. ये एक तरह के फ़ूड एडेकटिव होते हैं, जिनका स्वाद मीठा होने के साथ ही इनमें कैलोरी की मात्रा काफ़ी कम होती हैं.

शहद और स्टेविया/स्टीविया जिसे मीठी तुलसी या मीठी पत्ती भी कहते हैं, शुगर का प्राकृतिक विकल्प है. वहीं सैकरिन, सूक्रालोस, एस्परटेम, ऐसीसोफ्लेम पोटैशियम आर्टिफीशियल स्वीटनर होते हैं जिन्हें अमेरिकन डायबिटीज़ एसोसिएशन ने अनुमोदित किया है. (3) लेकिन इन्हें काफ़ी संभलकर और नियंत्रित होकर इस्तेमाल करना चाहिए. क्योंकि ऐसा न करने और इनके दीर्घकालिक इस्तेमाल से शरीर से जुड़ी दूसरी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. (4)

सिर्फ़ चीनी की चिंता मत कीजिए:
बाज़ार में मिलने वाली चीनी के सेवन पर मची हायतौबा के बीच, कई बार हमारा ध्यान इस बात से हट जाता है कि सेहत से जुड़े और ख़तरे भी मौजूद हैं. जैसे आप कोई भी कार्बोहाइड्रेट ले लीजिए- ब्रेड, चावल, पास्ता, बिस्किट,  चॉकलेट, फल, मीठे पेय पदार्थ, जूस. ये सभी कहीं न कहीं आपके ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) लेवल को बढ़ा सकते हैं.

सुनिश्चित करें कि आप इनका सेवन करते हुए, इनकी मात्रा का ख़याल रखें. कुछ खाद्य पदार्थों में सीधे तौर पर चीनी नहीं पायी जाती.मसलन, टमाटर का केचप, रेडी टू ईट फ़ूड, पास्ता सॉस – इनका सेवन मधुमेह के लिए ख़राब है. (2)


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एंटी-डायबिटिक दवाओं का सेवन करने वाले लोग ख़ासतौर से इंसुलिन लेने वाले. कई दफ़ा इस ग़लतफ़हमी में रहते हैं कि अगर वो अपनी दवाओं का डोज़ बढ़ाकर या दवाओं की मात्रा को बदलकर अपने ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को ‘फ़िक्स’ कर लें, तो वो मीठा खाने या मीठे से बने व्यंजन खा सकते हैं. लेकिन ऐसा करना घातक हो सकता है और ऐसा करने से जितना बचा जा सके, बचना चाहिए.(3)

इसके बजाय, आप स्वस्थ खाने और नियमित तौर पर व्यायाम करने का प्रयास करें, समय के साथ आप पाएंगे कि आप अपना ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) का लेवल नॉर्मल बनाए रखने में आसानी महसूस कर पाएंगे, जो आपके स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है.

फ़ोटो साभार: Shutterstock

सन्दर्भ:

  1. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Disease. Carbohydrate counting and diabetes. Available online at
    https://www.niddk.nih.gov/health-information/diabetes/overview/diet-eating-physical-activity/carbohydrate-counting
  2. Diabetes UK. Myth: Sugar causes diabetes. Available online at https://www.diabetes.org.uk/guide-to-diabetes/enjoy-food/eating-with-diabetes/diabetes-food-myths/myth-sugar-causes-diabetes
  3. WebMD. 10 Diabetes Diet Myths. Available online at
    https://www.webmd.com/diabetes/10-diabetes-diet-myths#1
  4. https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/nutrition-and-healthy-eating/in-depth/artificial-sweeteners/art-2004693

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