sleep for diabetes
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कंटेंट की समीक्षा अश्विनी एस कनाडे ने की है, वे रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहीं हैं.

अगर आपको डायबिटीज़ है और आपमें दिन में कुछ देर सोने की तीव्र इच्छा जागती है तो इसे साधारण थकावट ना समझें. डायबिटीज़ से ग्रसित लोगों की नींद में व्यवधान आना या ख़लल पड़ना आम बात है, लेकिन इसे नजरअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए.

2012 में की गयी एक स्टडी से ये पता चला कि सोने में परेशानी महसूस करना और डायबिटीज़ का आपस में गहरा संबंध है.(1)  

सोने में समस्या का अर्थ कुछ भी हो सकता है, जैसे कम देर के लिए सोना या बहुत ज़्यादा सोना. इसलिए अगर आपको भी दिन में नींद आती है तो ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि आप रात में ठीक से नहीं सो पा रहे हैं.

नींद न आने की समस्या शुगर लेवल पर ठीक नियंत्रण न रहने की वजह से भी पैदा हो सकती है. आगे जानिए कि कैसे दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.

डायबिटीज़ आपकी नींद को कैसे प्रभावित करती है

डायबिटीज़ से प्रभावित वो लोग जिनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहता है उनका शरीर शुगर की इस बढ़ी हुई मात्रा को पेशाब के ज़रिये बाहर निकालने की कोशिश करता है. जिसके चलते उन्हें ज़्यादा देर तक वॉशरूम में बिताना पड़ता है. इसलिए अगर आप रात में वॉशरूम जाने के लिए बार-बार उठ रहे हैं तो आप एक अच्छी नींद नहीं ले पाएंगे.

जब आप रात में ठीक से नहीं सो पाते हैं, तो पूरा दिन थका हुआ महसूस करते हैं. ज़्यादा थकान का एहसास होने से आप अपनी सामान्य डाइट से अधिक भी खा सकते हैं, जिससे एक बार फिर आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है. इस तरह देखा जाए तो ये एक दुष्चक्र में फंस जाने जैसा ही है.

इसे भी पढ़ें: डायबिटीज़ के दौरान थकान से परेशान हैं? इन तरीक़ों को अपनाएं  

इसके अलावा डायबिटीज़ को स्लीप डिसॉर्डर्ड ब्रीदिंग का भी कारण माना जाता है.(2) स्लीप डिसॉर्डर्ड ब्रीदिंग एक ऐसी अवस्था है जिसमें लोगों की नींद के दौरान अचानक सांस रुक जाती है,और वो खर्राटे लेने लगते हैं. जिस वजह से उन्हें अच्छी नींद लेने में समस्या आती है.

एक स्टडी में ये भी पाया गया है कि स्लीप डिसॉर्डर्ड ब्रीदिंग की वजह से इंसुलिन के प्रतिरोध और ग्लूकोज़ इंटॉलेरेंस की समस्या पैदा हो सकती है.(3) जिससे डायबिटीज़ बढ़ जाता है. दूसरे शब्दों में कहें, तो अगर आप डायबिटीज़ से ग्रसित हैं और अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो इससे आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है.

डायबिटीज़ में कितनी नींद है ज़रूरी?

द सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन के अनुसार 18 से 60 साल की उम्र के बीच के लोगों को रात में कम से कम 7 घंटे की नींद ज़रूर लेनी चाहिए.(4) हालांकि डायबिटीज़ से ग्रसित लोगों के सोने का कोई निश्चित समय नहीं बताया गया है.

बेहतर ये होगा कि आप इसपर फ़ोकस करें कि आप जितनी भी देर सोएं, अच्छी नींद लें और सोकर उठने के बाद पूरा दिन तरोताज़ा और एनर्जिटिक महसूस करें.

इसे भी देखें: रात में सोने के दौरान ब्लड शुगर में कमी आने पर उठाएं ये क़दम

अपनी नींद को इस तरह बनाएं बेहतर:

आप कितने घंटे की नींद ले रहे हैं, इससे बेहतर ये होगा कि आप नींद की क्वालिटी बढ़ाने पर ध्यान दें. यहां हम आपको कुछ सलाह दे रहे हैं जिसे आज़माकर आप अपनी नींद की क्वालिटी अच्छी कर सकते हैं.

  • अपने बिस्तर पर जाने और उठने का समय सुनिश्चित कर लें. इससे आपके शरीर को एक अच्छी नींद लेने और सही समय पर उठने की आदत हो जाएगी.
  • दिन में नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें, बिस्तर पर जाने से पहले या इसके आसपास ज़्यादा व्यायाम करने से आपका शरीर ज़्यादा सतर्क हो जायेगा, जो नींद में बाधा डालती है.
  • अगर आप दिन में हर हाल में कुछ देर आराम करना ही चाहते हैं, तो 30 मिनट से ज़्यादा समय तक ना सोएं. अगर आपको लगता है कि दिन में कुछ देर आराम को नजरअंदाज करने से आपको रात में अच्छी नींद आएगी, तो दिन में ना सोएं और ख़ुद को काम में उलझाएँ.
  • रात में हल्का डिनर लें, ज़्यादा तेल से बना, मसालेदार खाना या सॉफ्ट ड्रिंक की वजह से आपको अनपच या छाती में जलन जैसी समस्या हो सकती है, जिससे नींद में परेशानी होगी.
  • रात में कैफ़ीन युक्त खाद्य पदार्थ ना लें, क्योंकि इससे भी आपको नींद नहीं आती.
  • बिस्तर पर जाने से पहले धूम्रपान, निकोटीन या शराब का सेवन ना करें क्योंकि ये आपके सोने के पैटर्न को बाधित कर सकता है.यहां पढ़िए क्यों डायबिटीज से जुड़े लोगों को धूम्रपान जल्द से जल्द छोड़ देना चाहिए और कितनी मात्रा में शराब का सेवन किया जा सकता है.
  • बिस्तर पर जाने से पहले मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप और ई-रीडर के इस्तेमाल से बचने की कोशिश करें, क्योंकि उसकी ब्राइटनेस या चमक की वजह से आप नींद में जाने की जगह जागे रह सकते हैं.
  • सोने के लिए अच्छा माहौल बनाएं. लाइट को धीमा कर दें और बिल्कुल शांत वातावरण रहने दें.अगर किताब पढ़ने से आपको नींद आती है, तो सोने से पहले किताब पढ़ें.
  • अशांत मन कभी अच्छी नींद नहीं आने देता है. इसलिए योग या मेडिटेशन से अपने तनाव को दूर करें, इससे आपको अच्छी नींद लेने में मदद मिलेगी. यहां हम आपको ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए चार योगासन बता रहे हैं.

इस तरह के नियमित अभ्यास के साथ आप ख़ुद समझ जाएंगे कि किन समस्याओं की वजह से आप अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं. और उन समस्याओं को दूर करने की कोशिश करें. इससे आप अच्छी और  गहरी नींद ले पाएंगे, जो आपके शारीरिक और इमोशनल हेल्थ के लिए काफ़ी बेहतर होगा.

 

संदर्भ

  1. M.A. Grandner, N.J. Jackson, V.M. Pak, P.R. Gerhman. Sleep disturbance is associated with cardiovascular and metabolic disorders. J Sleep Res. 2012 Aug; 21(4); 427-433   doi:  10.1111/j.1365-2869.2011.00990.x
  2. H.E. Resnick, S. Redline, E. Shahar, A. Gilpin, A. Newman, R. Walter et al. Diabetes and Sleep Disturbances: Findings from the Sleep Heart Health Study. Diabetes Care 2003 Mar; 26(3): 702-709. https://doi.org/10.2337/diacare.26.3.702
  3. N.M. Punjabi, J.D. Sorkin, L.I. Katzel, A.P. Goldberg, A.R. Schwartz, P.L. Smith. Sleep-disordered breathing and insulin resistance in middle-aged and overweight men. Am J Respir Crit Care Med. 2002 Mar 1;165(5):677-82. Available online at: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/11874813?access_num=11874813&link_type=MED&dopt=Abstract
  4. Centers for Disease Prevention and Control: How Much Sleep Do I Need: Sleep and Sleep Disorders. Available online at: https://www.cdc.gov/sleep/about_sleep/how_much_sleep.html

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