symptoms heart failure
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बदन दर्द हो रहा है? एक गोली खा ली. सांस लेने में दिक्कत हो रही है? बाहर हवा में चले गए. थकान महसूस कर रहे हैं? एक झपकी ले ली.

आमतौर पर, हम इसी तरह अपने दिल की भेजी गई शुरुआती चेतावनियों को अनदेखा कर देते हैं. कार्डियक अरेस्ट फाउंडेशन के मुताबिक, साल 2018, अस्पताल में जिन मरीज़ों को भर्ती कराया गया था उनमें से लगभग 25% अचानक आए स्ट्रोक का शिकार थे. स्ट्रोक से पहले इन मरीज़ों में हार्ट फ़ेल होने या दिल का दौरा पड़ने के कोई लक्षण नज़र नहीं आए थे. फाउंडेशन का यह भी कहना है कि घर पर अटैक का शिकार होने वाले लोगों के बचने की दर लगभग 28% है.[1] यही वह बात है जिस पर हमें ग़ौर करना होगा. चेतावनी के उन संकेतों को कैसे पहचाना जाए, जो हमारा दिल हमें देता है? हाल के वर्षों में, भारत और दुनिया भर में दिल का दौरा पड़ने के हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. भारत में कम उम्र के लोग भी दिल की बीमारी की चपेट में आने लगे हैं. त्रिवेंद्रम हार्ट फ़ेल्योर रजिस्ट्री के मुताबिक, हार्ट फेल का शिकार होने वाले पश्चिमी देशों के लोगों के मुकाबले भारतीय लोग 10 साल छोटे होते हैं. इसके अलावा, हार्ट फ़ेल का पता लगाने के मामले में भी पश्चिम की तुलना में भारत की हालत बदतर है.[2] 

वक़्त आ चुका है जब हम उन अलग-अलग बातों पर गौर करना शुरू कर दें जो हमारे दिल की तरफ़ से भेजा गया एक तरह का इशारा है ताकि हम उसकी मदद कर सकें. यहां उन लक्षणों की सूची दी गई है जिनके बारे में आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए ताकि दिल की बीमारी का पता लगाया जा सके: 

दिल की बीमारी के लक्षण (Heart disease symptoms)

  1. सांस लेने में तकलीफ़: शारीरिक मेहनत के दौरान सांस लेने में तकलीफ़ होना आम बात है, लेकिन अगर आपको आराम करते वक़्त या सोते वक़्त भी ऐसा हो, तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए. बहुत से लोग बिस्तर पर सीधा लेटने पर भी ठीक से सांस नहीं ले पाते हैं. ऐसा तब होता है जब दिल तक पहुंचने वाला खून इतना ज़्यादा होता है कि वह उसे ठीक से पंप नहीं कर पाता है. हो सकता है कि द्रव (फ्लूइड) फेफड़ों में पहुंच जाए जिससे आपके लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है. अगर रातभर सोने के बाद भी आपको थकान महसूस हो, तो अपने डॉक्टर से बात करें.
  2. एडीमा या सूजन:  क्या इन दिनों आपके जूते तंग महसूस हो रहे हैं? या, क्या आपको अपनी एड़ियों के आसपास सूजन दिखाई देती है? क्या आपको ऐसा लगता है कि हाल ही में आपके पेट के आस-पास वजन बढ़ गया है? यह इस बात का इशारा हो सकता है कि आपके शरीर में द्रव (फ्लूइड) इकट्ठा हो रहा है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका दिल ठीक से पंप नहीं हो रहा है और चूंकि खून नसों के हार्ट पूल में वापस नहीं जाता है, इससे सूजन आ जाती है. 
  3. थकावट और थकान: अगर आप रोज़मर्रा के मामूली काम करने में भी थक जाते हैं, जैसे शॉपिंग करना या किराने का सामान उठाना, तो यह समझ लें कि डॉक्टर से बात करने का वक़्त आ गया है. हो सकता है कि आपके दिल को मदद की ज़रूरत है. जब आपका दिल इतना खून पंप नहीं करता है कि वह शरीर के अहम अंगों तक पहुंच पाए, तो शरीर मांसपेशियों का खून इन अंगों को भेज देता है. इस वजह से, आपकी मांसपेशियां अपने रोज़मर्रा के काम निपटाने में थक जाती हैं. 
  4. सांस लेते वक़्त घरघराहट होना या लगातार खांसी आना: अगर आपको काफी दिनों से खांसी आ रही है और सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो यह इस बात का इशारा हो सकता है कि आपके दिल को मदद ज़रूरत की ज़रूरत है. वजह वही है: एक कमज़ोर दिल फेफड़ों में द्रव (फ्लूइड) बनने की वजह बन सकता है, जिससे खांसी और सांस की तकलीफ़ हो सकती है. 
  5. सोचने-समझने की ताकत पर असर पड़ना और उलझन: क्या आपके किसी क़रीबी ने हाल ही में आपसे कहा है कि आपकी याददाश्त कम होती जा रही? इन दिनों क्या आप एक जगह दिमाग नहीं लगा पाते और उलझन महसूस करते हैं? ऐसा हो सकता है कि आपके खून में कुछ खास रसायनों या केमिकल के लेवल में बदलाव हुआ है. सोडियम का लेवल ऊपर-नीचे होना, आपके भीतर उलझन पैदा कर सकता है. अगर यह सब आपके लिए नया है या आपके साथ पहली बार हो रहा है, तो अपने डॉक्टर से बात करें. 
  6. जी मचलाना या भूख कम लगना: अगर आपको लगता है कि आपका पेट ठीक नहीं रहता है या ऐसा महसूस करते हैं कि आपका पेट अक्सर भरा रहता है, तो यह इस बात का इशारा हो सकता है कि आपके पाचन तंत्र (डाइजेस्टिव सिस्टम) तक उतना खून नहीं पहुंच रहा है जितना पहुंचना चाहिए. जब शरीर के किसी अंग या सिस्टम तक ठीक से खून नहीं पहुंच पाता है, तो वह सही ढंग से काम नहीं कर पाता है, जो शायद आपका हाज़मा खराब होने की वजह हो सकता है. पेट से जुड़ी परेशानी की वजह जानने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें. 
  7. धड़कन या दिल की धड़कन बढ़ जाना: जब हार्ट ज़रूरत के मुताबिक खून पंप नहीं कर पाता है, तो सभी अंगों तक खून पहुंचाने के चक्कर में तेज़ी से खून पंप करने लगता है. तेज़ी से खून पंप करने का मतलब है, एक मिनट में दिल सामान्य से कहीं ज़्यादा धड़कता है. अगर ऐसा है तो डॉक्टर से मिलने का वक़्त आ गया है ताकि आप इस परेशानी की वजह जान सकें.

आपको याद रखना चाहिए कि इन लक्षणों में से सिर्फ़ एक के नज़र आने पर आपकी दिल की धड़कन रुक जाए, यह ज़रूरी नहीं है. इनमें से कई लक्षणों का नज़र आना, हार्ट फ़ेल की ओर इशारा करते हैं.[3] हर लक्षण का इलाज नहीं किया सकता है, लेकिन शुरुआत में ही उनको मैनेज करना आपको बीमार पड़ कर अस्पताल पहुंचने से बचा सकता है!

संदर्भ:

  1. Mary Newman. AHA releases latest statistics on sudden cardiac arrest [Internet]. 2018 Feb 01 [cited 2019 Jul 22]. Available from: https://www.sca-aware.org/sca-news/aha-releases-latest-statistics-on-sudden-cardiac-arrest.
  2. Guha S, Harikrishnan S, Ray S, Sethi R, Ramakrishnan S., Banerjee S, et al. CSI position statement on the management of heart failure in India. Indian Heart J. 2018 Jul;70(Suppl 1):S1–S72. doi: 10.1016/j.ihj.2018.05.003.
  3. Warning signs of heart failure [Internet]. [updated 2017 May 31; cited 2019 Jul 22]. Available from: https://www.heart.org/en/health-topics/heart-failure/warning-signs-of-heart-failure.

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