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आप इसे सुपरस्टार ड्रिंक कहें या दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थ (पानी पहला है); चाय डायबिटीज़ में पिए जाने वाला एक लोकप्रिय और फ़्रेंडली ड्रिंक है. भारतीयों में ख़ासकर दिन की शुरुआत ही एक कप कड़क चाय के साथ होती है. यानी चाय हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है. गर्म चाय की चुस्कियां सरहदों और संस्कृतियों की दीवारें तोड़ चुकी हैं. सड़क के किनारे चायवालों की चीनी, दूध और मसालों वाली उबलती हुई चाय भी कम लोकप्रिय नहीं. ऐसे में ज़ेहन में सवाल उठना स्वाभाविक है, कि आख़िर कैसी और किस तरह बनाई गई चाय डायबिटिक लोगों को पीनी चाहिए.

डायबिटीज़ होने पर सबसे सामान्य सवाल ये होता है कि किस तरह की और कितनी चाय पीना सही है?

दिल्ली के डायबिटीज़ एजुकेशन एंड रिसर्च फ़ाउंडेशन के कंसलटेंट डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. एके झिंगन कहते है, डायबिटिज़ से ग्रसित लोगों की सबसे पड़ी परेशानी शुगर को पचाने को लेकर होती है. इन्सुलिन लेने से शुगर का स्तर कम हो जाता है. वहीं, टाइप 2 डायबिटीज़ में कई बार शरीर पर इन्सुलिन का असर नहीं होता या कम होता है, इससे ख़ून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है. ऐसे ही मौक़ों पर चाय डायबिटिक लोगों के लिए फ़ायदेमंद साबित होती है, जिससे कोशिकाओं की संवेदनशीलता बढ़ती है और शरीर का मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है.

ग्रीन टी और डायबिटीज़ मैनेजमेंट

डॉ. झिंगन डायबिटिक लोगों में ग्रीन-टी के फ़ायदे गिनाते हैं:

  • इसमें भारी मात्रा में पॉलीफ़ेनॉल्स पाए जाते हैं, जिनकी ख़ासियत उनके एंटीऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं. ये कार्सिनोजेन्स (कैंसर पैदा करनेवाले) और जलन को रोकते हैं.
  • पॉलीफ़ेनॉल्स ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस कम करने और वेसोडिलेशन में भी मददगार है. यानी इससे नसें चौड़ी होती हैं.
  • दरअसल, एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (ईजीसीजी).[1] ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफ़ेनॉल है, जो  कोशिकाओं को संवेदनशील बनाकर टाइप 1 और टाइप 2, दोनों तरह के डायबिटीज़ में शुगर मैनेजमेंट बेहतर करता है. ये शुगर के स्तर में भारी बदलाव पर क़ाबू रखता है, जिससे शरीर को ज़्यादा इन्सुलिन की ज़रूरत नहीं पड़ती.
  • ग्रीन टी कोलेस्ट्रॉल और मोटापे पर भी क़ाबू रखती है. ख़ून में शुगर का स्तर संतुलित रहने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी क़ाबू में रहते हैं. ये दिल के लिए भी फ़ायदेमंद है.
  • ग्रीन टी ख़ून का थक्का जमने से रोकता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल और मोटापा कम होता है. शरीर में फ़ैट जमा होने से रोकने के कारण ये खाना पचाने में सहायक है.
  • हर बार खाने के बाद 2-4 कप ग्रीन टीन पीने से इन्सुलिन का उत्पादन बढ़ जाता है और डायबिटीज़ क़ाबू में रहता है.

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ग्रीन टी का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए उसमें चीनी या किसी तरह के कृत्रिम मीठास का इस्तेमाल न करें. ग्रीन टी पीने का सबसे बेहतर तरीक़ा उसके सैशे गर्म पानी में डुबोकर धीरे-धीरे पीना है.

Tea for diabetes

डायबिटीज़ मैनेजमेंट के लिए ग्रीन टी या ब्लैक टी?

ग्रीन टी में बिना फ़र्मेंट की हुई पत्तियां होती हैं, जो ब्लैक टी से ज़्यादा कारगर होती हैं. हालांकि ब्लैक टी में भी डायबिटीज़ में फ़ायदा पहुंचाने के गुण होते हैं. डॉ. झिंगन बताते हैं, ब्लैक टी भी उसी पौधे से तैयार होती है, जिससे ग्रीन टी. लेकिन इसे गर्मी और ह्यूमिडिटी का इस्तेमाल कर ऑक्सीडाइज़ किया जाता है, जिससे इसकी बनावट, गंध और रंग बदल जाते हैं, पर ग्रीन टी में ऐसा नहीं होता. ब्लैक टी में ग्रीन टी की तुलना में ज़्यादा पॉलिसैकराइड होते हैं, जो डायबिटीज़ मैनेजमेंट में सीधे तौर पर कारगर होते हैं. लेकिन ब्लैक टी का सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए इसे बिना दूध या चीनी मिलाए पीना चाहिए, वो भी दिन में दो बार से ज़्यादा नहीं.

डॉ. झिंगन के मुताबिक आप ब्लैक या ग्रीन टी में नीचे बताए जा रही चीज़ें मिलाकर उसे ज़्यादा फ़ायदेमंद बना सकते हैं.

  • दालचीनी का छोटा टुकड़ा: इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं, जिससे डायबिटीज़ प्रभावित लोगों में इन्सुलिन का असर बढ़ता है.
  • पीसी हुई इलायची: इलायची में मैंगनीज़ भरपूर होता है, जो ख़ून में शुगर का स्तर और कैल्शियम काबू में रखता है. इलायची फ़ास्टिंग  ग्लूकोज़ लेवल में भी कमी लाती है.
  • कुचला हुआ अदरख: पचाने में मददगार अदरख न सिर्फ़ जलन कम करता है, बल्कि शरीर में संवेदनशीलता भी बढ़ाता है. शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित कर ये ऑक्सीडेशन भी कम करता है.

आप ग्रीन टी, ब्लैक टी या किसी भी प्रकार की हर्बल चाय चुनें, मुख्य बात है चीनी और दूध से दूर रहना. बदलाव और ताज़गी के लिए आप घर में ही आइस टी के अलग-अलग प्रकार तैयार कर सकते हैं. मसलन, तुलसी मिली ग्रीन टी, मोगरा मिली ग्रीन टी, अर्ल ग्रे टी. और हां, अगर चाय में थोड़ा नीबू मिला दिया जाए. तो स्वाद भी अच्छा होता है, और चाय के फ़ायदे भी बढ़ जाते हैं.

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कंटेंट की समीक्षा: अश्विनी एस कनाडे, रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और वो 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरुक कर रहीं हैं.
तथ्यों की जांच: आदित्य नर, बी.फ़ार्मा, एमएससी, पब्लिक हेल्थ एंड हेल्थ इकोनॉमिक्स.

संदर्भ:

  1.   Healthyeating.sfgate.com What Is EGCG in Green Tea? Available at: http://healthyeating.sfgate.com/egcg-green-tea-8453.html

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