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जब दिल तक ख़ून सही ढंग से नहीं पहुंच पाता तो हार्ट अटैक होता है क्योंकि आर्टरी (धमनी) के वॉल पर कोलेस्ट्रॉल और फ़ैट के जमा होने की वजह से धमनी में क्लॉट यानी थक्के जम जाते हैं. डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर जैसे और भी कई ख़तरनाक वजहें हैं, जिनका आर्टरी के ब्लॉक होने में हाथ होता है, जिनसे आगे चलकर हार्ट अटैक होने का ख़तरा बढ़ जाता है. हालांकि, हार्ट अटैक जानलेवा हो सकता है लेकिन लाइफ़स्टाइल में कुछ बदलावों के ज़रिए आप इसके ख़तरे को टाल सकते हैं.

हार्ट अटैक के ख़तरे को कम करने के लिए आप अपनी ज़िंदगी में ये 6 सेहतमंद बदलाव कर सकते हैं. 

1. सेहतमंद डाइट फ़ॉलो करना:

AIIMS के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुदीप मिश्रा का कहना है कि “सेहतमंद डायट वह है, जिसमें फल, सब्ज़ियां, फली, दाल, कम फ़ैट वाले डेरी उत्पाद, साबुत अनाज और मछली शामिल हों और उनमें प्रोसेस, रिफ़ाइन्ड, जंक फ़ूड की कोई जगह न हो”. इन डिब्बाबंद चीज़ों में शुगर, फ़ैट, नमक और प्रिज़र्वेटिव की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है जिससे मोटापा, हाइपरटेंशन, हाई-कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज़ की समस्या बढ़ती है और इससे हार्ट अटैक का खतरा भी मंडराने लगता है.

2. एक्सरसाइज़:

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) दिल को सेहतमंद बनाए रखने के लिए रोज़ाना कम से कम 30 मिनट फ़िज़िकल एक्टिविटी करने की सलाह देता है. चहलकदमी, स्वीमिंग या साइकिल चलाने जैसी आसान एक्सरसाइज़ हैं, जो आपके सर्कुलेशन को बेहतर बना सकते हैं और दिल की सेहत के लिए भी काफ़ी फ़ायदेमंद हो सकते हैं.

3. धुम्रपान छोड़ना:

सिगरेट, सिगार या किसी भी तरह से तंबाकू का इस्तेमाल करना, आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. स्टडीज़ से मालूम होता है कि उन लोगों में हार्ट अटैक का ख़तरा 50% तक कम हुआ है जिन्होंने तंबाकू खाना छोड़ दिया. इसलिए धुम्रपान यानी स्मोक छोड़ने से आपको हार्ट अटैक होने का आधा ख़तरा टल जाता है.

4. कम शराब पीना:

किसी भी चीज़ को हद से ज़्यादा इस्तेमाल करने से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है और जब बात आती है शराब कि तो ये सच्चाई और भी ज़्यादा बढ़ जाती है. याद रखें, शराब के मामले में संयम रखने की काफ़ी ज़रूरत होती है. स्टडीज़ के मुताबिक़ कम शराब पीने वालों में हार्ट अटैक होने का ख़तरा 11% कम हुआ है. इसलिए अगर आप शराब पीते हैं, तो अपने डॉक्टर से इस बात पर चर्चा करें कि आपकी सेहत के लिए इसकी कितनी मात्रा ठीक है.

5. स्ट्रेस को कंट्रोल में रखना:

रोज़मर्रा की परेशानियों और वर्क प्रेशर की वजह से होने वाले तनाव से हार्ट अटैक होने का ख़तरा बढ़ जाता है. स्ट्रेस आजकल हार्ट अटैक होने की अहम वजहों में से एक बना हुआ है. स्ट्रेस के दौरान निकलने वाला कोर्टिसोल हॉर्मोन ख़ून में मौजूद शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को प्रभावित करता है, जिससे ब्लड वेसल्स में क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है. डॉक्टर मिश्रा कहते हैं कि योग या ध्यान करने से स्ट्रेस लेवल कम होता है. वो आगे ये भी कहते हैं कि, “एक सेहतमंद ज़िंदगी जीने के लिए काम-काज में बैलेंस बनाकर चलना बहुत ज़रूरी है.”

6. अपनी सेहत का ख़याल रखना:

हार्ट अटैक न हो इसलिए उन कारकों पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है जिनसे अटैक होने का ख़तरा होता है. हार्ट अटैक होने के अपने खतरे को कम करने के लिए आपको पता होना चाहिए कि आपका शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर लेवल क्या है ताकि आप सही कदम उठा सकें. अगर इनमें से किसी का भी लेवल बढ़ता है, तो हो सकता है आपको अपने लाइफ़स्टाइल में बदलाव करने से पहले इसे कंट्रोल करने के लिए  कोई दवा लेनी पड़े.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल जैसे रिस्क फैक्टर को कंट्रोल करने और इन पर नज़र बनाए रखने के साथ डायट, एक्सरसाइज़ और तंबाकू छोड़ना, ये तीनों चीज़ें हार्ट अटैक को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं. जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी के हिसाब से लाइफ़स्टाइल में किए जाने वाले इन बदलावों से हार्ट अटैक होने का ख़तरा 80% तक कम किया जा सकता है.

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