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इरेक्टाइल डिसफंक्शन होना, डायबिटीज़ से प्रभावित पुरुषों में एक आम समस्या है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इसे दूर नहीं किया जा सकता. सेक्स करने के लिए लिंग में तनाव पैदा होने और उसे बनाए रख पाने में नाकाम रहने को इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहते हैं. ब्लड शुगर लेवल ज़्यादा दिनों तक बेक़ाबू रहने से नसों को नुक़सान पहुंच सकता है और डायबिटीज़ वाले लोगों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की आमतौर पर यही वजह होती है. इसका संबंध हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी जैसी सेहत की दूसरी समस्याओं से भी हो सकता है. डायबिटीज़ से प्रभावित पुरुषों में ये उन पुरुषों के मुक़ाबले जल्दी हो सकता है, जिन्हें डायबिटीज़ नहीं है.

ये काफी मुश्किल और कभी-कभी झल्लाहट से भर देने वाला एहसास हो सकता है. लेकिन परेशान ना हों. आइए पहले हम ये समझते हैं कि ये होता क्यों है और इससे निपटने के लिए आप कौन से क़दम उठा सकते हैं. हमारी डायबिटीज़ केयर एक्सपर्ट सम्पदा कुलकर्णी यहां इरेक्टाइल डिसफंक्शन से मुक़ाबला करने के लिए कुछ तरकीबें साझा कर रही हैं. अपनी सेक्स लाइफ़ दोबारा पटरी पर लाने में ये तरकीबें आपकी मदद कर सकती हैं.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है?

इरेक्टाइल डिसफंक्शन का संबंध ख़ून के बहाव और नर्व सिस्टम से होता है. ब्लड शुगर लेवल पर सही तरह से कंट्रोल ना रखा जाए, तो ये नसों और ख़ून की छोटी धमनियों को नुक़सान पहुंचा सकता है. अगर सेक्स उत्तेजना को कंट्रोल करने वाली नसें ख़राब हो जाएं, तो पुरुष के अंग में सेक्स करने के लिए ज़रूरी तनाव पैदा होने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है. हाई ब्लड प्रेशर इरेक्टाइल डिसफंक्शन के बड़े कारणों में से एक है. हाई ब्लड प्रेशर नसों को मोटा कर देता है, जिससे धमनी को नुकसान पहुंचता है. इससे लिंग में ख़ून का बहाव कम हो जाता है, जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बन सकता है.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को और ज़्यादा बिगड़ने ना दें

अपनी लाइफ़स्टाइल में थोड़े से बदलाव लाना आपके बड़े काम आ सकता है. इन छोटे-छोटे बदलावों से होने वाले फ़ायदों को आप कम ना समझें. इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को दूर करने और अपनी पूरी सेहत को बेहतर बनाने के लिए इन तरकीबों को आज़माएं.

चुप ना रहें, इस बारे में बात करें: शर्म ना करें. सबसे पहले तो आप इस समस्या को नज़रअंदाज़ करना या टालना छोड़ें. अपने डॉक्टर से बात करें. वो इस समस्या से उबरने में आपकी मदद कर सकते हैं. आपके डॉक्टर इरेक्टाइल डिसफंक्शन की वजह का पता लगाएंगे और इरेक्टाइल डिसफंक्शन के बारे में और ज़्यादा जानकारी के साथ अगर ज़रूरत हुई, तो इसकी दवाओं के बारे में भी बताएंगे. पता करें कि आपका इलाज क्या है!

अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या आप डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए सही क़दम उठा रहे हैं. ऐसा भी हो सकता है कि कोई और पुरानी कंडीशन इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण हो या इसे और ज़्यादा बढ़ाने की वजह बन जाए. पक्का करें कि कहीं आप किसी दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम का सामना तो नहीं कर रहे.

आगे बढ़ते रहें: ज़रूरी नहीं कि आप हमेशा ख़ुद को एक्सरसाइज़ के लिए तैयार कर सकें, लेकिन सिर्फ 30 मिनट एक्टिव रहने के भी ज़बरदस्त फ़ायदे होते हैं. आराम तलब लाइफ़स्टाइल इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षणों को और ज़्यादा बिगाड़ सकती है. रेगुलर एक्सरसाइज़ जेनिटल एरिया सहित आपके पूरे शरीर में ख़ून का बहाव सही रखने में मदद करती है.

ज़रूरत हो तो शरीर का अतिरिक्त वज़न कम करें: शरीर का अधिक वज़न इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या पैदा कर सकता है या इस समस्या को और ज़्यादा बढ़ा सकता है. इसलिए, शरीर का वज़न हेल्दी होना बहुत ही अहम है.

अपनी दवाओं के बारे में जानें: अपने डॉक्टर से बात करने की आपके पास ये एक और वजह हो सकती है. हो सकता है आप अनजाने में कोई ऐसी दवा ले रहे हों, जिसके साइड इफ़ेक्ट के कारण आपकी सेक्शुअल  हेल्थ को नुक़सान पहुंच रहा हो. डिप्रेशन की समस्या में खाई जाने वाली दवाओं, बल्कि ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल करने वाली कुछ दवाओं का साइड इफ़ेक्ट इरेक्टाइल डिसफंक्शन के तौर पर हो सकता है. आप अपने डॉक्टर से जो दवाएं ले रहे हैं, उन दवाओं के संभावित साइड इफ़ेक्ट के बारे में पूछें.

स्मोकिंग छोड़ें: स्मोकिंग या तंबाकू के किसी भी तरह के इस्तेमाल से ख़ून की धमनियां सिकुड़ जाती हैं और ख़ून के बहाव को कम कर देती हैं. इससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या पैदा होती है या और ज़्यादा बढ़ जाती है. स्मोकिंग छोड़ने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षणों में सुधार हो सकता है.

शराब कम पिएं: बहुत ज़्यादा शराब भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का एक कारण हो सकता है. ये शरीर में ख़ून की धमनियों को पतला करता है. इससे लिंग के अंदर और बाहर ख़ून के बहाव पर असर पड़ता है. ये सेक्स इच्छा में कमी का कारण भी बनता है.

कोशिश करें कि आप शराब कम से कम पिएं. याद रखें, अगर आप शराब पीने का मन बनाते हैं, तो बस लिमिट के अंदर पिएं. महिलाओं को दिन में 1 ड्रिंक और पुरुषों को दिन में 2 ड्रिंक से ज़्यादा नहीं पीना चाहिए. ये मात्रा उस दिन के लिए है, जिस दिन आप शराब पीने का मूड बनाते हैं. ऐसा नहीं है कि आपको रोज़ाना इतनी मात्रा में शराब पीनी ही है.

अपनी डाइट हेल्दी रखें: डायबिटीज़ में फ़ायदेमंद रहने वाले खानपान अपनाने से आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा, जिससे आपकी धमनियों और नसों के नुक़सान को कम रखने में मदद मिलेगी. इससे आपका मूड और एनर्जी लेवल भी बेहतर रहेगा, ये दोनों बातें ही इरेक्टाइल डिसफंक्शन के जोख़िम कम करने में मदद कर सकती हैं.

स्ट्रेस पर अच्छी तरह कंट्रोल करें: कोई चोट लगने या बीमारी की वजह से होने वाला शारीरिक तनाव हो या किसी मामले में नाकाम रहने या किसी अपने को खोने के डर का जज़्बाती तनाव, हर तरह का तनाव अपनी गंभीरता के मुताबिक़ कुछ देर के लिए या हमेशा के लिए होने वाले इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बन सकता है. इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीक़ा ये है कि जब भी ज़रूरत हो, अपने किसी क़रीबी से बात की जाए या डॉक्टर से संपर्क किया जाए.

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Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.