travel with diabetes care tips
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कंटेंट की समीक्षा अश्विनी एस कनाडे ने की है, वे रजिस्टर्ड डाइटीशियन हैं और 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहीं हैं.

डायबिटीज़ (मधुमेह) के चलते आपको अपनी ज़िदगी खुलकर जीने पर रोक नहीं लगानी चाहिए, पर मामला तब चिंता का हो जाता है, जब आप आम दिनों के बजाय काम के सिलसिले में या मौज-मस्ती और तफ़री के लिए कहीं बाहर जाने की योजना बना रहे हों. ऐसे में अगर आप ये सोच रहे हैं कि डायबिटीज़ के चलते कहीं बाहर कैसे घूमा जाए, तो आप सही जगह पर जवाब ढूंढ रहे हैं.

यात्रा पर जाने के लिए थोड़ी सी सावधानी और तैयारी के साथ अपना सामान बांध लें. लेकिन हाँ, रवाना होने के पहले, इन एहतियातों को ज़रूर ध्यान में रखें.

1. डॉक्टर की सलाह लें

अपने डॉक्टर या हेल्थ केयर प्रैक्टिश्नर से ज़रूर जानें कि क्या आपको यात्रा के दौरान ख़ास हिदायत बरतने, रेगुलर दवाओं में बदलाव की ज़रूरत है? इसके अलावा हम आपको ट्रैवलिंग के पहले चेक-अप करवाने की भी सलाह देते हैं.

2. लेटर लेना न भूलें

जब आप डॉक्टर से मिलें तो, उन्हें एक लेटर लिखने के लिए कहें, जिसमें विस्तार से आपकी कंडीशन, दवाओं के नाम, किसी तरह की एलर्जी से जुड़ी जानकारी हो. अगर मुमकिन हो तो आप दवाओं का नया प्रिस्क्रिप्शन (नुस्खा) लें, जिसमें आपको जो दवाएं लेनी हैं, उनके ब्रैंड के नाम के बदले जेनरिक नाम लिखे हों.

3. हेल्थ कोच से संपर्क कर उनकी राय लें

अगर आप डिजिटल डायबिटीज़ केयर प्रोग्राम से जुड़े हैं, तब तो हम आपसे कहेंगे कि अपने हेल्थ कोच को अपने ट्रैवलिंग प्लान की डिटेल ज़रूर दें. जैसे कि आप कहाँ जा रहे हैं, कितने समय तक ठहरेंगे, किस वाहन से जाएँगे आदि. ताकि वे आपको डाइट से जुड़े टिप्स और ट्रिक्स दे सकें, जिससे आप उस जगह पर बिना समझौता किये मज़े कर सकें.

4. जैसा देश, वैसा भेस

जहाँ जा रहे हों, आपको उस जगह की बेसिक जानकारी हासिल करनी चाहिए. कहने का मतलब ये नहीं कि आप वहां की भाषा की क्लास लें, पर हाँ, स्थानीय भाषा के कुछ आम शब्दों को ज़रूर जानें. ज़्यादातर घूमने जाने वाली जगहों पर इंग्लिश से काफ़ी मदद हो जाती है, लेकिन अगर आप वहां के अंदरूनी क्षेत्रों से गुज़रते हुए जा रहे हैं, तो वहां की स्थानीय भाषा की जानकारी होने से आपकी मदद हो सकती है. जैसे कि खाने में शक्कर, नमक न डालें, वॉशरूम किस ओर है जैसी सामान्य, पर आपके लिए बेहद ज़रूरी है कि, ऐसी बातों को वहां की स्थानीय भाषा में बोलना सीखें.

5. प्रतिबंधित दवाओं को जानें

दवाओं की उपलब्धता और उनके इस्तेमाल की इजाज़त एक देश से दूसरे देश में अलग-अलग होती है. अगर आप विदेश जा रहे हैं, तो मालूम करें कि, वहां आपकी दवाइयां मिल सकती हैं या नहीं या वो प्रतिबंधित तो नहीं है. सबसे अच्छा होगा कि आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उसी के मुताबिक़ अपनी दवाओं का बंदोबस्त करें.

6. एक चेक लिस्ट बनाएं

चेक-लिस्ट बनाने से आप यात्रा की प्लानिंग बेहतर ढंग से कर पाते हैं,और ये बात हर किसी पर लागू होती है. प्लैन बन जाने के बाद एक लिस्ट बना लें कि आपको क्या कुछ करना है, क्या कुछ साथ रखने की ज़रूरत है और क्या कुछ आपके साथ है. ज़रूरी बातें न भूलने का ये सबसे बेहतर तरीक़ा है, इस तरह आप ख़ास दवाएं, ज़रूरी स्नैक्स, यहाँ तक कि इन्सुलिन (अगर ले रहे हैं) जैसी चीज़ों को लेना नहीं भूलेंगे.

7. कॉन्टैक्ट लिस्ट बनाएं

हाँ, एक और लिस्ट बनाइए, जो कि बेहद ज़रूरी है. ऐसी कॉन्टैक्ट लिस्ट जिसमें आप यात्रा करने वाली जगह की एम्बेसी समेत जिन लोगों से आप मिलने जा रहे हैं, उनके नंबर शामिल हो,  साथ ही घर के ऐसे सदस्य का भी फ़ोन नंबर रखें, जिसे आपके प्लान्स और आइटनरी की पूरी जानकारी हो.

8. दवाओं की एक्स्ट्रा ख़ुराक साथ रखें

ज़रूरत से ज़्यादा ही सही, पर एक्स्ट्रा दवाएं एक अलग बैग में अपने साथ रखें. दवाओं का एक सेट ऐसे रखें जो हमेशा आपके पास या हैण्डबैग में हो. इस बात का ख़याल रखें कि जब भी आपको दवाओं की ज़रूरत महसूस हो, वो आपको आसानी से मिल सकें. इसलिए अपनी पैकिंग इस बात का ख़याल रखते हुए करें.

9. ट्रैवल इंश्योरेंस ज़रूर लें

अक्सर हम ट्रैवल इंश्योरेंस से जुड़ी हिदायत भूल जाते हैं, पर बेहतर होगा कि इसका ध्यान रखें, आप उपलब्ध बीमा विकल्पों में से बेहतर बीमा चुनें. क्योंकि सभी के लिए स्टैण्डर्ड ऑप्शन उपलब्ध नहीं होते.

ये वो हिदायतें हैं, जो हर घूमने जाने वालों को अपनानी चाहिए, भले ही वे कहीं दूर जा रहे हों या पास, अकेले या किसी के साथ, चाहे घूमने जा रहे हों या ऑफ़िस के काम से. हमेशा आपकी ट्रिप की सारी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, ऐसे प्रबंध करें कि, आराम से ट्रिप पूरी कर सकें.

बिज़नेस के लिए ट्रैवल करें तो:

अगर आप ऑफ़िस के काम से यात्रा कर रहे हैं, तो अकेले या सहकर्मियों के साथ जाने के आसार ज़्यादा होते हैं. हो सकता है कि आपका ज़्यादा टाइम होटल, मीटिंग्स, ऑफ़िस से सेमिनार या वर्कशॉप के लिए यहाँ-वहां करते ही निकल जाए. इस तरह के रूटीन में मधुमेह से ग्रस्त लोग ख़ुद को ज़्यादा समय नहीं दे पाते. लेकिन अगर वो पहले से तैयारी करें, तो उनके लिए अपनी देखभाल कर पाना आसान हो जाता है.

1. दवाओं के लिए रिमाइंडर सेट करें

अगर आपका कार्यक्रम काफ़ी व्यस्त होने वाला हो, तो यात्रा से जुड़ी बातों को पहले ही जान लें. साथ ही दवाओं के लिए भी रिमाइंडर लगा लें, जिससे आप उन्हें खाना न भूलें, हम आपको दवाओं के साथ स्नैक्स लें, इसके लिए भी रिमाइंडर लगाने की सलाह देते हैं.

2. साथी को ज़रूर ख़बर करें  

अगर आप अपने सहकर्मी या किसी साथी के साथ ट्रैवल कर रहे हैं, तो उसे अपनी (डायबिटीज़ से जुड़ी) स्थिति के बारे में ज़रूर बताएँ. साथ ही अपनी दवा और खाने से जुड़ी बुनियादी ज़रूरतों और आपात परिस्थिति में क्या किया जाना चाहिए, इसकी जानकरी उन्हें ज़रूर दें. यहाँ तक कि अगर आप अकेले ट्रैवल कर रहे हैं, तो अपने फ़्लाइट के अटेंडेंट, सह-यात्री को भी ख़ुद के डायबिटिक होने की ख़बर ज़रूर दें.

3. दवा ऐसे रखें कि वो आपको आसानी से मिले

यात्रा के मुताबिक़ ही अपनी दवाओं की ख़ुराक बांधें, जिससे आपको फ़्लाइट में खाये जाने वाली दवाओं को कार्गों में न रखना पड़े. ज़रूरी चीज़ें ऐसे पैक करें कि जब उनकी ज़रूरत हो, वो आसानी से हाथ आएं.

फ़ुर्सत के पल:

हमारा मानना है कि डायबिटीज़ के चलते आपको अपने क़दम पीछे खींचने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए, बल्कि आप भी छुट्टियों का मज़ा जी भर के उठाने के हक़दार हैं. फिर चाहे आप अकेले जाएँ या फिर अपने परिजनों के साथ. और जैसा कि हम बता चुके हैं कि छुट्टियों पर जाने से पहले आप अपनी यात्रा की सही ढंग से योजना पहले से ज़रूर बनाएं.

1. टाइम ज़ोन का बदलना

  • यात्रा पर जाने से पहले आप अपने डॉक्टर से परामर्श करना न भूलें, आप कहाँ जा रहे हैं, ये बताएं और दवाओं को कैसे लेना चाहिए इसकी जानकारी लें. ख़ासकर अगर आप इंसुलिन ले रहे हों.
  • जेट लैग का भी आप पर असर पड़ सकता है, हवाई यात्रा करने के दौरान हम जब एक टाइम ज़ोन को पार करते हैं, तो जेट लैग का सामना करना पड़ता है. ऐसे में सुविधाजनक उड़ान बुक करें, जो आपको परेशानी से बचाएगी.

2. हवाई सफ़र करने के दौरान

  • अगर आप हवाई यात्रा कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि आपने कैरी बैग में दवा जैसी सभी ज़रूरी चीज़ें साथ रख ली हों.
  • यह भी जान लें कि आपको फ़्लाइट में कौन सी चीज़ें खानी है. अपने हेल्थ कोच से मालूम करें कि फ़्लाइट में मिलने वाली चीज़ें आपके लिए ठीक हैं या बदलाव करने की ज़रूरत है.
  • अपने डॉक्टर के लेटर को अपने पास रखें.
  • अगर आप इंसुलिन पंप का इस्तेमाल करते हैं, तो यात्रा के दौरान फ़्लाइट में पंप की बजाय इंसुलिन के इंजेक्शन लें. उड़ान के दौरान इंसुलिन पंप को डिस्कनेक्ट करने की भी सलाह दी जाती है.

    वीडियो देखें: हाई ब्लड शुगर लेवल पर कैसे क़ाबू करें

3. समुद्र से यात्रा करने के दौरान

  • जहाज़ में जो भी खाने की चीज़ें मिल रही हों, उनमें से आपको क्या खाना चाहिए, ये तय करने के लिए हेल्थ कोच की सलाह लें.
  • वैसे तो क्रूज़ पर छुट्टियाँ मनाने का मतलब ही ख़ूब मज़े करना और आराम फ़रमाना होता है, पर आपके लिए बेहद ज़रूरी है कि आप एक्टिव रहने के लिए खुले हिस्से में वॉक, जिम का इस्तेमाल या कोई ग्रुप एक्टिविटी करें.
  • क्रूज़ के कर्मचारियों को भी अपने डायबिटिक होने की ख़बर कर दें.

4. रोड ट्रिप

  • रोड ट्रिप के दौरान बीच-बीच में कार रोकें और कुछ दूर पैदल चलें, जिससे आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहे. इस बात का तब आप ख़ास ख़याल रखें, जब ड्राइविंग कर रहे हों.
  • अगर आप पूरे दिन के लिए घूमने जा रहे हैं, तो अपना प्लान ऐसा बनाएं कि यह 12 घंटे से ज़्यादा समय ना ले और आप भरपूर नींद ले सके.
  • स्नैक्स, दवाइयों और इन्सुलिन को बेहतर ढंग से अपने हैंडबैग में ही रखें, ताकि जल्द मिल सके.
  • अगर आप इंसुलिन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो गाड़ी न चलाएं.

5. ट्रेन से यात्रा करने के दौरान

  • जब भी ज़रूरी लगे थोड़ी वॉक कर लें.
  • दवाओं को अपने हैण्ड बैग में ही रखें, ताकि जल्द मिल सके.
  • अपना खाना पहले से निश्चित करें और ज़रूरी सामान साथ रखें.

कुछ और बातें, जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए

  • अपने पैरों का ध्यान रखें, ख़ासकर अगर आप बीच पर घूमने जा रहे हों तो नंगे पाँव चलने से बचें.
  • अपनी दवाओं को सुरक्षित स्थान और टेम्प्रेचर पर स्टोर करें.
  • आस-पास मौजूद दवाओं की दुकानों की भी पूरी जानकारी रखें.
  • संतुलित और पौष्टिक आहार खाएं, दवाएं वक़्त पर लें और शारीरिक गतिविधि जारी रखें.

योजना बनाकर चलना, तैयारी करना और अनुशासन में रहना न सिर्फ़ डायबिटीज़ को रिवर्स करने में मदद करता है, बल्कि स्थिति को और ख़राब किये बिना, आपको सामान्य रूप से जीने में हेल्प  करता है. अब जब कि आप ये मूल बातें जान चुके हैं, तो चलिए ट्रिप पर जाने की योजना बनाइए और मज़े कीजिए.

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Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.