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जैसे ही “हार्ट फ़ेलियर” शब्द सुनाई देता है, लोग इस स्थिति की गंभीरता को समझते हैं लेकिन इसे सुनते ही इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाना चाहिए कि दिल ने काम करना बंद कर दिया है. हार्ट फ़ेलियर का मतलब यह नहीं है कि दिल ने काम करना बंद कर दिया है और अब इस मामले में कुछ भी नहीं किया जा सकता है. इसका मतलब ये है कि अब दिल उतने असरदार तरीके से खून नहीं पंप कर रहा है, जितना कि उसे करना चाहिए या जितने की उससे उम्मीद होती है.

दिल खून पंप करता है जिससे शरीर के सभी अंगों को ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद मिलती है. एक कमज़ोर दिल इस काम को ठीक तरीके से नहीं कर पाता जिसकी वजह से इससे प्रभावित व्यक्ति के रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर भी असर पड़ता है.(1) यहां हम हार्ट फ़ेलियर को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश करेंगे और इसके लक्षणों को पहचानना सीखेंगे ताकि आप अपना बेहतर ख़याल रख सकें और ज़रूरत पड़ने पर मदद ले सकें.

हार्ट फ़ेलियर क्या है?

हार्ट फ़ेलियर में दिल की मांसपेशियों को कुछ नुकसान पहुंचता है जिससे यह खून को असरदार तरीके से पम्प नहीं कर पाता. इतना ही नहीं पर्याप्त ब्लड सर्कुलेट नहीं होने की वजह से यह शरीर के सभी अंगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति भी नहीं कर पाता जिससे शरीर की ज़रूरतें पूरी नहीं होती.

हार्ट फ़ेलियर से प्रभावित दिल इन कमियों को पूरा करने के लिए ये काम करता है:

– दिल की मांसपेशियों पर दबाव डालना
– ज़्यादा मांसपेशियां बनाना
– तेज़ी से खून पम्प करना

दिल भरपाई करने की चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, ये हार्ट फ़ेलियर की समस्याओं को सुलझाता नहीं है और फिर दिल चेतावनी वाले संकेत देने शुरू कर देता है.(1)

कई अन्य जटिलताओं के बीच ये हार्ट फ़ेलियर की एक वजह बन सकता है कि स्ट्रेस और दिल के बाएं हिस्से के हार्ट फ़ेलियर या दिल के दाएं हिस्से के हार्ट फ़ेलियर की वजह से दिल कई तरह के काम करना छोड़ सकता है.(3)

हार्ट फ़ेलियर के चेतावनी वाले लक्षण कौन से हैं और हार्ट फ़ेलियर क्यों होता है?

हार्ट फ़ेलियर ऐसी कई एक्टिविटीज़ से जुड़ा हुआ है, जिससे आपके रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर पड़ सकता है.(1) हार्ट फ़ेलियर की वजह से जब दिल, खुद पर पड़ने वाले स्ट्रेस को एडजस्ट करने की भरपाई करने लगता है, तो कई लक्षण सामने नज़र आने लगते हैं. यह पहचानना मुश्किल होता है कि लक्षण गंभीर हैं या नहीं, लेकिन अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो आपको अपने डॉक्टर से ज़रूर मिलना चाहिए:(4)

सांस लेने में तकलीफ़ होना:

सामान्य हालातों में पाल्मोनरी नसें खून को फेफड़ों से दिल में वापस भेजती हैं. लेकिन दिल के कमज़ोर होने पर खून नसों में वापस आने लगता है. इसकी वजह से फ्लूइड, फेफड़ों में लीक होने लगता है और सांस लेने में तकलीफ़ होती है.

लगातार खांसना या छींकना:

 फेफड़ों में फ्लूइड के बनने से लगातार खांसने और छींकने की शिकायत होती है.

हाथों, पैरों और टखनों में सूजन होना:

जैसा कि दिल से खून के बहने की रफ़्तार धीमी होती है, दिल की तरफ़ बहने वाला खून टिशु में जमा होने लगता है. किडनी, शरीर में मौजूद ज़्यादा पानी को बाहर निकाल नहीं पाता है.  इसकी वजह से हाथों, पैरों और टखनों में पानी जमा होने लगता हाउ जिससे सुजन की समस्या होती है.

थकान:

दिल, शरीर के खून की ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पाता. जिसकी वजह से मांसपेशियों तक खून नहीं पहुंच पाता और फिर थकान की शिकायत होती है.

भूख न लगना: 

दिल से पर्याप्त मात्रा में खून के न बहने पाचन पर असर पड़ता है जिससे हमेशा लगता है कि पेट भरा हुआ है. आपको भी असहज महसूस हुआ होगा या ऐसा लगता है पेट में सूजन है या भरा हुआ है. 

दुविधा में रहना:

खून के सोडियम कॉन्सट्रेशन में बदलाव आने से भ्रम होना, याददाश्त जाना या पहचानने में दुविधा होना जैसी समस्या होती है. अगर आपको अचानक से डिप्रेशन या दुःख जैसा महसूस एहसास होता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

दिल की धड़कनों का बढ़ जाना:

दिल, पम्प करने की अपने खोई हुई क्षमता की भरपाई करने के लिए तेज़ी से धड़कना शुरू कर देता है.

एक और बात है जिस पर आपको ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत है और वो है आपका वज़न. नियमित तौर पर अपने वज़न पर नज़र बनाए रखें क्योंकि हार्ट फ़ेलियर के लक्षणों में अचानक से शरीर का वज़न बढ़ जाना भी शामिल है. यह सभी बुरी ख़बर नहीं है, इसलिए परेशान न हों. दवाइयों और लाइफ़स्टाइल में किए जाने वाले बदलाव के साथ नियमित तौर पर फ़ॉलो-अप करने से आपको अपने लक्षणों को बेहतर ढंग से कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. अपने मौजूदा लक्षणों की निगरानी और इलाज के लिए डॉक्टर की मदद लेने से आप अपनी स्थिति को बेहतर बना सकते हैं और अच्छी तरह मैनेज कर सकते हैं.(3)

इसे भी पढ़ें: अगर दिल को बनाए रखना चाहते हैं सेहतमंद, तो ध्यान रखें इन 5 बातों का ख़याल

तो, कृपया इन लक्षणों को अनदेखा न करें. ये कभी-कभी हालात को और ज़्यादा ख़राब कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ़ और यहां तक कि किडनी फ़ेलियर भी हो सकता है. लेकिन ऐसे ट्रीटमेंट प्लान भी मौजूद हैं जो लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकते हैं, और बदले में आप जीवन जैसे अनमोल तोहफ़े का आनंद उठा सकते हैं.(3)

संदर्भ:

1. American Heart Association. What is heart failure? [Internet]. [updated 2017 May 31; cited 2020 Jan 9]. Available from: https://www.heart.org/en/health-topics/heart-failure/what-is-heart-failure.
2. Harvard Health Publishing. 5 warning signs of early heart failure – Harvard Health [Internet]. Harvard Health.
4. American Heart Association. Types of heart failure [Internet]. [updated 2017 May 31; cited 2020 Jan 9]. Available from: https://www.heart.org/en/health-topics/heart-failure/what-is-heart-failure/types-of-heart-failure.
5. American Heart Association. Warning signs of heart failure [Internet]. [updated 2017 May 31; cited 2020 Jan 9]. Available from: https://www.heart.org/en/health-topics/heart-failure/warning-signs-of-heart-failure.

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