Reading Time: 5 minutes

स्वस्थ जीवन, हमारे मन से जुड़ी एक अवस्था है

स्वस्थ तन और मन आपके व्यक्तित्व का सबसे अहम हिस्सा होता है और अपना ख़याल रखने से ज़रूरी बात कोई और नहीं हो सकती. क्योंकि एक स्वस्थ जीवनशैली के बिना आप अपनी ज़िंदगी के दूसरे ज़रूरी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाते.

डायबिटीज़ हमारी ख़राब जीवनशैली का नतीजा होता है

अपनी जीवनशैली में थोड़ा सा सुधार करने से आप अपने जीवन का जी भर के आनंद उठा सकते हैं. लेकिन कई दफ़ा सिर्फ़ जीवनशैली में बदलाव करना, ख़ासकर स्वस्थ भोजन लेना और व्यायाम करना काफ़ी नहीं होता, हमें ये भी सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि हम अच्छे स्वास्थ्य के लिए मन को भी स्वस्थ स्थिति में बनाएं रखें. अगर आप ऐसा कर पाने में कामयाब हो जाते हैं तो आप अपना डायबिटीज़ रिवर्स करने में सफलता हासिल कर सकते हैं!

ऐसा कर पाने का तरीक़ा क्या है?
सही देखभाल और दिशा निर्देश के ज़रिए डायबिटीज़ को हरा पाना मुश्किल काम नहीं है. ऐसा करने में कई लोग सफल भी हुए हैं और उन्होंने डायबिटिक से नॉन डायबिटिक बनने में जीत हासिल की है. ऐसे लोग अपना अनुभव साझा करने से भी परहेज़ नहीं कर रहे हैं. उपचार के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व, खुद को तवज्जो देना और ख़ुद से प्यार करना है.

हां, हमें पता है कि जो बात आपने अभी पढ़ी वो अनुपयोगी और काफ़ी अस्पष्ट लग सकती है. तो, इस वेलेंटाइन्स डे पर हम कुछ तकनीक और थोड़े आसान क़दमों की मदद से ‘लविंग यॉर्सेल्फ’ प्रक्रिया की शुरुआत करने में आपकी सहायता करेंगे.

चलिए रिवर्सल डायबिटीज़ के इस सफ़र की शुरुआत करते हैं

ध्यान लगाना

ये अजीब ज़रूर लग सकता है कि लेकिन कई बार कुछ न करना, कभी-कभी हमारी अधिकांश समस्याओं का सबसे अच्छा समाधान होता है. हम में से बहुत से लोगों को लग सकता है कि ध्यान लगाना आसान नहीं है, और ऐसा करने के लिए उनके पास समय नहीं है . जबकि विडंबना ये है कि ऐसा मानने वालों और कहने वालों को ही ध्यान लगाने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. अगर चाहें तो ध्यान लगाने में मदद करने वाले कुछ एक ग्रुप्स और एप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें: परिवार में किसी को डायबिटीज़ होने पर रखें इन बातों का ध्यान

  • सोना

प्रकृति के सबसे बेहतरीन उपहारों में से एक उपहार यह है कि हम अपने ज़हन को बंद कर सो सकते हैं, और बावजूद इसके हमारे शरीर की आवश्यक प्रणालियां कामकाज करती रहती हैं. अच्छी नींद के बाद आप अपने में एक स्फूर्ति और तेज़ी महसूस करते हैं जो किसी अच्छे अनुभव से कम नहीं.

दुर्भाग्य से हम हमारे व्यस्त जीवन में नींद को अपनी प्राथमिकता सूची के निचले पायदान पर जगह देते हैं, और देखा जाएँ तो आज दुनिया की अधिकतर बड़ी समस्याएँ पर्याप्त आराम की कमी के कारण उभरती है, जिसमें तनाव, खाने पीने से जुड़े विकार, रोड रेज, घरेलू हिंसा, अवसाद आदि शामिल है. भले ही इन तमाम समस्याओं का जवाब काफ़ी आसान हो,  बावजूद इसके दुनिया में सोने की परेशानी झेल रहे लोगों की संख्या बढ़ रही है.

अध्ययन बताते हैं कि नींद की कमी और नींद की गुणवत्ता ख़राब होने से मोटापा और डायबिटीज़ (मधुमेह) को बढ़ावा मिल सकता है, और साथ ही मौजूदा शारीरिक परेशानियों को बढ़ा सकती है.[1] अच्छी नींद आपकी भूख और मीठा खाने के लालच को नियंत्रित कर सकती है.[2]

नियमित और पर्याप्त आराम एक ऐसा ख़ुशनुमा उपहार है जो आप अपने आप को ख़ुशी से दे सकते हैं.

काम की बात: डायबिटीज़ में ज़रूर अपनाएं हेल्दी बैलेंस डाइट   

  • योग

योग की ख़ास बात यह है कि इससे हमारा ध्यान मज़बूत और विचारों में स्पष्टता आती है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस प्रकार के योग का अभ्यास करते हैं, लेकिन कई लोगों ने योग को एक प्रकार के ध्यान से जुड़ा क्रियाकलाप बताया जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार के अलावा नींद में सुधार हुआ है [3] तो क्यों न आप इस वेलेंटाइंस डे पर योग से जुड़े किसी कोर्स की सदस्यता लेकर देखें?

  • भावनात्मक उपचार

कुछ शुरूआती बातें समझने और उनपर जीत हासिल करने के बाद डायबिटीज़ की परेशानी को हल करने में आसानी महसूस होती है. जब अब तक हमारे शरीर और मन की शांति को अस्थिर करती आई है. बाहरी और आंतरिक तकनीकों के साथ शरीर की देखभाल करते समय, हमें इस बात का भी ख़याल रखना चाहिए कि हमारी भावनाएं भी हमें काफ़ी हद तक प्रभावित करती हैं. ध्यान और बेहतर आराम से आपको इस तरह की भावनाओं का सामना और उन्हें हल करने में काफी मदद मिलेगी. जो हमारे विचारों, शब्दों और कार्यों को नियंत्रित करती हैं। इन सभी बातों को हल करते समय, हम निम्नलिखित बातों को भी अपने लक्ष्यों के रूप में सामने रखते हैं:

  • अंगीकरण करना या कुछ बातों को अपना लेना
  • क्षमा करना
  • हर्ष और उत्साह महसूस करना
  • प्यार
  • दयालुता
  • शांति

किसी परामर्शदाता या चिकित्सक की ज़रूरत सिर्फ़ मानसिक परेशानी झेल रहे व्यक्ति या किसी अमीर और प्रसिद्ध शख्स के लिए आरक्षित नहीं है, देखा जाए तो हम सभी को किसी ऐसे शख्स की ज़रूरत पड़ती है, जिससे हम अपनी कोई बात साझा कर सके. बिना इस बात की चिंता किये कि सामने वाला हमारे बारे में क्या सोचेगा. अगर आपके आस-पास या समुदाय में कोई ऐसा व्यक्ति है जिसका आप सम्मान करते हैं, तो उन मुद्दों के बारे में उनसे बात करें जो आपको परेशान कर रहे हैं. आज हमारे आसपास कई सपोर्ट ग्रुप मौजूद हैं जिनसे आप बचपन के आघात, नशे की लत, बॉडी इमेज से जुड़ी चुनौतियां, यौनिक पहचान, और लैंगिकता से जुड़े मुद्दों पर उनसे बात कर सकते हैं. आपको आश्चर्य होगा कि ऐसा करने पर आपके स्वास्थ्य में तेज़ी से सुधार हो रहा है. जैसे-जैसे आप इस आत्मनिरीक्षण के पथ पर आगे बढ़ते हैं, आप खुद से जुड़े कई नए पहलुओं से रूबरू होते हैं. ऐसे होने के बाद आपका शरीर सकारात्मक तरीक़े से प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है. भावनात्मक रूप से संतुलित होने पर भी अपनी दूसरी ज़रूरतों पर आसानी से ध्यान लगा पाते हैं. साथ ही डायबिटीज़ की बेहतर देखभाल और प्रबंध करना आसान होता है , जिससे डायबिटीज़ को रिवर्स करने में मदद मिलती है.

ख़ुद पर भरोसा रखें
ऐसा कोई बंधा बंधाया नियम नहीं है कि आपको कौन से ऑर्डर से शुरुआत करनी चाहिए. आप अपनी क्षमता के अनुसार और ख़ुद से लगाव महसूस करते हुए अपनी राह का चुनाव कर सकते हैं. जिससे आख़िरकार आपको डायबिटीज़ को नियंत्रित करने और उसपर कुछ हद तक जीत हासिल करने में सफलता हासिल हो सकती है. अच्छे स्वास्थ्य को पाने की शुरुआत कभी भी और कहीं से भी की जा सकती है. और बेहतर स्वास्थ्य आपका इंतज़ार कर रहा है, बेहतर स्वास्थ्य को पाने की इस यात्रा में हम और हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं.

आप चाहें तो अपनी चुनौतियों और उससे जुड़ी जीत को साझा करने के लिए आप हमें लिख सकते हैं. इससे डायबिटीज़ से ग्रसित उन लोगों को मदद मिलेगी जो फ़िलहाल इस संघर्ष में ख़ुद को अकेला महसूस कर रहे होंगे. आपकी प्रतिक्रिया उन्हें बेहतर करने के लिए प्रेरित कर सकती है और ये बता सकती है कि वे इस संघर्ष में अकेले नहीं हैं.


संदर्भ

  • Spiegel K1, Tasali E, Leproult R, Van Cauter E. Effects of poor and short sleep on glucose metabolism and obesity risk. Published online 2009 May;5(5):253-61. doi: 10.1038/nrendo.2009.23. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/19444258?access_num=19444258&link_type=MED&dopt=Abstract
  • Grandner MA, Seixas A, Shetty S, Shenoy S. Sleep Duration and Diabetes Risk: Population Trends and Potential Mechanisms. Published online 2016 Nov;16(11):106. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/27664039
  • Keerthi GS, Pal P, Pal GK, Sahoo JP, Sridhar MG, Balachander J. Effect of 12 Weeks of Yoga Therapy on Quality of Life and Indian Diabetes Risk Score in Normotensive Indian Young Adult Prediabetics and Diabetics: Randomized Control Trial. Published online 2017 Sep;11(9):CC10-CC14. doi: 10.7860/JCDR/2017/29307.10633. Epub 2017 Sep 1. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/29207699

Loved this article? Don't forget to share it!

Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.