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कुछ ज़ायकेदार खाने की भूख और लज़ीज़ खाने की ख़ुशबू आपको मजबूर कर देती है कि आप खाने की तरफ़ हाथ बढ़ाने से ख़ुद को रोक ही नहीं पाते हैं. आप बिना कुछ सोचे-समझे बस उस चीज़ को खाना शुरू कर देते हैं. वक़्त की कमी और दिन-रात के चौबीस में से पंद्रह-सोलह घंटे सिर्फ़ काम ही काम करते रहने की मज़बूरी आपको रेडी-टू-ईट (पहले से तैयार खाना) पैकेज्ड फ़ूड का आदी बना देती है और आपको पता भी नहीं चलता. आप खाने से पहले सोचते ही नहीं है कि आप क्या खा रहे हैं.

आपको लगता होगा, अच्छा ही है कि आपको नहीं पता वरना फ़ालतू में दिमाग ख़राब होगा. ऊपर से आपके पास इतना वक़्त ही कहां है कि इतनी मशक्कत करें. लेकिन यह सोच आपको कई बीमारियों का शिकार बना सकती है जिनमें से एक मोटापा भी है.

मोटापा कई बीमारियों की जड़ है जैसे हाई ब्लड प्रेशर, एथेरोस्क्लेरोसिस, डायबिटीज़, हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल, नींद से जुड़ी परेशानी और कैंसर.(1) मोटापा और वज़न बढ़ना आजकल एक बड़ी परेशानी बन चुका है. अकेले भारत में 135 मिलियन से ज़्यादा लोग मोटापे से जूझ रहे हैं.(2) मोटापा सिर्फ़ बड़ों को नहीं, बल्कि छोटे बच्चों को भी अपना शिकार बना रहा है, जो बड़े होने पर भी मोटे ही रहते हैं. इसलिए, मोटापे को क़ाबू में रखने के लिए कारगर तरीक़ा अपनाना चाहिए जिसे आसानी से काम में लाया जा सके.(3)

इस परेशानी का जवाब है, पढ़ना.

क्या आप सोच रहे हैं कि पढ़ने से मोटापे जैसे भारी-भरकम परेशानी को कैसे रोका जा सकता है? यह जानने के लिए आगे पढ़ें.

एक आसान तरीका अपनाएं: पढ़ें

संतुलन! संतुलन! संतुलन! और, संतुलन! मोटापे का इलाज कुछ और नहीं बस यही एक शब्द है. लाख जतन के बाद भी टस से मस न होने वाला वज़न का कांटा आपको सेहतमंद दिखाए, इसके लिए आपको खाने-पीने की चीज़ों से उतनी ही ऊर्जा लेनी चाहिए जितना आपका शरीर इस्तेमाल या बर्न कर सके ताकि आपका वज़न न बढ़े — यही ऊर्जा का संतुलन है जिसे अंग्रेज़ी में एनर्जी बैलेंस कहा जाता है. अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा एनर्जी लेते हैं जिसे आपका शरीर इस्तेमाल या बर्न नहीं कर पाता, तो आपका वज़न बढ़ जाता है. अगर आप वज़न घटाना चाहते हैं, तो आप जो एनर्जी लेते हैं उससे ज़्यादा बर्न करनी होगी. इसके लिए एक्सरसाइज़ करने और खाने पर लगाम लगाने की सलाह दी जाती है.(4)

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संतुलन पाने के लिए आपको पढ़ने जैसा आसान-सा काम करना है. लेकिन, पढ़ना क्या है? हर खाने-पीने की चीज़ के पैकेज पर न्यूट्रीशन लेबल मौजूद होता है. खाने-पीने की चीज़ में मौजूद सभी मैक्रोन्यूट्रिएंट और ऊर्जा की जानकारी इस लेबल के ज़रिए दी जाती है. किसी भी पैकेज्ड चीज़ को खाने या पीने से पहले इस न्यूट्रीशन लेबल को पढ़ने की आदत डालें. खाने-पीने की पैकेज्ड चीज़ पर न्यूट्रीशन लेबल इसलिए दिया जाता है ताकि आप अपने खाने-पीने की चीज़ की गुणवत्ता के बारे में जान सकें और ख़ुद को मोटापे जैसे बीमारी से दूर रख सकें.(5) 

“मोटापे पर न्यूट्रीशन लेबल का असर” नाम की एक स्टडी में पाया गया कि लेबल न पढ़ने वाले पुरुषों के मुक़ाबले लेबल पढ़ने वाले पुरुषों का औसत बीएमआई 0.12 अंक कम होता है. महिलाओं के मामले में, औसत बीएमआई में 1.49 अंकों से ज़्यादा का फ़र्क देखा गया. यह स्टडी लेबल पढ़ने की आदत को अपनाने की ज़रूरत की ओर इशारा करती है ताकि मोटापे पर लगाम कसी जा सके और खुद को उसके चंगुल से बचाया जा सके.(6)

साल 2018 में छपी एक दूसरी स्टडी में यह बात सामने आई कि खाने के पैकेट पर मौजूद न्यूट्रीशन लेबल से जुड़ी जागरूकता और उसके इस्तेमाल और मोटापे के बीच संबंध है. इस स्टडी में 16,911 पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया था. स्टडी में पाया गया कि मोटापे को कम करने और उसे रोकने के लिए, यह पता होना ज़रूरी नहीं बल्कि बेहद ज़रूरी है कि लेबल को कैसे पढ़ा जाए क्योंकि इसके बिना काम बिल्कुल भी नहीं चलेगा.(7)

इसलिए, ज़रूरत से ज़्यादा वज़न कम करने के लिए लेबल पढ़ना ज़रूरी है. यह आपकी खाने-पीने की चीज़ों की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार करने के लिए भी ज़रूरी है.(8) यहां बताया जा रहा है कि न्यूट्रीशन लेबल में क्या जानकारी दी जाती है. साथ ही, यह भी बताया जा रहा है कि कैसे आप ज़्यादा स्मार्ट तरीक़े से खाने-पीने की चीज़ें चुन सकते हैं.

  1. सर्विंग साइज़: न्यूट्रीशन लेबल सिर्फ़ एक सर्विंग (एक बार के खाने की मात्रा का  लेखा-जोखा) के बारे में जानकारी देता है न कि पूरे पैकेट की. इसलिए, अगर किसी पैकेट में एक से ज़्यादा सर्विंग हैं, तो लेबल पर दी गई जानकारी की गिनती पैकेट में शामिल सभी सर्विंग के हिसाब से करनी चाहिए. मिसाल के तौर पर, अगर 7 चिप्स की एक सर्विंग होती है, तो पैक पर दिया गया लेबल सिर्फ़ 7 ही चिप्स की कैलोरी और दूसरे न्यूट्रीशन के बारे में जानकारी देगा. जबकि, चिप्स के पूरे पैक में 14 चिप्स हैं. इसलिए, अगर आप सारे चिप्स खा लेते हैं, तो आपको यह समझना चाहिए कि आप लेबल पर दी गई कैलोरी से दोगुनी कैलोरी ले चुके हैं.(9)
  2. फ़ैट: फ़ैट वाली चीज़ों के मामले में, ट्रांस फ़ैट और सैचुरेटेड फ़ैट पर ध्यान दें. देखा जाए तो आपके खाने में ट्रांस फ़ैट नहीं के बराबर होना चाहिए. शरीर को दिनभर में जितनी कैलोरी चाहिए होती है उनमें से सैचुरेटेड फ़ैट का हिस्सा लगभग 5% से 6% तक ही होना चाहिए. फ़ैट से मिलने वाली कैलोरी की गिनती करने का एक फ़ॉर्मूला होता है. खाने-पीने की चीज़ में जितने ग्राम फ़ैट है उसे 9 से गुणा कर सकते हैं क्योंकि एक ग्राम फ़ैट 9 कैलोरी के बराबर होता है.(8,10)
  3. कोलेस्ट्रॉल: हाई कोलेस्ट्रॉल वाली कुछ चीज़ों पर लेबल नहीं होते हैं. हालांकि, डाइटरी कोलेस्ट्रॉल के मुक़ाबले सैचुरेटेड फ़ैट और ट्रांस फ़ैट कोलेस्ट्रॉल के लेवल पर कहीं ज़्यादा बुरा असर डालते हैं.(8)
  4. कार्बोहाइड्रेट और फ़ाइबर: कार्बोहाइड्रेट वाली चीज़ों से दूर रहें और फ़ाइबर वाली चीज़ों को अपनाएं, बल्कि बहुत ज़्यादा फ़ाइबर वाली चीज़ों को चुनें.(8)
  5. चीनी: ब्रेकफ़ास्ट सीरियल, ब्रेड, फ्लेवर्ड दही, केक, सोडा और सलाद की ड्रेसिंग जैसी ज़्यादातर खाने-पीने की चीज़ों में मौजूद सबसे आम सामग्री है. किसी भी ऐसी खाने-पीने की चीज़ से दूर ही रहें जिसमें पहले से ही शुगर हो, जैसे ब्राउन शुगर या खांड, शहद, सूक्रोज़ या फ़्रूक्टोज़. लेबल में शुगर के लिए अलग-अलग तरह के नामों का इस्तेमाल किया जाता है. ‘ओज़’ पर ख़त्म होने वाले नामों जैसे फ़्रूक्टोज़, डेक्सट्रोज़ और माल्टोज़ से आप शुगर की पहचान कर सकते हैं.(8,11)
  6. विटामिन, कैल्सियम, पोटेशियम और आयरन: खाने के पैकेट पर दिए गए लेबल को पढ़ें और पक्का करें कि आपके रोज़ की खाने-पीने की चीज़ों में इन सभी चीज़ों की तय मात्रा हो. टेबल 1 में हर दिन लिए जाने वाले न्यूट्रीएंट की सही ख़ुराक की जानकारी दी गई है.(8)

टेबल 1. पुरुषों और महिलाओं के लिए हर दिन लिए जाने वाले न्यूट्रीएंट (पोषक तत्वों) की सुझाई गई ख़ुराक(8)

न्यूट्रीएंटमहिलापुरुष
विटामिन ए700 माइक्रोग्राम900 माइक्रोग्राम
विटामिन सी75 मिलीग्राम90 मिलीग्राम
कैल्सियमकम से कम 1,200 मिलीग्रामकम से कम 1,200 मिलीग्राम
पोटेशियमकम से कम 4.7 ग्रामकम से कम 4.7 ग्राम
आयरनकम से कम 8 मिलीग्रामकम से कम 8 मिलीग्राम


जब आप लेबल पढ़ने लगेंगे, तब आपको समझ में आने लगेगा कि खाने-पीने के लिए सही चीज़ों को कैसे चुना जाए. ऐसी चीज़ें जिसमें चीनी, नमक और फ़ैट कम हो और फ़ाइबर या विटामिन भरपूर हो. लेबल पर दी गई जानकारी यह जानने में बहुत ज़्यादा मददगार साबित होती है कि आपकी खाने-पीने की चीज़ें कितनी सेहतमंद है और उनका आपकी सेहत पर क्या असर पड़ता है. लेबल पर सरसरी नज़र डालने के लिए दो मिनट का समय निकालना आपको डॉक्टर के क्लीनिक की लाइन में लगने वाले कई घंटों से बचा सकता है. इसलिए अब से लेबल को पढ़ना शुरू करें और मोटापे से छुटकारा पाएं! 

संदर्भ:

  1. National Heart, Lung, and Blood Institute. Overweight and obesity [Internet]. [cited 2019 Jun 12]. Available from: https://www.nhlbi.nih.gov/health-topics/overweight-and-obesity.
  2. Ahirwar R, Mondal PR. Prevalence of obesity in India: a systematic review. Diabetes Metab Syndr. 2019;1(13):318-321. Available from: https://doi.org/10.1016/j.dsx.2018.08.032
  3. Centers for Disease Control and Prevention. Tips for parents – ideas to help children maintain a healthy weight [Internet]. [updated 2018 May 23; cited 2019 June 12]. Available from: https://www.cdc.gov/healthyweight/children/index.html.
  4. National Heart, Lung, and Blood Institute. Why is a healthy weight important? [Internet]. [cited 2019 Jun 12]. Available from: https://www.nhlbi.nih.gov/health/educational/lose_wt/index.htm.
  5. Rimpeekool W, Yiengprugsawan V, Kirk M, Banwell C, Seubsman SA, Sleigh A. Nutrition label experience, obesity, high blood pressure, and high blood lipids in a cohort of 42,750 Thai adults. PLoS One. 2017 Dec 13;12(12):e0189574. doi: 10.1371/journal.pone.0189574. eCollection 2017.
  6. Loureiro ML, Yen ST, Nayga R. The effects of nutritional labels on obesity. Agricultural Economics. May 2012;43(3):333-342. Available from: http://dx.doi.org/10.1111/j.1574-0862.2012.00586.x.
  7. Kim SD. Relationship between awareness and use of nutrition labels and obesity. Biomedical Research. 2018;29(11):2238-2242.
  8. Harvard Health Publishing. Get to know your food labels [Internet]. [cited 2019 Jun 12]. Available from: https://www.health.harvard.edu/staying-healthy/get-to-know-your-food-labels.
  9. American Academy of Family Physicians. Nutrition: how to read a nutrition facts label [Internet]. [cited 2019 Jun 12]. Available from: https://familydoctor.org/nutrition-how-to-read-a-nutrition-facts-label/.
  10. American Heart Association. Saturated fat [Internet]. [cited 2019 Jun 24]. Available from: https://www.heart.org/en/healthy-living/healthy-eating/eat-smart/fats/saturated-fats.
  11. Harvard Health Publishing. How to spot — and avoid — added sugar [Internet]. [cited 2019 Jun 12]. Available from: https://www.health.harvard.edu/staying-healthy/how-to-spot-and-avoid-added-sugar.

 

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