Pregnancy induced hypertension
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किसी महिला के लिए पहली बार प्रेग्नेंट होना ज़िंदगी के एक नए दौर की शुरुआत जैसा होता है. एक महिला से एक मां बनने का यह ख़ूबसूरत सफ़र उसके लिए नई उम्मीदों, नए अनुभवों और खुशियों भरा होता है. बिना किसी समस्या के एक हेल्थी बच्चे के जन्म के लिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला का हेल्थी और बीमारियों से दूर रहना सबसे ज़रूरी होता है.

हालांकि, कभी-कभी महिला को प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है, जिसे प्रेगनेंसी-इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन (PIH) या जेस्टेशनल हाइपरटेंशन के तौर पर भी जाना जाता है. दुनिया भर में क़रीब 10% महिलाएं PIH की चपेट में आती हैं और यह समस्या मां और बच्चा, दोनों के लिए गंभीर हो सकती है.1,2

इस आर्टिकल का मक़सद मां बनने जा रही महिलाओं को PIH के बारे में जानकारी देना है, लेकिन अगर आपके साथ ऐसी कोई समस्या होती है, तो बहुत ज़्यादा घबराने की ज़रूरत नहीं हैं. सही देखभाल और समय पर इलाज के ज़रिए हाई ब्लड प्रेशर से छुटकारा पाया जा सकता है.

किन महिलाओं को PIH का ख़तरा होता है3

इन महिलाओं को PIH का सबसे ज़्यादा ख़तरा होता है:

  • जिन महिलाओं की उम्र 20 साल से कम या 40 साल से ज़्यादा होती है
  • जो महिलाएं पहली बार मां बन रही हों
  • जिन महिलाओं को जुड़वा यानी एक से ज़्यादा बच्चे होने वाले हों
  • जिन महिलाओं को पहले से किडनी की समस्या या हाई ब्लड प्रेशर हो
  • वे महिलाएं जिनकी मां या बहन को PIH की शिकायत हो

प्रेग्नेंसी से कितनी तरह के हाइपरटेंशन जुड़े होते हैं?

हाइपरटेंशन के तीन समान्य प्रकार इस तरह हैं:3

  1. क्रोनिक हाइपरटेंशन: इस तरह का हाइपरटेंशन उन महिलाओं को प्रभावित कर सकता है, जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर हो (140/90 से ज़्यादा):3
  • प्रेग्नेंसी से पहले
  • प्रेग्नेंसी के शुरूआती हफ़्तों में (20 हफ़्तों से पहले)
  • डिलीवरी के बाद
  1. जेस्टेश्नल हाइपरटेंशन: जो हाइपरटेंशन प्रेग्नेंसी के 20वें हफ़्ते के बाद शुरू हो और डिलीवरी के बाद ख़त्म हो जाए, उसे जेस्टेश्नल हाइपरटेंशन कहते हैं.
  2. प्रीक्लैम्पसिया: यह कंडीशन उन महिलाओं में देखी जाती है, जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य होता है. 20वें हफ़्ते या उसके बाद महिला को अचानक हाई ब्लड प्रेशर और पेशाब में प्रोटीन की समस्या हो जाती है. क्रॉनिक या जेस्टेश्नल हाइपरटेंशन वाली महिलाओं को भी प्रीक्लैम्पसिया हो जाता है.3 भारत में 5 से 15% प्रेग्नेंट महिलाओं में इस तरह का PIH होते पाया गया है.4

प्रीक्लैम्पसिया के लक्षण इस तरह हैं:1

  • दिखाई देने में परेशानी
  • लगातार सरदर्द होना
  • सांस लेने में परेशानी 
  • चक्कर आना या उल्टी महसूस होना
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • चेहरे और हाथों पर सूजन
  • अचानक वज़न का बढ़ना 

प्रीक्लैम्पसिया का अगर इलाज ना किया जाए, तो मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए गंभीर समस्या हो सकती है. इससे महिला की दिमागी हालत बिगड़ सकती है. इस समस्या को एक्लम्पसिया कहते हैं, जिसमें महिला को फ़ौरन अस्पताल में भर्ती करवाने की ज़रूरत होती है.1

प्रीक्लैम्पसिया डिलीवरी के बाद भी हो सकता है, जिसे पोस्टपार्टम प्रीएक्लम्पसिया कहा जाता है. यूं तो यह समस्या कम ही होती है, लेकिन बहुत ज़्यादा गंभीर होती है.1

PIH की वजह से होने वाली समस्याएं

PIH महिलाओं में ये समस्याएं पैदा कर सकता है:

  • प्रीक्लैम्पसिया
  • एक्लम्पसिया
  • स्ट्रोक
  • बच्चे को जन्म देने के लिए दवाओं की ज़रूरत
  • फ़ीटस को ऑक्सीज़न और पोषण उपलब्ध कराने वाले अंग प्लेसेंटा को यूटिरस की वॉल से अलग करना

मां को हाई ब्लड प्रेशर होने से बच्चे तक ऑक्सीजन और पोषण की सप्लाई कम हो जाती है, जिससे बच्चे में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि:

  • प्रेग्नेंसी के 37वें हफ़्ते से पहले ही बच्चे का जन्म हो जाना (प्री-टर्म प्रेगनंसी)
  • जन्म के समय बच्चे का वज़न बहुत कम होना1

हाइपरटेंशन से प्रभावित महिला प्रेग्नेंट होने से पहले क्या क़दम उठा सकती है?5 

यूं तो डॉक्टर आपको आपकी सेहत के मुताबिक़ ख़ास तरह के सुझाव दे सकता है, पर हम यहां कुछ ऐसी ज़रूरी हिदायतों की लिस्ट दे रहे हैं, जिनपर हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हर महिला अमल कर सकती है:

  • सोडियम का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा ना करें 
  • अगर आपका वज़न ज़्यादा है, तो सुरक्षित प्रेगनेंसी के लिए वज़न कम करने पर ध्यान दें
  • रेगुलर एक्सरसाइज़ करें, इससे आपको अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिलेगी
  • सिगरेट और शराब से दूरी बना लें
  • अपनी सभी दवाओं के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें.

PIH के इलाज के क्या-क्या विकल्प मौजूद हैं?

PIH के इलाज में सबसे पहले यह देखा जाता है कि महिला कितने दिन की प्रेग्नेंट है. अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि बच्चा काफ़ी हद तक डेवलप हो चुका है, वह जल्दी डिलिवरी कराने की बात कह सकते हैं.3

जेस्टेश्नल हाइपरटेंशन की समस्या को पूरी तरह से ख़त्म नहीं किया जा सकता, लेकिन कुछ ज़रूरी क़दम उठाकर हाई ब्लड प्रेशर के लिए ज़िम्मेदार चीज़ों पर कंट्रोल ज़रूर किया जा सकता है.3

सभी प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यहां एक मैसेज दिया गया है: अपनी सेहत का अच्छी तरह से ख़याल रखें. इससे आप और आपका बच्चा दोनों हेल्थी रहेंगे और आप मां बनने के सफ़र का खुशनुमा एहसास पा सकेंगी.

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Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.