Reading Time: 3 minutes

कई पेशंट अपनी इंसुलिन के डोज़ को समय पर लेना भूल जाते हैं या गलत समय पर लेते हैं.(1) जो लोग डोज़ लेना भूल जाते हैं या गलत समय पर डोज़ लेते हैं, उनमें अक्सर A1C का लेवल ज़्यादा रहता है और उन पर डायबिटीज़ से जुड़ी तकलीफों के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होने का जोख़िम ज़्यादा मंडराता है. यह उन लोगों के मुक़ाबले में कहा जा रहा है जो सावधानीपूर्वक अपने इंसुलिन को कंट्रोल में रखते हैं.(2)

सीधे शब्दों में कहें, तो इंसुलिन को समय पर न लेने से इसका उतना फ़ायदा नहीं मिल पाता जितना मिलना चाहिए. इसलिए, समय पर और सही मात्रा में डोज़ न लेने से आपका ग्लूकोज उतनी अच्छी तरह से कंट्रोल में नहीं रहेगा, जितना समय पर लेने से रहता है.

डोज़ लेना भूल जाना

अगर आप इंसुलिन की एक ख़ुराक लेना भूल जाते हैं, तो आपका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल बढ़ जाएगा याने आपको हाइपरग्लाइसीमिया की समस्या हो सकती है. हो सकता है ये बहुत कम मात्रा में बढ़ा हो और आपका ध्यान इस पर न गया हो. हालांकि हाइपरग्लाइसीमिया की वजह से पेशंट को इनमें से एक या कई लक्षणों का अनुभव हो सकता है:

– प्यास का बढ़ना
– बार-बार पेशाब होना
– भ्रम, सुस्ती, थकान या उनींदापन
– मिचली या उल्टी महसूस होना
– भूख न लगना
– त्वचा का सुखना और/या लाल चकत्ते पड़ जाना
– दिल के धड़कने की रफ़्तार तेज़ हो जाना

डायबिटिक केटोएसिडोसिस (सांसों से बदबू आना) होने की उम्मीद कम होती है, जो कि एक मेडिकल एमरजेंसी हो सकती है.

बार-बार डोज़ लेना भूल जाना या समय पर डोज़ न लेना

HbA1c: ख़राब ग्लूकोज कंट्रोल (HbA1c का इस्तेमाल करके मापा जाता है) की वजह से लंबे समय तक डायबिटीज़ को मैनेज करने की मंशा पर पानी फिर सकता है. स्टडीज़ से पता चलता है कि जो लोग इंसुलिन डोज़ लेना कभी नहीं भूले, उनमें ग्लूकोज़ को अच्छी तरह कंट्रोल में रखने की गुंजाइश ज़्यादा होती है, लगभग 25%,(3) जबकि जो लोग अक्सर अपनी डोज़ लेना भूल जाते हैं उनमें HbA1c, 0.5 से 1.5% बढ़ सकता है, हालांकि अगर वो समय पर सही ख़ुराक लेते तो ऐसा नहीं होता.(1,3,4)

इसे भी पढ़ें: इंसुलिन प्लांट डायबिटिक के लिए वरदान या शाप?

लंबे समय तक होने वाली समस्याएं: आइडियल ब्लड ग्लूकोज़ लेवल के थोड़ा उन्नीस-बीस होने पर आप पर इसका सीधा असर नहीं पड़ता है, इसलिए इससे होने वाले नतीजों की अनदेखी करना आसान हो सकता है. लेकिन लंबे समय को ध्यान में रखें, तो इससे डायबिटीज़ से जुड़ी समस्याओं का जोख़िम काफी बढ़ जाता है. डायबिटीज़ से जुड़ी समस्याएं कई हैं और इसमें त्वचा पर छालों के पड़ने से लेकर आंखों की रोशनी के कम होने और दिल का दौरा पड़ने की भी संभावना शामिल है.(4) आप यहां डायबिटीज़ से जुड़ी कई समस्याऑन को देख सकते हैं.

जीवन की गुणवत्ता: इसमें सिर्फ़ डायबिटीज़ को मैनेज करने की बात शामिल नहीं है, बल्कि इससे आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर ज़्यादा असर पड़ता है. इससे आपकी फ़िज़िकल एक्टिविटी पर असर पड़ सकता है, आप जो गोलियों खाते हैं उसकी मात्रा बढ़ाई जा सकती है, आपकी सेक्शुअल लाइफ़ नीरस हो सकती है और/या इससे आपकेसोशल लाइफ़ पर भी काफी असर पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, हो सकता है कि जब आप किसी के साथ हों, तो आप हद से ज़्यादा पसीना हो या बार-बार शौचालय जाने की ज़रूरत पड़े.

हॉस्पिटल और बिल: ख़राब ग्लाइसेमिक कंट्रोल की वजह से आपको डॉक्टर के पास और हॉस्पिटल में ज़्यादा बार जाने की ज़रूरत पड़ सकती है.(4) ऐसा भी हो सकता है कि आपको बार-बार ब्लड टेस्ट करना पड़े. इंसुलिन रेजिमेंट को सावधानीपूर्वक न फ़ॉलो करने से भी लंबे समय के लिए समस्या हो सकती है.

रास्ता निकालें

अगर आप किसी न किसी वजह से समय पर डोज़ लेना भूल जाते हैं, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानें. लंबे समय के लिए असर दिखाने वाले इंसुलिन, रिमाइंडर वाले ऐप्स और पिल ऑर्गनाइज़र ऐसे कुछ बेहतरीन तरीके हैं जिससे आप भूलने की इस समस्या से बच सकते हैं. अपने लिए थोड़ा सा समय निकाल कर और सही दिशा में कोशिश करके आप डायबिटीज़ के साथ भी, दशकों तक सेहतमंद ज़िंदगी गुज़ार सकते है और फ़िट रहने की ख़ुशी महसूस कर सकते हैं.

 

संदर्भ:

  1. Josse RG, Woo V. Flexibly timed once‐daily dosing with degludec: a new ultra‐long‐acting basal insulin. Diabetes, Obesity and Metabolism. 2013 Dec;15(12):1077-84.
  2. Peyrot M, Rubin RR, Kruger DF, Travis LB. Correlates of insulin injection omission. Diabetes care. 2010 Feb 1;33(2):240-5.
  3. Jaser SS, Datye KA. Frequency of missed insulin boluses in type 1 diabetes and its impact on diabetes control. Diabetes technology & therapeutics. 2016 Jun 1;18(6):341-2.
  4. Sarbacker GB, Urteaga EM. Adherence to insulin therapy. Diabetes Spectrum. 2016 Aug 1;29(3):166-70.

Loved this article? Don't forget to share it!

Disclaimer: The information provided in this article is for patient awareness only. This has been written by qualified experts and scientifically validated by them. Wellthy or it’s partners/subsidiaries shall not be responsible for the content provided by these experts. This article is not a replacement for a doctor’s advice. Please always check with your doctor before trying anything suggested on this article/website.