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सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और इस बार ज़्यादा ठंड पड़ने के आसार हैं. यह मौसम अच्छा तो होता है, लेकिन यह अपने साथ कई बीमारियां भी लेकर आता है. ख़ासतौर पर डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों को इस मौसम में ज़्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. गर्मी के मुक़ाबले ठंड के मौसम में HbA1c का स्तर ज़्यादा बढ़ जाता है.[1] असल में, इस मौसम में गरमाहट के लिए हमारा शरीर ज़्यादा मात्रा में ग्लूकोज़ का उत्पादन करता है, लेकिन डायबिटिक लोगों के लिए यह फ़ायदे की बजाय नुकसानदेह साबित हो सकता है.

सर्दियों में तापमान कम हो जाता है, इसलिए इस मौसम में डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों को अपनी जीवनशैली पर ख़ास ध्यान देना चाहिए और दिनचर्या में ज़रूरी बदलाव लाना चाहिए.

नई दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की डॉक्टर परिणिता कौर बता रही हैं कि डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों को सर्दी के मौसम में ठंड से बचने के लिए अपनी सेहत की देखभाल कैसे करनी चाहिए.

हॉट वाटर बैग या इलेक्ट्रिक कंबल का सही तरीके से इस्तेमाल करें

मधुमेह से ग्रस्त लोगों को हॉट वाटर बैग या इलेक्ट्रिक कंबल के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए. इससे त्वचा की संवेदनशीलता पर असर हो सकता है और त्वचा जल भी सकती है. ऐसी चीज़ों के सीधे संपर्क में आने से बचने के लिए आप उनके और त्वचा के बीच में तौलिया या दुपट्टा मोड़कर रखें. अगर हो सके तो ऐसी चीज़ों का इस्तेमाल किसी की देखरेख में करें.

अपनी त्वचा का ज़्यादा ख़याल रखें

सर्दियों में त्वचा की संवेदनशीलता कम हो जाती है, ख़ासतौर पर उन लोगों में जिन्हें न्यूरोपैथी की शिकायत हो. इसका मतलब यह है कि सुन्न हो जाने और दर्द का अहसास कम होने की वजह से डायबिटीज़ से प्रभावित लोग अपनी त्वचा के मामूली चोट को नज़र अंदाज कर देते हैं. इसलिए इस मौसम में अपने शरीर और ख़ासतौर पर हाथों और पैरों का ज़्यादा ख़याल रखना चाहिए. उन्हें नियमित रूप से यह भी देखना चाहिए कि त्वचा पर जलने, कटने या कोई घाव के निशान तो नहीं है. अपनी त्वचा को सही तरीके से मॉश्चराइज करें क्योंकि अगर आप रुखेपन की वजह से ज़्यादा खुजली करेंगे, तो इससे घाव भी हो सकता है.

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सर्दियों के महीनों में रोज़ाना एक्सरसाइज करें

डायबिटिक लोगों को ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित करने, इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने और शरीर को गर्म रखने के लिए इस मौसम में भी अपनी एक्सरसाइज़ जारी रखनी चाहिए. याद रखें कि किसी भी तरह की शारीरिक सक्रियता आपके मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाने के अलावा ब्लड शुगर लेवल पर 48 घंटों तक असर रहता है.

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सर्दियों में शारीरिक गतिविधि कम करने और ठंड से निपटने के लिए शरीर ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट की मांग करता है, जिससे वज़न से जुड़ी परेशानियां सामने आने लगती हैं. नियमित एक्सरसाइज, सेहतमंद दिनचर्या और डाइट को अपनाकर इन परेशानियों से बचा जा सकता है.

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

सर्दियों में हमें प्यास से ज़्यादा भूख लगती है और अक्सर हमारा शरीर हमें प्यास लगने का संकेत नहीं देता. लेकिन फिर भी शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए पानी की ज़रूरत पड़ती है. इसलिए ठंड के मौसम में भी 1 से 3 लीटर पानी ज़रूर पीना चाहिए. ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना ज़रूरी है.

सर्दियों के मौसम में दूसरी सावधानियां भी बरतें

डायबिटीज़ और दूसरी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इस मौसम में फ़्लू और निमोनिया के होने का आसार ज़्यादा होता है. इसलिए आपको इससे बचने के लिए टीके या किसी दवाई की ज़रूरत है या नहीं, यह जानने के लिए वक़्त-वक़्त पर डॉक्टर से जांच कराते रहें.

अपने स्वास्थ्य की सही तरीके से देखभाल करें ताकि आप बीमारियों से बचकर सर्दी के इस मौसम का लुत्फ़ उठा सकें.

कंटेंट की समीक्षा:अश्विनी एस कनाडे ने की है, जो रजिस्टर्ड डायटीशियन हैं और 17 सालों से मधुमेह से जुड़ी जानकारियां लोगों तक पहुंचा रही हैं.

संदर्भ:

  1. Tsujimoto T1, Yamamoto-Honda R, Kajio H, Kishimoto M, Noto H From the Department of Diabetes, Endocrinology, and Metabolism, National Center for Global Health and Medicine, Tokyo. Seasonal variations of severe hypoglycemia in patients with type 1 diabetes mellitus, type 2 diabetes mellitus, and non-diabetes mellitus: clinical analysis of 578 hypoglycemia cases. Medicine (Baltimore). 2014 Nov;93(23):e148. doi: 10.1097/MD.0000000000000148. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/m/pubmed/25415670/%5D/

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